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हरियाणा विस सत्र: एमएसपी गारंटी के कानून का प्रस्ताव न भेजने पर कांग्रेस का हंगामा, वाकआउट किया, स्पीकर बोले- यह केंद्र का विषय
Tue, 21 Dec 2021 10:57 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 21 Dec 2021 10:57 AM IST
सार
सरकार ने प्रश्नकाल के दौरान सदन को जानकारी दी कि स्कूलों में खाली पड़े चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 6662 पद जल्द भरे जाएंगे। सफाई कर्मचारियों, स्वीपर, चौकीदार व चपरासी की नियुक्तियां होंगी।
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हरियाणा विधानसभा।
- फोटो : twitter @mlkhattar
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विस्तार
हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को एमएसपी की गारंटी के कानून के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव न भेजने पर कांग्रेस ने जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस विधायक इस विषय पर दिए गए नोटिस के नामंजूर होने से खफा थे। शून्यकाल के शुरू होते ही कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने इस मुद्दे पर केंद्र को प्रस्ताव भेजने की मांग की, जिस पर स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता तैयार नहीं हुए। इससे नाराज कांग्रेस विधायकों ने वाकआउट कर दिया।
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किरण ने विधानसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों के नियम 171 के तहत नोटिस दिया था ताकि प्रस्ताव पारित कर भेजा जा सके। लेकिन, सरकार तैयार नहीं हुई। स्पीकर ने कहा कि यह केंद्र सरकार का विषय है। इस पर सदन में न तो चर्चा करा सकते हैं, न प्रस्ताव भेजा जा सकता। पहले एक दिन में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा होती थी, हमने दो प्रस्ताव पर करानी शुरू की। जब ध्यानाकर्षण, स्थगन प्रस्ताव की कुल संख्या 50 होगी, तो सब पर चर्चा कैसे करा सकते हैं।
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कांग्रेस विधायकों ने स्पीकर के निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताई। किरण ने कहा कि एमएसपी किसानों से जुड़ा अहम मुद्दा है, इस पर प्रस्ताव पारित कर भेजना चाहिए। सरकार किसानों को एमएसपी की गारंटी का कानून देना ही नहीं चाहती। जब तीन कृषि कानून बने थे, उस समय तो प्रदेश सरकार ने विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था। अब कानून वापस हो गए हैं तो सरकार उस प्रस्ताव को वापस लेते हुए सर्व सम्मति से एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने का प्रस्ताव भेजें। वर्तमान में एमएसपी 23 फसलों के लिए कृषि लागत और मूल्य आयोग की ओर से घोषित किया जाता है। गेहूं, धान, कपास, गन्ना इत्यादि फसलों की ही एमएसपी पर खरीद होती है, अन्य फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को नहीं मिलता।
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किसान हितैषी बनने की कोशिश न करे कांग्रेस: कंवर पाल
संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल ने कहा कि कांग्रेस के समय 2 फसलों पर एमएसपी मिलती थी, भाजपा सरकार 11 फसलों पर दे रही है। कांग्रेस किसान हितैषी बनने की कोशिश न करे।
एमएसपी की गारंटी देने को गंभीर नहीं सरकार: हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि कानून भले केंद्र सरकार ने एमएसपी पर बनाना हो लेकिन विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सिफारिश तो की ही जा सकती है। सरकार एमएसपी की गारंटी के कानून को लेकर गंभीर ही नहीं है।
दो मंडलायुक्त की रिपोर्ट आने के बाद दिया जाएगा किसानों को मुआवजा: दुष्यंत
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि बेमौसमी बारिश, जलभराव से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए विशेष फसल निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। दो मंडलायुक्त की रिपोर्ट आनी शेष है। रिपोर्ट मिलने के बाद मुआवजा देने के बारे में राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया जाएगा। विधायक शीशपाल सिंह के सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम ने बताया कि बेमौसमी बारिश के कारण प्रदेश के 11 जिलों में बाजरा, कपास, मूंग, धान और गन्ने की फसल को नुकसान होने की शिकायतें मिली थी। इस पर राज्य सरकार ने 4 मंडल आयुक्तों को इस बारे में रिपोर्ट तैयार करके भेजने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में सिरसा जिला में गुलाबी सुंडी नामक कीट के हमले और बेमौसमी बारिश एवं जलभराव से कुल 76,782 एकड़ क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। बाजरा, कपास, मूंग, धान और गन्ने की खड़ी फसलों को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए 30 सितंबर और 19 अक्तूबर 2021 को विशेष गिरदावरी के आदेश जारी किए गए थे। हिसार मंडल से इस बारे में रिपोर्ट अपेक्षित है, रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मुआवजा देने का निर्णय लिया जाएगा।