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Chandigarh News: थानों में नहीं लगेगा डंप... जब्त या पकड़े गए वाहनों का अब 30 दिन में होगा निपटारा

Mon, 09 Dec 2024 02:30 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2024 02:30 AM IST
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There will be no dumping in police stations
चंडीगढ़। पिछले कुछ सालों में यूटी पुलिस की ओर से विभिन्न मामलों में जब्त या फिर लावारिस बरामद हुए वाहनों का निस्तारण न होने से हजारों की संख्या में दोपहिया व चौपहिया वाहन कबाड़ में तब्दील हो गए हैं। लेकिन अब जब्त या फिर पकड़े गए वाहनों का निपटारा पुलिस को 30 दिन के अंदर करना होगा। क्योंकि एक जुलाई से लागू हुए तीन नए कानूनों के तहत पुलिस द्वारा वाहन या अन्य जब्त संपत्ति का निपटारा करने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।
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अगर मौजूदा हालातों पर बात करें तो शहर के तकरीबन सभी थानों में इस समय हजारों की संख्या में पुलिस द्वारा विभिन्न मामलों में जब्त या फिर चोरी आदि की रिकवरी के दौरान चौपहिया व दोपहिया वाहनों को थाना परिसर में रखा गया है। लेकिन लंबे समय से यूटी में थाने-चौकियों में खड़े इन वाहनों का निस्तारण नहीं होने के कारण इनमें आधे से अधिक कबाड़ हो चुके हैं और चलने की हालत में भी नहीं बचे हैं। लेकिन तीन नए कानूनों के तहत अब पुलिस को हर हाल में जब्त वाहन को पकड़े या रिकवर किए जाने के बाद 30 दिन के अंदर-अंदर वाहन मालिक तक पहुंचाना होगा। इस नए कानून के आ जाने से एक ओर जहां पुलिस की मुश्किलें कम होंगी और थाने-चौकियों में लंबे समय तक वाहनों की सुरक्षा नहीं करनी पड़ेगी। दूसरी ओर पुराने कबाड़ हो चुके वाहनों का निस्तारण करने के लिए भी पुलिस द्वारा मंथन किया जा रहा है। हालांकि कोर्ट की स्वीकृति मिलने के बाद ही पुलिस थाने-चौकियों में कबाड़ हो रहे वाहनों की नीलामी करवा सकती है। इसके लिए अलग-अलग विभागों के अलावा थाना एसएचओ व अधिकारियों की निगरानी में कमेटी बनती है, इसके बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू होती है। आरटीओ विभाग द्वारा इन वाहनों का पहले रिजर्व प्राइज रखा जाता है और उसी रेट से बोली शुरू होती है। बाकायदा कई वाहनों में तो कुछ पार्ट ही नहीं होते है। क्योंकि कबाड़ हो रहे इन वाहनों में से ठीकठाक पार्ट्स को चाेरी कर लिया जाता है।
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नए कानूनों के तहत इस तरह होगी प्रक्रिया

नए कानूनों के अनुसार कोर्ट के लिए मामले की संपत्ति का विवरण या स्टेटमेंट पुलिस को 14 दिनों में तैयार करनी अनिवार्य होगी। इसके अलावा पुलिस द्वारा जब्त की गई संपत्ति या वाहन आदि का निपटान, जब्ती या सुपरदारी संपत्ति के विवरण दिए जाने के 30 दिनों के भीतर करनी अनिवार्य होगी। हालांकि पुलिस को साक्ष्य के तौर पर संपत्ति की ऑडियो व वीडियो रिकॉर्डिंग अपने पास रखनी होगी। बेहतर रिकॉर्ड व साक्ष्य की अखंडता के लिए इलेक्ट्राॅनिक दस्तावेजीकरण जरूरी होगी।
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