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तरनतारन: मंदिर के बाहर लगाया पोस्टर, शिवसेना नेता को दी गई जान से मारने की धमकी
Thu, 27 Feb 2020 08:57 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, तरनतारन ( पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, तरनतारन ( पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 27 Feb 2020 08:57 PM IST
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तरनतारन में धमकी के बाद बैठक करते शिवसेना नेता।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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सूबे में हिंदू संगठनों के नेता निशाने पर आ गए हैं। गुरुवार सुबह श्री ठाकुर द्वारा मदन मोहन मंदिर के बाहर खालिस्तान समर्थकों ने धमकी भरा पोस्टर लगाया है। इसमें शिवसेना नेता अश्वनी कुमार कुक्कू को जान से मारने की धमकी दी गई।
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शिवसेना (बाल ठाकरे) के प्रदेश उपाध्यक्ष अश्वनी कुमार कुक्कू आतंकवाद के खिलाफ मुखर रहे हैं। उन पर कई जानलेवा हमले भी हो चुके हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कुक्कू को पुलिस की ओर से दो गनमैन मुहैया कराए थे। गुरुवार को सुबह श्री ठाकुर द्वारा मदन मोहन मंदिर के बाहर (चार खंभा चौक) पर खालिस्तानी समर्थकों का धमकी भरा पोस्टर लगा मिला। इसमें लिखा था कि अमृतसर और धारीवाल में शिवसेना नेताओं के साथ जो हुआ, ऐसा ही हाल कुक्कू का होगा।
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रोजाना माथा टेकने मंदिर पहुंचे अश्वनी कुमार कुक्कू ने खुद पोस्टर पढ़ा और डीएसपी सुच्चा सिंह बल्ल को जानकारी दी। कुछ देर बाद थाना सिटी के प्रभारी (आईपीएस) तुषार गुप्ता मौके पर पहुंचे और पोस्टर कब्जे में ले लिया। कुक्कू ने कहा कि उन्हें पहले भी कई बार आतंकी संगठन बब्बर खालसा की ओर से जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। वह इन धमकियों की परवाह नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ देश और समाज विरोधी ताकतें प्रदेश का माहौल बिगाड़ना चाहती हैं। इस बाबत हम सभी को चौकस रहने की जरूरत है।
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आतंकवाद का डटकर करेंगे मुकाबला
शिवसेना (बाल ठाकरे) के जिलाध्यक्ष हरजीत सिंह हीरा, शहरी अध्यक्ष अवनजीत सिंह बेदी, स्वतंत्र भनोट, राम गोपाल जोशी, तेजिंदपाल टींडा, महंत संजीव डिंपी, जतिंदर कुमार, गगन चौधरी, दलीप कुमार, माना अग्निहोत्री, दविंदर शर्मा ने बैठक की। उन्होंने कहा कि खालिस्तानी समर्थकों का शिवसेना डटकर विरोध करती रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर सूबे में आतंकवाद को पुनर्जीवित नहीं होने दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बटाला में दो दिन पहले ही शिवसेना नेता के भाई की तेजधार हथियारों से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले 11 फरवरी को शिवसेना हिंदुस्तान के नेता हनी महाजन पर भी जानलेवा हमला हुआ था। हमले में उनके साथ बैठे एक दुकानदार की मौत हो गई थी।