पंजाब: छह माह में 28 करोड़ के ट्रांसफार्मर चोरी, किसान से कर्मचारी तक सभी को हो रही परेशानी
बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर चोरी होने के कारण पावरकॉम के अधिकारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। साथ ही किसानों को बिजली की सुचारु आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इससे धान के खेतों में पर्याप्त सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है।
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पंजाब में इन दिनों ट्रांसफार्मर चोर गिरोह ने पावरकॉम और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गिरोह ने छह माह में 28.6 करोड़ रुपये के ट्रांसफार्मर चुरा लिए हैं। यह गिरोह रोज करीब 34 ट्रांसफार्मरों की चोरी कर रहा है। पुलिस की निष्क्रियता के कारण 180 दिन में 6000 से अधिक ट्रांसफार्मरों की चोरी की जा चुकी है।
खेतों की सिंचाई के लिए पावरकॉम ने पंपों को बिजली कनेक्शन देने के लिए ट्रांसफार्मर लगाए हैं। इन पर इन दिनों जनवरी से सक्रिय हुए चोर गिरोह की नजर है। गिरोह के सदस्य लगातार खेतों में लगे इन ट्रांसफार्मरों को चोरी कर रहे हैं। पावरकॉम के अनुसार इस गिरोह ने जनवरी से अब तक 6000 से अधिक ट्रांसफार्मर चुरा लिए हैं।
इतनी बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर चोरी होने के कारण पावरकॉम के अधिकारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। साथ ही किसानों को बिजली की सुचारु आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इससे धान के खेतों में पर्याप्त सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। हालांकि किसानों बिजली विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी है। पिछले छह महीनों में चोरी हुए इन ट्रांसफार्मरों की कीमत 28.6 करोड़ रुपये से अधिक है। पावरकॉम के अनुसार इस साल जनवरी से जून के बीच गिरोह ने सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर चुराए हैं।
क्या है चोरी की वजह
एक ट्रांसफार्मर में 90 लीटर आता है तेल
नलकूप संयोजन के लिए नए विद्युत ट्रांसफार्मर में 90 लीटर तेल भरा जाता है। एक लीटर तेल की कीमत बाजार में 100-120 रुपये लीटर है। ऐसे में एक ट्रांसफार्मर में 10800 रुपये का तेल आता है, जिसको चोर बेचकर विभाग को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं।
ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाएं गंभीर समस्या है। इससे पावरकॉम को करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। साथ ही किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है। पुलिस को चोरी की वारदात की सूचनाएं दी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई पुलिस की ओर से नहीं की गई है। - दलजीत इंद्रपाल सिंह ग्रेवाल, निदेशक (डी) पावरकॉम