फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   This Year 12 lakh hectares of paddy will be sown directly in Punjab

पंजाब: गिरते जलस्तर पर जागी सरकार, 12 लाख हेक्टेयर धान की होगी सीधी बिजाई

Wed, 19 May 2021 10:04 AM IST
निवेदिता वर्मा अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 19 May 2021 10:04 AM IST
सार

पंजाब के 12 जिलों में जहां धान की सबसे ज्यादा खेती होती है, वहां जलस्तर 20 मीटर तक नीचे चला गया है। जितना धान पंजाब में उगाया जाता है, उतने के लिए करीब 63 हजार बिलियन लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है। चिंताजनक बात यह है कि इसमें से 70 फीसदी भूमिगत पानी है।

विज्ञापन
This Year 12 lakh hectares of paddy will be sown directly in Punjab
धान

विस्तार

पंजाब में गिरते जल स्तर को लेकर प्रदेश सरकार जाग गई है। धान के सीजन में अधिक से अधिक पानी बचाने के लिए सीधी बिजाई पर फोकस कर रही है। इस कारण इस साल प्रदेश में 12 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य रखा है। इस विधि से धान की बिजाई 25 मई से शुरू होगी, जो 2 जून तक की जाएगी। इस कार्य में सरकार और कृषि विशेषज्ञ राज्य के प्रगतिशील किसानों की मदद ले रहे हैं।

विज्ञापन


पंजाब में धान उगाने के लिए न केवल भूमिगत पानी का दोहन होता है, साथ में अच्छी पैदावार के लिए जमकर उर्वरक का भी प्रयोग किया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक, पंजाब में एक किलो धान उगाने के लिए 17 लीटर तक पानी का इस्तेमाल किया जाता है। केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार भी हर साल गिरते जलस्तर को लेकर चिंता जताती है। अब पंजाब सरकार ने इस गंभीर समस्या पर काम शुरू कर दिया है। 
विज्ञापन



धान की बिजाई के दौरान पानी के खर्च को रोकने के लिए अब सरकार धान की सीधी बिजाई विधि पर फोकस कर रही है। यही कारण है कि इस साल धान के सीजन से पूर्व राज्य के प्रगतिशील किसानों को साथ लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। इसके कारण 2020 के मुकाबले सीधी बिजाई के क्षेत्रफल में काफी इजाफा हुआ है। इस साल 12 लाख हेक्टेयर में धान को सीधी बिजाई के तकनीक से उगाया जाएगा। इस तकनीक को कृषि विशेषज्ञ भी जल को बचाने के लिए बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

बिजली की विशेष आपूर्ति

25 मई से 2 जून तक होने वाली धान की सीधी बिजाई के लिए खेत में पानी की सुचारु आपूर्ति के लिए विशेष बिजली की आपूर्ति की जाएगी। विशेषज्ञ भी कोरोना महामारी के चलते लेबर की कमी के कारण किसानों के लिए धान की सीधी बिजाई को बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

ट्यूबवेल पर लगेगी लगाम
इस विधि के प्रयोग से बरसात के पानी को भी रोकने में काफी मदद मिलेगी। इससे सिंचाई में प्रयोग होने वाले ट्यूबवेलों की संख्या में भी कमी आएगी। एक अनुमान के अनुसार राज्य में सिंचाई के लिए 14 लाख से अधिक ट्यूबवेलों का उपयोग किसानों के द्वारा किया जा रहा है।
 

राज्य में भू-जल का स्तर गिर रहा है, यह चिंताजनक है। धान की सीधी बिजाई की तकनीक गिरते जल स्तर को बचाने में कारगर साबित होगी। सरकार भी इस तकनीक को अपनाने वाले किसानों को सहयोग कर रही है। -डा. बलविंदर सिंह सिद्धू, कृषि कमिश्नर, पंजाब।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed