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Chandigarh News: ठंड में नहीं होगा कोई नुकसान, कीजिए रक्तदान... बचाइए जरूरतमंद की जान
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चंडीगढ़। ठंड बढ़ने के साथ ही ब्लड बैंकों में खून की कमी मरीज के इलाज में परेशानी का सबब बनने लगी है। स्थिति यह है कि खून की कमी को दूर करने के लिए पीजीआई जहां ट्राइसिटी के बाहर रक्तदान शिविर आयोजित कर ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करने की अपील कर रहा है, वहीं रक्तदान शिविर का आयोजन करने वाले सामाजिक संगठन भी कॉलेज बंद होने के कारण काफी परेशान है। उनका कहना है कि ठंड की वजह से युवा कॉलेज में कम आ रहे हैं। इस वजह से शिविर की सफलता संभव नहीं हो पा रही है जबकि ठंड के कारण खुले में शिविर लगाना भी उनके लिए एक चुनौती बना हुआ है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ युवाओं से ठंड की चिंता किए बिना रक्तदान करने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि ठंड में रक्तदान करने से किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आती बल्कि गंभीर मरीजों की जान बचाने में सहयोग मिलता है।
पीजीआई ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के प्रमुख प्रो. रतिराम शर्मा का कहना है कि रक्तदान के मानकों का पालन करते हुए वर्ष के 12 महीने खून दिया जा सकता है। जहां तक ठंड में खुले में लगे शिविर में ठंड से बचाव की व्यवस्था न होने की बात है तो उस स्थान पर ब्लड बैंक एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इसलिए जो भी युवा रक्तदान करना चाहे वह अपने आसपास स्थित या पीजीआई के ब्लड बैंक में आकर संपर्क कर सकते हैं।
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पंजीकृत रक्तदाताओं से ली जा रही मदद
श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान राकेश कुमार सैंगर का कहना है कि कॉलेज बंद होने के कारण युवाओं से संपर्क नहीं हो पा रहा है। यह स्थिति जनवरी के दूसरे सप्ताह तक ऐसे ही रहेगी। ऐसे में गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए आयोजित किए जाने वाले रक्तदान शिविरों में पुराने पंजीकृत रक्तदाताओं से मदद ली जा रही है। संस्था के सदस्य उन्हें कॉल कर रक्तदान करने के लिए मोटिवेट कर रहे हैं। जबकि मार्केट व अन्य स्थान में खुले में लगने वाले शिविरों में ठंड से बचाव के समुचित व्यवस्था के लिए ब्लोअर और बड़े वाले हीटर लगाए जा रहे हैं जिससे दाता को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो।
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कीजिए रक्तदान... आपको भी होगा फायदा
जीएमसीएच-32 के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की प्रो. रवनीत कौर का कहना है कि रक्तदान करने से शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती है जबकि इससे शरीर और स्वस्थ बनता है। डोनेट करने के बाद 24 घंटे में वापस शरीर में उतना ही ब्लड बन जाता है। इसके लिए खान-पानी सही रखना जरूरी है। इसके साथ ही ब्लड डोनेट करते समय पांच तरह की जांच भी होती है, वह भी बिल्कुल मुफ्त। ब्लड डोनेट करने से पहले रक्तदाता के पांच टेस्ट किए जाते हैं। इसमें एचआईवी, मलेरिया, पीलिया, हेपेटाइटिस ए और गुप्त रोग शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति को इनमें से कोई भी बीमारी है तो उसे समय पर पता चल जाता है। हर स्वस्थ व्यक्ति को कम से कम 3 माह के अंतराल में एक बार रक्तदान जरूरी करना चाहिए।
इनसेट -
रक्तदान के फायदे
- रक्तदान करने से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है क्योंकि रक्तदान से खून का थक्का नहीं जमता, इससे खून कुछ मात्रा में पतला हो जाता है।
- रक्तदान से वजन कम करने में मदद मिलती है। इसीलिए हर साल कम से कम दो बार रक्तदान करना चाहिए।
- रक्तदान से शरीर में ऊर्जा आती है क्योंकि उसके बाद नए ब्लड सेल्स बनते हैं। इससे शरीर में स्फूर्ति आती है।
- रक्तदान से लिवर से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है। शरीर में ज्यादा आयरन की मात्रा लिवर पर दवाब डालती है और रक्तदान से आयरन की मात्रा संतुलित हो जाती है।
