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Chandigarh: थाइलैंड में छिपा बैठा है 300 करोड़ के घोटाले का आरोपी, ईडी के लिए भारत लाना हुआ मुश्किल

Tue, 17 Sep 2024 05:26 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 17 Sep 2024 05:26 AM IST
सार

आरोपी सुखविंदर सिंह छाबड़ा को भारत लाने के लिए करीब चार महीने पहले प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ स्थित प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की विशेष अदालत में आवेदन दायर किया था, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था। 28 अगस्त को थाइलैंड में छिपे छाबड़ा के विदेशी पते पर गृह मंत्रालय के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत समन भेजा गया था।

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300 crore scam accused in Thailand, difficult to bring to India
ED - फोटो : ANI

विस्तार

अलग-अलग बैंकों से करीब 300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर थाइलैंड में छिपे शातिर सुखविंदर सिंह छाबड़ा को भारत लाना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। 
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चंडीगढ़ स्थित प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की विशेष अदालत में सोमवार को सुनवाई के दाैरान ईडी ने बताया कि आरोपी के थाइलैंड स्थित पते पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत समन भेजा गया था जो तामील नहीं हुआ।
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बता दें कि आरोपी छाबड़ा को भारत लाने के लिए करीब चार महीने पहले प्रवर्तन निदेशालय ने चंडीगढ़ स्थित प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की विशेष अदालत में आवेदन दायर किया था, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था। इसके बाद बीते 28 अगस्त को थाइलैंड में छिपे छाबड़ा के विदेशी पते पर गृह मंत्रालय के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत समन भेजा गया था। मामले में अगली सुनवाई 22 अक्तूबर को होगी। ईडी अब तक आरोपी के ईमेल का भी पता नहीं लगा पाई है।
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सीबीआई दिल्ली ने 8 अगस्त 2016 को एक केस दर्ज किया था। आरोप था कि कुछ बैंक अधिकारियों ने हांगकांग की कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। घोटाला उजागर होने के बाद सुखविंदर सिंह छाबड़ा समेत 50 आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच शुरू कर दी थी।

सीबीआई की ओर से दर्ज किए गए मामले में आरोप के मुताबिक, चंडीगढ़ स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा के फॉरेक्स डिपार्टमेंट में वर्ष 2010 से तैनात आशु मेहरा और अन्य ने मिलकर हांगकांग की एक कंपनी को फायदा पहुंचाया। इसके चलते इंडियन ओवरसीज बैंक समेत पंजाब नेशनल बैंक दुबई और बैंक ऑफ बड़ौदा बहामास शाखा को 4 करोड़ 78 लाख 60 हजार अमेरिकी डॉलर का लोन मिला। हांगकांग स्थित कंपनी मेसर्स कलर वेब लिमिटेड ने भुगतान के लिए पंजाब नेशनल बैंक अधिकारियों से संपर्क किया था।

अधिकारियों की अनुमति के बिना बैंक ऑफ बड़ौदा की दुबई और बहामास शाखाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए गए। उसके आधार पर दोनों बैंकों ने विदेश में उन कंपनियों को करोड़ों रुपये का भुगतान जारी कर दिए। बाद में कंपनी ने उक्त बैंकों से लिया गया करीब 300 करोड़ रुपये का लोन वापस नहीं किया। छाबड़ा ने इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा से करीब 300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की, जिसके बाद मामले की जांच सीबीआई व ईडी ने शुरू की।

आरोपी के ई-मेल पर भी समन की प्रति भेजने को कहा था

आरोपी को भारत लाने के लिए बीते 28 अगस्त को दायर आवेदन में ईडी ने बताया था कि आरोपी थाइलैंड में रह रहा है इसलिए विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ समन्वय कर उसके विदेशी पते पर समन तामील करवाए जाए। इस पर अदालत ने आवेदन मंजूर कर छाबड़ा के खिलाफ नया समन जारी कर विदेश मंत्रालय को भेजा ताकि मंत्रालय के माध्यम से थाइलैंड में आरोपी को समन तामील करवाया जा सके। साथ ही आरोपी सुखविंदर सिंह छाबड़ा को 16 सितंबर 2024 तक अपेक्षित प्रारूप प्रस्तुत करने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गृह मंत्रालय के माध्यम से भारत बुलाया जा सके। ईडी को अदालत ने यह भी निर्देश दिए थे कि वह इस संबंध में हलफनामा प्रस्तुत करने की शर्त पर आरोपी को उसके सही ईमेल पते पर ईमेल के माध्यम से भी समन की एक प्रति भेजी जाए।
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