फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Threaten To Blow Many Railway Stations And Temples

मुंबई, चेन्नई और बंगलूरू समेत कई रेलवे स्टेशनों, मंदिरों को उड़ाने की धमकी, मिला पत्र

Sun, 15 Sep 2019 06:35 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sun, 15 Sep 2019 06:35 PM IST
सार

 
  • रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र, बाम्बे सिटी, चेन्नई, बेंगलुरु, जयपुर, कोटा, भोपाल, इटारसी, दुर्ग स्टेशनों पर धमाके की धमकी।
  • राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, हरियाणा व यूपी के स्टेशन व मंदिरों का भी पत्र में किया गया उल्लेख।

विज्ञापन
Threaten To Blow Many Railway Stations And Temples
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

जैश-ए-मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसुल अहमद के नाम से रोहतक रेलवे स्टेशन मास्टर को धमकी भरा पत्र मिलने के बाद से जीआरपी, आरपीएफ की एसआईवी (स्पेशल इंटेलीजेंस विंग), आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) और हरियाणा की सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। जीआरपी और आरपीएफ के उच्चाधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बावजूद इसके रोहतक स्टेशन पर रविवार को सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे रही। हां, इतना जरूर रहा कि कागजों में सघन चेकिंग की मगर स्टेशन पर पुलिसकर्मी नजर नहीं आए।

विज्ञापन


रोहतक रेलवे स्टेशन मास्टर यशपाल मीणा को शनिवार की दोपहर डाकिया के माध्यम से दो पत्र मिले। जैसे ही स्टेशन मास्टर ने पहला पत्र खोलकर पढ़ा तो उनके होश उड़ गए। पत्र भेजने वाले ने अपना नाम जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर मैसुल अहमद जम्मू-कश्मीर, करांची पाकिस्तान लिखा था। उसने पत्र में लिखा है कि आठ अक्तूबर को जैश-ए-मोहम्मद अपने जेहादियों की हुई मौत का बदला जरूर लेगा और रेलवे स्टेशनों व मंदिरों में धमाके करेगा। 
विज्ञापन


पत्र में लिखा है कि रोहतक, हिसार, कुरुक्षेत्र, महाराष्ट्र के मुंबई सिटी स्टेशन, चेन्नई, बंगलूरू, जयपुर, कोटा, भोपाल, इटारसी, दुर्ग के स्टेशनों पर बम धमाके करेगा। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, हरियाणा व यूपी के स्टेशन पर मंदिरों को निशाना बनाकर उड़ाया जाएगा। इस पत्र को पढ़ने के बाद स्टेशन मास्टर के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत मामले की जानकारी दिल्ली मुख्यालय के अधिकारियों को दी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मामले की गंभीरता को देख उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने के बाद स्टेशन मास्टर यशपाल मीणा ने आरपीएफ से संपर्क साधा और फिर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जीआरपी ने यह मामला आईपीसी की धारा 124ए, 153ए, 295ए, 505(1) बी में दर्ज करके अंबाला मुख्यालय को सूचित किया। इसकी जानकारी होने के बाद जीआरपी और आरपीएफ मुख्यालयों से रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के मद्देनजर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।

निर्देश दिए गए कि रेलवे स्टेशन पर सघन चेकिंग की जाए ताकि नापाक मंसूबे पूरे नहीं हो सके। मगर अफसोस है कि हाई अलर्ट के बावजूद रविवार को रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे नजर आई। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन पर न जीआरपी और न आरपीएफ की सुरक्षा व्यवस्था नजर आई। न यात्रियों के सामान की चेकिंग की गई और न बाहर खड़े वाहनों की। सूत्र बताते हैं कि जीआरपी ने रेलवे स्टेशन और ट्रेनों के अंदर चेकिंग की है मगर वह सिर्फ कागजों में।

धमकी भरे पत्र का मजमून

हम अपने जेहादियों की मौत का बदला जरूर लेंगे। इस बार भारत सरकार के होश उड़ा देंगे। आठ अक्तूबर को स्टेशनों व मंदिरों को निशाना बनाकर उड़ा देंगे। हम जेहादी हजारों की संख्या में हिंदुस्तान को तबाह कर देंगे। चारों ओर खून ही खून नजर आएगा। खुदा हाफिज, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर मैसुद अहमद।

पत्र किसी की शरारत, आतंकी अपने संगठन को आतंकवादी संगठन नहीं लिखते

जानकारों का कहना है कि पत्र के लब्बोलुआब से स्पष्ट होता है कि यह किसी की शरारत भी हो सकती है। इसकी वजह, पत्र में कहीं भी उर्दू को कोई अल्फाज नहीं। दूसरा कोई भी आतंकी अपने संगठन को आतंकवादी संगठन नहीं कहता। वह अपने को सिर्फ जेहादी मानते हैं आतंकवादी नहीं।

जांच अधिकारी ने डाकिया से की पूछताछ

जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि जैसे ही स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई वैसे ही जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र ने पत्र और उसके लिफाफे को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद मुख्य डाकघर से संपर्क करके डाकिया के बारे में जानकारी की गई। डाकिया को थाने पर बुलाकर पूछताछ की गई।

बताते हैं कि डाकिया ने बताया कि मुख्य डाकघर से रेलवे स्टेशन मास्टर के नाम से दो डाक मिली थी, जो उसने सीधे स्टेशन पर दी। उससे पूछा गया कि वह स्टेशन आते समय किसी से मिला था या किसी ने तो डाक नहीं दी। इस पर उसने स्पष्ट इनकार कर दिया।

लिफाफे की मोहर अस्पष्ट, डाकघर से साधा संपर्क

जिस लिफाफे के अंदर धमकी भरा पत्र आया था, उस पर डाकघर की मोहरें काफी हल्की है। मोहर कहां से लगी है, इसका पता लगाने में जांच अधिकारी एसआई नरेंद्र जुट गए हैं। उन्होंने डाकघर के अफसरों से संपर्क साधाकर कहां से पत्र पर मोहर लगी है, इसका पता लगाने के लिए कहा हैं। बताते हैं कि डाक विभाग के अफसर ने जांच अधिकारी को सोमवार बुलाया है।

आरपीएफ की एसआईवी टीम ने ली जानकारी

स्टेशनों को उड़ाने की धमकी का पत्र मिलने के बाद आरपीएफ की एसआईवी (स्पेशल इंटेलीजेंस विंग) सक्रिय हो गई है। इसके चलते रविवार को रोहतक आए एक अफसर ने आरपीएफ और जीआरपी से मामले की जानकारी हासिल की। उन्होंने ट्रेनों के साथ-साथ स्टेशन पर संदिग्धों पर नजर रखने और सक्रियता बढ़ाने के आदेश दिए। स्टेशन पर आने वाले वाहनों की विशेष चेकिंग करने के लिए भी निर्देश दिए।

जीआरपी से प्रदेश की खुफिया एजेंसियों ने लिया इनपुट

प्रदेश की खुफिया एजेंसियों ने रविवार को मामले की जानकारी होने के बाद संपर्क करके पत्र के बारे में जानकारी ली। खुफिया एजेंसियों ने अब तक की गई जांच में मिले इनपुट के बारे में भी पता किया है।

रेलवे स्टेशन पर आने-जाने पर नहीं कोई रोकटोक

रोहतक रेलवे स्टेशन पर आने-जाने के लिए कोई रोकटोक नहीं है। कभी भी कोई किधर से भी आ सकता है। रेलवे स्टेशन पर आने तीन प्रमुख रास्ते हैं। एक मुख्य गेट, दूसरा टिकट काउंटर गेट और तीसरा आरपीएफ थाने के पास। इसके अलावा माल गोदाम अथवा वैश्य कॉलेज की तरफ से भी रास्ता है।

हकीकत यह है कि सुरक्षा के नाम पर सिर्फ एक रास्ते पर जीआरपी का काउंटर बना हुआ है। इसके अलावा कहीं पर भी सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आती। असामाजिक तत्वों के साथ-साथ नशेबाज व भीख मांगने वाले भी स्टेशन पर घूमते रहते हैं। जीआरपी और आरपीएफ इन असामाजिक तत्वों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। जिसकी वजह से यात्रियों को काफी परेशानी होती है।

जैश-ए-मुहम्मद का धमकी भरा पत्र मिलने के बाद से हाई अलर्ट किया हुआ है, जिसके चलते स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। दावा किया कि शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि 2:30 बजे तक चेकिंग की।

रविवार को हाई अलर्ट के बावजूद स्टेशन पर कहीं भी सुरक्षा इंतजाम व जीआरपी कर्मियों के नहीं मिलने के मामले पर कहा कि सभी को सघन चेकिंग के आदेश दिए गए हैं। अंबाला से आकर पता करके ही बताया जा सकेगा की हकीकत क्या है। स्नेहीराज, थाना प्रभारी जीआरपी रोहतक

जांच के चलते धमकी भरे पत्र और लिफाफे की मूल प्रति कब्जे में ली गई है। चूंकि धमकी भरा पत्र साधारण डाक से आया है, इसलिए उसके बारे में यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि पत्र कहां से आया।

इसकी अहम वजह डाकघर की मोहर का काफी हल्का होना भी है। जांच की जा रही है मगर इसको लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। पत्र के बाबत सुरक्षा एजेंसियां जो जानकारी मांग रही है, वह दी जा रही है। नरेंद्र सिंह, जांच अधिकारी जीआरपी रोहतक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed