फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   There will be no voting on the High Court building for now, proposal to de-reserve forest land

Chandigarh News: हाईकोर्ट की इमारत को लेकर फिलहाल नहीं होगी वोटिंग, वन भूमि को अनारक्षित करने का प्रस्ताव

Thu, 28 Aug 2025 11:49 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 11:49 PM IST
विज्ञापन
There will be no voting on the High Court building for now, proposal to de-reserve forest land
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने न्यायालय को सारंगपुर स्थानांतरित करने के लिए अपनी प्रस्तावित आम सभा की बैठक और वोटिंग को स्थगित कर दिया है। इमारत से सटी वन भूमि को अनारक्षित करने के संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए हस्तक्षेप किया है।
विज्ञापन

बार एसोसिएशन विस्तार और स्थानांतरण के बीच निर्णय लेने से पहले केंद्र के जवाब का इंतजार किया जाएगा। बार एसोसिएशन की सचिव गगनदीप जम्मू ने न्यायालय ने बताया कि सेक्टर 1 परिसर चंडीगढ़ के यूनेस्को विश्व धरोहर-घोषित कैपिटल कॉम्प्लेक्स का हिस्सा है, कोर्ट परिसर जगह की भारी कमी को दूर करने के तरीकों पर गहन विचार-विमर्श कियाजा रहा है।
विज्ञापन

फिलहाल दो मुख्य विकल्पों पर विचार-विमर्श चल रहा था। पहला बार एसोसिएशन हॉल के सामने छह मंजिला इमारत तैयार करना जिसमें तीन बेसमेंट में पार्किंग व तीन मंजिलों पर 16 कोर्ट रूम बनाने की। यह योजना 200 करोड़ की की है। हालाँकि, इस योजना के लिए यूनेस्को की स्वीकृति आवश्यक है। न्यायालय ने हाल ही में रॉक गार्डन से सटी वन भूमि को अनारक्षित करके मौजूदा परिसर में और जगह जोड़ने का सुझाव दिया था। कहा जा रहा है कि इससे न्यायाधीशों और वकीलों, दोनों के लिए पर्याप्त जगह मिल सकती है। दूसरा विकल्प सारंगपुर में 48.8 एकड़ की जगह पर स्थानांतरण का है। वहां 42 लाख वर्ग फुट निर्मित क्षेत्र, 140 कोर्टरूम और आठ प्रवेश-निकास बिंदुओं वाला एक आधुनिक परिसर प्रस्तावित है। हालाँकि, उच्च न्यायालय ने सारंगपुर जाने वाली सड़क पर यातायात की अव्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की है, जो स्थानांतरण के उद्देश्य को ही कमजोर कर सकती है। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति रमेश कुमारी की खंडपीठ के समक्ष हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान, इस बात पर ज़ोर दिया गया कि किसी भी स्थानांतरण निर्णय के लिए आम सभा के मतदान के माध्यम से बार की स्वीकृति आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed