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औरतों के नहीं मर्दों के ‘बे लिबास’ होने से खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 16 Feb 2014 10:37 AM IST
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टैगोर थिएटर में चंडीगढ़ संगीत नाटक कला अकादमी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय थिएटर उत्सव में शनिवार को दिल्ली कीइप्टा सोसाइटी ने ‘बे-लिबास’ नाटक का मंचन किया।
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नाटक को अजीज कुरैशी ने निर्देशित किया। नाटक में महिलाओं के साथ यौन शोषण, उनकी जिदंगी और उनकी परेशानियों पर आधारित है।
नाटक में तीन कहानियों को दिखाया है, जिसमें घर, ऑफिस और आस पड़ोस में होने वाली शारीरिक छेड़छाड़ से औरतें परेशान रहती हैं।
नाटक में आदमी को समाज के बनाए आदर्शों के पर्दे में छिपकर नारी के सामने बे-लिबास दिखाया है, जिससे वह उसकी अस्मत से हमेशा खेलता है।