तरनतारन मामलाः नशा तस्करों से साथी को न बचाने पर तीन पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड बर्खास्त
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तरनतारन जिले के गांव चौगावां में एसआई बलदेव सिंह से मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिस कर्मियों और एक होमगार्ड के जवान को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि घटनास्थल पर मौजूद पुलिस इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया गया है। सभी पुलिस कर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने अपने साथी को नशा तस्करों के हमले से बचाने की कोई कोशिश नहीं की।
सीएम के आदेश पर कार्रवाई करते हुए डीजीपी दिनकर गुप्ता ने तरनतारन के गांव चौगावां में 13 सितंबर को रेड करने गई थाना कच्चा पक्का की पुलिस टीम की भूमिका की जांच आईजी बार्डर रेंज से करवाई। रिपोर्ट के आधार पर तीन पुलिस कर्मी एएसआई सतविंदर सिंह, हेडकांस्टेबल गुरविंदर सिंह और कांस्टेबल निशान सिंह के अलावा होमगार्ड के जवान दर्शन सिंह को ड्यूटी में कोताही बरतने और मौके पर कोई कार्रवाई नहीं करने पर बर्खास्त कर दिया है।
इसके अलावा थाना कच्चा पक्का के एसएचओ झिरमल सिंह को घटना संबंधी संतोषजनक स्पष्टीकरण न देने के कारण पुलिस लाइन भेज दिया गया है। इस साजिश में गांव का पूर्व सरपंच जतिंदर सिंह उर्फ काला, शमशेर सिंह उर्फ शेरा के अलावा करीब 25 अन्य व्यक्ति शामिल थे। शमशेर सिंह, गुरजिंदर सिंह, दिलबाग सिंह और शरमेल सिंह (सभी चौगावां निवासी) और शुभ (तपियाला निवासी) को गिरफ्तार किया है । इनके अलावा 25-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
यह है मामला
डीजीपी के अनुसार कि हरविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि उसने संदीप से नशे की खेप ली थी। इस नशा सप्लाई की कड़ी की पृष्ठभूमि के संबंधों में जांच करते हुए पुलिस थाना कच्चा पक्का के सब इंस्पेक्टर बलदेव सिंह ने हेरोइन तस्करी में अमनदीप सिंह के शामिल होने के कारण उसे केस में नामजद किया और उसके घर छापा मारा। अमनदीप सिंह और उसके भाई ने अपने घर लोगों को इकट्ठा कर लिया और एसआई का कत्ल करने की कोशिश की।
कैप्टन ने यह लिखा ट्वीट में
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना बीते कल सोशल मीडिया के जरिए सामने आई। नारकोटिक्स रेड टीम एक गांव में नशे के संबंध में रेड करने गई थी, जिसकी अगुवाई सब-इंस्पेक्टर द्वारा की जा रही थी, लेकिन उससे वहां मारपीट की गई जबकि उनके साथ मौजूद एक एएसआई और चार जवान यह सब देखते रहे। पुलिस फोर्स के मुलाजिमों के साथ ऐसा कायराना व्यवहार बर्दाश्त योग्य नहीं है। इसलिए पांच को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।