- आयरन की मात्रा संतुलित होने से लिवर स्वस्थ बनता है और कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।
इनसेट-
रक्तदान करने से पहले इसका रखें ध्यान
- रक्तदान करने वाले दिन सुबह ठीक से नाश्ता करें, भरपूर पानी पिएं।
- अगर कोई दवा नियमित रूप से लेते हैं तो उसे जरूर लें, रक्तदान करने से पहले इसकी जानकारी वहां मौजूद डॉक्टर को जरूर दें।
- रक्तदान करने से पहले भरे जाने वाले फार्म में सभी जानकारियां ठीक से भरें।
- अगर आपने पूर्व में रक्तदान किया है तो उसके 90 दिन गुजर चुके हों।
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पीजीआई ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के प्रमुख प्रो. रतिराम शर्मा का कहना है कि रक्तदान के मानकों का पालन करते हुए वर्ष के 12 महीने खून दिया जा सकता है। जहां तक ठंड में खुले में लगे शिविर में ठंड से बचाव की व्यवस्था न होने की बात है तो उस स्थान पर ब्लड बैंक एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इसलिए जो भी युवा रक्तदान करना चाहे वह अपने आसपास स्थित या पीजीआई के ब्लड बैंक में आकर संपर्क कर सकते हैं।
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पंजीकृत रक्तदाताओं से ली जा रही मदद
श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान राकेश कुमार सैंगर का कहना है कि कॉलेज बंद होने के कारण युवाओं से संपर्क नहीं हो पा रहा है। यह स्थिति जनवरी के दूसरे सप्ताह तक ऐसे ही रहेगी। ऐसे में गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए आयोजित किए जाने वाले रक्तदान शिविरों में पुराने पंजीकृत रक्तदाताओं से मदद ली जा रही है। संस्था के सदस्य उन्हें कॉल कर रक्तदान करने के लिए मोटिवेट कर रहे हैं। जबकि मार्केट व अन्य स्थान में खुले में लगने वाले शिविरों में ठंड से बचाव के समुचित व्यवस्था के लिए ब्लोअर और बड़े वाले हीटर लगाए जा रहे हैं जिससे दाता को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो।
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कीजिए रक्तदान... आपको भी होगा फायदा
जीएमसीएच-32 के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की प्रो. रवनीत कौर का कहना है कि रक्तदान करने से शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती है जबकि इससे शरीर और स्वस्थ बनता है। डोनेट करने के बाद 24 घंटे में वापस शरीर में उतना ही ब्लड बन जाता है। इसके लिए खान-पानी सही रखना जरूरी है। इसके साथ ही ब्लड डोनेट करते समय पांच तरह की जांच भी होती है, वह भी बिल्कुल मुफ्त। ब्लड डोनेट करने से पहले रक्तदाता के पांच टेस्ट किए जाते हैं। इसमें एचआईवी, मलेरिया, पीलिया, हेपेटाइटिस ए और गुप्त रोग शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति को इनमें से कोई भी बीमारी है तो उसे समय पर पता चल जाता है। हर स्वस्थ व्यक्ति को कम से कम 3 माह के अंतराल में एक बार रक्तदान जरूरी करना चाहिए।
इनसेट -
रक्तदान के फायदे
- रक्तदान करने से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है क्योंकि रक्तदान से खून का थक्का नहीं जमता, इससे खून कुछ मात्रा में पतला हो जाता है।
- रक्तदान से वजन कम करने में मदद मिलती है। इसीलिए हर साल कम से कम दो बार रक्तदान करना चाहिए।
- रक्तदान से शरीर में ऊर्जा आती है क्योंकि उसके बाद नए ब्लड सेल्स बनते हैं। इससे शरीर में स्फूर्ति आती है।
- रक्तदान से लिवर से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है। शरीर में ज्यादा आयरन की मात्रा लिवर पर दवाब डालती है और रक्तदान से आयरन की मात्रा संतुलित हो जाती है।
- आयरन की मात्रा संतुलित होने से लिवर स्वस्थ बनता है और कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।
इनसेट-
रक्तदान करने से पहले इसका रखें ध्यान
- रक्तदान करने वाले दिन सुबह ठीक से नाश्ता करें, भरपूर पानी पिएं।
- अगर कोई दवा नियमित रूप से लेते हैं तो उसे जरूर लें, रक्तदान करने से पहले इसकी जानकारी वहां मौजूद डॉक्टर को जरूर दें।
- रक्तदान करने से पहले भरे जाने वाले फार्म में सभी जानकारियां ठीक से भरें।
- अगर आपने पूर्व में रक्तदान किया है तो उसके 90 दिन गुजर चुके हों।