{"_id":"6479f6dd2f280c5c7f0fcae7","slug":"three-cases-of-glanders-virus-recorded-in-punjab-2023-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Punjab News: लंपी के बाद अब खतरनाक वायरस ग्लैंडर्स की एंट्री, तीन केस मिले, आइसोलेट करने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Punjab News: लंपी के बाद अब खतरनाक वायरस ग्लैंडर्स की एंट्री, तीन केस मिले, आइसोलेट करने का आदेश
Fri, 02 Jun 2023 07:56 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 02 Jun 2023 07:56 PM IST
सार
पशुपालन विभाग के निदेशक रामपाल मित्तल ने बताया कि इस बीमारी के संबंध में भारत सरकार की ओर से जारी एक्शन प्लान के तहत रोकथाम के कदम उठाए जा रहे हैं। सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को सर्विलांस बढ़ाने को कह दिया गया है।
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लंपी के बाद पंजाब में अब खतरनाक वायरस ग्लैंडर्स ने दस्तक दे दी है। वायरस जनित यह बीमारी घोड़ों, खच्चरों व गधों में होती है। इसके बाद इंसान भी संक्रमित हो सकते हैं।पंजाब में अब तक ग्लैंडर्स के तीन केस मिल चुके हैं। पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है और सभी जिलों के अधिकारियों को एडवाइजरी जारी करके अपने-अपने इलाकों में सर्विलांस बढ़ाने का आदेश जारी किया है। यहां चिंता वाली बात यह है कि देश में फिलहाल ग्लैंडर्स की रोकथाम के लिए कोई वैक्सीन नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक ग्लैंडर्स जानलेवा बीमारी कैंसर से भी ज्यादा खतरनाक है। इसमें मृत्यु दर 95 प्रतिशत है।
विज्ञापन
पशुपालन विभाग के जिला डिप्टी डायरेक्टर डॉ. गुरचरन सिंह के मुताबिक करीब 15 सालों के बाद ग्लैंडर्स ने पंजाब में दस्तक दी है। अब तक होशियारपुर, लुधियाना व बठिंडा में ग्लैंडर्स का एक-एक केस मिला है है। इसे देखते हुए पशुपालन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है। निर्देश दिया गया है कि अगर किसी इलाके में ग्लैंडर्स के लक्षणों से संक्रमित पशु के बारे में पता लगता है तो तुरंत उसे आइसोलेट करके सैंपलिंग करें ताकि इसे अन्य पशुओं में फैलने से रोका जा सके।
विज्ञापन
इसके अलावा अगर कोई घोड़ा, खच्चर या गधा ग्लैंडर्स संक्रमित पाया जाता है तो उस इलाके के पांच किलोमीटर तक के एरिया को सर्विलांस जोन घोषित करके वहां के बाकी पशुओं की सैंपलिंग करें। 25 किलोमीटर तक के इलाके को सर्विलांस जोन घोषित करने का निर्देश भी दिया गया है। संक्रमित पशु को मारकर 10 फीट के गड्ढे में दबाया जाता है ताकि वायरस न फैल सके।
विज्ञापन
पशुपालन विभाग के निदेशक रामपाल मित्तल ने बताया कि इस बीमारी के संबंध में भारत सरकार की ओर से जारी एक्शन प्लान के तहत रोकथाम के कदम उठाए जा रहे हैं। सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को सर्विलांस बढ़ाने को कह दिया गया है। घोड़ा पालने वालों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
क्या हैं पशु में ग्लैंडर्स के लक्षण
नाक से पानी का बहना, सारे शरीर में फफोलों का होना, इन फफोलों में सूजन व पस पड़ना व फिर खून बहने लगना बुखार आना व सांस लेने में तकलीफ का होना।