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सीटीयू स्कैम मामले में तीन दोषी करार
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चंडीगढ़। सीबीआई अदालत ने 2010 में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) बस कंडक्टर भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी के मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराया है। वहीं, एक को बरी कर दिया है। मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट रवीश कौशिक की अदालत ने फैसला सुनाया। दोषियों की पहचान राजिंदर कुमार, संजय भारद्वाज और संदीप कुमार के रूप में हुई है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने हरियाणा निवासी नवीन कुमार को बरी कर दिया।
मामला अक्तूबर 2010 का है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की बस कंडक्टर भर्ती परीक्षा के दौरान सीबीआई को परीक्षा में नकल करवाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना पर सीबीआई ने सेक्टर-23 स्थित सरकारी गवर्नमेंट स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र में औचक दौरा किया था। इस दौरान टीम ने संजय को गिरफ्तार किया था, जो आवेदक राजिंदर के स्थान पर परीक्षा में बैठा था। संजय से पूछताछ के दौरान बताया था कि परीक्षा केंद्र के बाहर उसका एक साथी संदीप नकल करने में उसकी मदद कर रहा था। इसके बाद टीम ने उसे भी काबू कर लिया। आगामी जांच में सामने आया कि नवीन ने राजिंदर को पास करवाने के लिए साढ़े चार लाख रुपये की मांग की थी। इसमें से एक लाख रुपये वह ले चुका था, जबकि इस मामले में अगस्त 2019 में अदालत की ओर से दोषी ठहराए गए चार व्यक्तियों को दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है।
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मामला अक्तूबर 2010 का है। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की बस कंडक्टर भर्ती परीक्षा के दौरान सीबीआई को परीक्षा में नकल करवाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना पर सीबीआई ने सेक्टर-23 स्थित सरकारी गवर्नमेंट स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र में औचक दौरा किया था। इस दौरान टीम ने संजय को गिरफ्तार किया था, जो आवेदक राजिंदर के स्थान पर परीक्षा में बैठा था। संजय से पूछताछ के दौरान बताया था कि परीक्षा केंद्र के बाहर उसका एक साथी संदीप नकल करने में उसकी मदद कर रहा था। इसके बाद टीम ने उसे भी काबू कर लिया। आगामी जांच में सामने आया कि नवीन ने राजिंदर को पास करवाने के लिए साढ़े चार लाख रुपये की मांग की थी। इसमें से एक लाख रुपये वह ले चुका था, जबकि इस मामले में अगस्त 2019 में अदालत की ओर से दोषी ठहराए गए चार व्यक्तियों को दो साल की सजा सुनाई जा चुकी है।
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