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चंडीगढ़ में एक माह तक चलेगा थियेटर कुंभ
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चंडीगढ़। एक ओर आसमां छूने की ललक में उड़ती पतंगें और दूसरी ओर श्री गुरु नानक जी पर आधारित पेंटिंग प्रदर्शनी और उसके साथ ही कमाल के पपेट। यह है चंडीगढ़ में एक माह तक चलने वाला महाकुंभ टीएफटी विंटर थियेटर फेस्टिवल। इसका आगाज बुधवार को बाल भवन में हो गया। थियेटर फेस्ट का पहला दिन आर्ट कालेज के स्टूडेंट्स द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स और वसंत पंचमी के मौके पर होने वाले सेलिब्रेशन के नाम रहा। पहले दिन थियेटर फेस्टिवल के अंतर्गत नाटक के साथ ही नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया गया।
टीएफटी विंटर थियेटर फेस्टिवल के पहले दिन कालि तारन गुरु नानक आया नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक को थियेटर फार थियेटर की नई टीम ड्रीम प्रोडक्शन ने तैयार किया। अश्वनी कुमार सावन के लिखे इस नाटक का निर्देशन सुदेश शर्मा ने किया। नाटक के माध्यम से श्री गुरु नानक जी की धार्मिक यात्राओं के साथ उनकी उदासियों को नाटक के रूप में तैयार करके उसे बाखूबी ढंग से दर्शाया गया। कलाकारों के जीवंत अभिनय के साथ ही चलचित्र, पेंटिंग्स, आवाज, लाइट्स और मंच सज्जा के माध्यम से नाटक जीवंत बन गया। नाटक में मंच सज्जा एकदम 500 साल पुरानी जैसी दिखाई दी।
नाटक में विक्रांत सेठ, वर्षा, हरविंदर सिंह, अश्वनी सावन, शरनजीत सिंह, तेजभान गांधी, नरेश भगत, हितेश कुमार, विवेक राय खन्ना, तमन्ना, रूपाली, सुषमा गांधी, सीमा, गौरव, सौरव, राहुल, सरबजीत, नवदीप सिंह, अशीष, रितिक, सूरज शर्मा, अंकुश, सुदेश शर्मा, मुकुल, दीपक, तारन सिंह ने अभिनय किया।
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गुरु नानक देव के जन्म से सज्जन ठग तक के किस्सों का मंचन
इस नाटक का आगाज होता है गुरु नानक देव के जन्म से। इसमें एक ओर पंडित और एक ओर काजी इस बच्चे के महान आत्मा होने की बात बताते हैं और उसी खुशी में सभी झूमने लगते हैं। सभी कहते हैं कि यह पुत्र बड़ा होकर पूरे संसार का पार उतारा करवाएगा। इस नाटक में दिखाया गया है कि किस तरह से गुरु नानक देव जी ने अपनी शिक्षा हासिल की और कैसे वह गाय भैंस चराने जाते थे। इसके साथ ही दिखाया गया कि कैसे सच्चा सौदा करने जाने की बात को दिखाया गया। इस नाटक में दिखाया गया कि कैसे छोटी-सी उम्र में गुरु नानक जी ने पंडित हरदयाल द्वारा दिए गए जनेऊ को धारण करने से इंकार किया और कैसे इसका बखान किया गया। इसमें दिखाया गया कि गुरु नानक जी की भैंसों द्वारा खेत को खराब करने की शिकायत को लेकर लोग दीवान खान राय बुलार भट्टी के दरबार में जाते हैं। इसके बाद वहां जब देखा जाता है तो पाया जाता है कि खेत लहलहाते देखकर प्रभावित हो गए। इसके बाद सज्जन ठग का किस्सा भी दिखाया गया।
आर्ट कॉलेज के छात्रों ने लगाई प्रदर्शनी
बालभवन में आयोजित टीएफटी विंटर थियेटर फेस्टिवल के पहले दिन आर्ट कॉलेज के छात्रों ने यहां पर श्री गुुरु नानक देव जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसमें उनके दिए गए संदेशों को प्रदर्शित किया गया।
आसमां में उड़ी पतंगें
फेस्ट के पहले दिन करीब पंद्रह स्टूडेंट्स ने यहां पतंगों को उड़ाया। इस मौके पर पतंगों पर नशा मुक्ति, स्वच्छता और सेना में ज्वाइन करने संबंधी संदेश शामिल रहे।
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टीएफटी विंटर थियेटर फेस्टिवल के पहले दिन कालि तारन गुरु नानक आया नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक को थियेटर फार थियेटर की नई टीम ड्रीम प्रोडक्शन ने तैयार किया। अश्वनी कुमार सावन के लिखे इस नाटक का निर्देशन सुदेश शर्मा ने किया। नाटक के माध्यम से श्री गुरु नानक जी की धार्मिक यात्राओं के साथ उनकी उदासियों को नाटक के रूप में तैयार करके उसे बाखूबी ढंग से दर्शाया गया। कलाकारों के जीवंत अभिनय के साथ ही चलचित्र, पेंटिंग्स, आवाज, लाइट्स और मंच सज्जा के माध्यम से नाटक जीवंत बन गया। नाटक में मंच सज्जा एकदम 500 साल पुरानी जैसी दिखाई दी।
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नाटक में विक्रांत सेठ, वर्षा, हरविंदर सिंह, अश्वनी सावन, शरनजीत सिंह, तेजभान गांधी, नरेश भगत, हितेश कुमार, विवेक राय खन्ना, तमन्ना, रूपाली, सुषमा गांधी, सीमा, गौरव, सौरव, राहुल, सरबजीत, नवदीप सिंह, अशीष, रितिक, सूरज शर्मा, अंकुश, सुदेश शर्मा, मुकुल, दीपक, तारन सिंह ने अभिनय किया।
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गुरु नानक देव के जन्म से सज्जन ठग तक के किस्सों का मंचन
इस नाटक का आगाज होता है गुरु नानक देव के जन्म से। इसमें एक ओर पंडित और एक ओर काजी इस बच्चे के महान आत्मा होने की बात बताते हैं और उसी खुशी में सभी झूमने लगते हैं। सभी कहते हैं कि यह पुत्र बड़ा होकर पूरे संसार का पार उतारा करवाएगा। इस नाटक में दिखाया गया है कि किस तरह से गुरु नानक देव जी ने अपनी शिक्षा हासिल की और कैसे वह गाय भैंस चराने जाते थे। इसके साथ ही दिखाया गया कि कैसे सच्चा सौदा करने जाने की बात को दिखाया गया। इस नाटक में दिखाया गया कि कैसे छोटी-सी उम्र में गुरु नानक जी ने पंडित हरदयाल द्वारा दिए गए जनेऊ को धारण करने से इंकार किया और कैसे इसका बखान किया गया। इसमें दिखाया गया कि गुरु नानक जी की भैंसों द्वारा खेत को खराब करने की शिकायत को लेकर लोग दीवान खान राय बुलार भट्टी के दरबार में जाते हैं। इसके बाद वहां जब देखा जाता है तो पाया जाता है कि खेत लहलहाते देखकर प्रभावित हो गए। इसके बाद सज्जन ठग का किस्सा भी दिखाया गया।
आर्ट कॉलेज के छात्रों ने लगाई प्रदर्शनी
बालभवन में आयोजित टीएफटी विंटर थियेटर फेस्टिवल के पहले दिन आर्ट कॉलेज के छात्रों ने यहां पर श्री गुुरु नानक देव जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसमें उनके दिए गए संदेशों को प्रदर्शित किया गया।
आसमां में उड़ी पतंगें
फेस्ट के पहले दिन करीब पंद्रह स्टूडेंट्स ने यहां पतंगों को उड़ाया। इस मौके पर पतंगों पर नशा मुक्ति, स्वच्छता और सेना में ज्वाइन करने संबंधी संदेश शामिल रहे।