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दुनिया ने समझा जिसे कबाड़, उससे सजाया अपना घर द्वार

Wed, 09 Feb 2022 01:48 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 09 Feb 2022 01:48 AM IST
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The world understood which junk, decorated your house with it
चंडीगढ़। घर से निकला हुआ कचरा, खाने पीने के बाद बचे बोतल और चिप्स के पैकेट कही भी फेेंक देना आम बात हो गई है। पर्यावरण को साफ रखना हर नागरिक की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। लेकिन अक्सर लोग इस जिम्मेदारी को नजरअंदाज कर देते हैं। पर्यावरण के प्रति प्रेम दिखाते हुए सेक्टर-39 निवासी धर्मवीर ने मिसाल पेश की है। जिसे लोग भंगार समझ कर फेंक देते हैं, धर्मवीर ने उसी से घर की सजावट का सामान बनाया है। उन्होंने कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल, वाहनों के पुराने टायर, गत्ते जैसी चीजों का प्रयोग किया है। उन्होंने भंगार की चीजों से सोफा, सेंटर टेबल, स्टेंडिंग लैंप जैसी तमाम उपयोगी वस्तु बनाई हैं। इस पहल ने अन्य लोगों को भी जागरूक किया है। अपने इस जुनून से ये शहर के सभी पार्कों की भी साज सज्जा करना चाहते हैं।
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घर के पास पड़ी गंदगी को हटा बना दिया हराभरा बाग
धर्मवीर सरकारी कर्मचारी थे। तब वह सरकारी आवास में ही रहते थे। उनके घर के पास कचरे का ढेर लगा रहता था। जब लंबे समय तक वहां कचरा यथावत पड़ा रहा तो उन्होंने खुद उसे साफ करने का बीड़ा उठाया। उस पूरे कचरे को साफ कर धर्मवीर ने एक हरा भरा बगीचा बना दिया। पुराने टाइल्स के टुकड़ों को रंग रोगन कर बगीचे की सुंदरता पर चार चांद लगा दिए।
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पड़ोस के फंक्शन से कोल्ड ड्रिंक की बोतल लेकर लगाए पौधे
धर्मवीर बताते हैं कि उनके पड़ोसी ने कोल्ड ड्रिंक की बहुत सारी खाली बोतलें कचरे में फेंक दी थीं। उन्होंने इन बोतलों को इकट्ठा कर लिया। उन बोतलों को काट कर उनमें पौधे लगाए। साथ ही बोतलों में लगे सभी पौधों को एक साथ पानी दिया जा सके इसकी भी व्यवस्था की। इस तरह के तमाम प्रयोग उन्होंने अपने बगीचे में किए हैं।
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निगम से अपील, पुराना कबाड़ उपलब्ध करवा पार्क में काम करने की अनुमति दे
शहर में बड़ी संख्या में पार्क बने हुए हैं। धर्मवीर इन पार्कों को रॉक गार्डन की तर्ज पर कुछ पुराने कबाड़ से सजाना चाहते हैं। उन्होंने इस बारे में नगर निगम से अनुमति भी मांगी है। उनका कहना है कि नगर निगम सिर्फ पुराना कबाड़ उपलब्ध करवा दे और एक पार्क में काम करने की अनुमति दे दे। उस पार्क को बहुत ही आकर्षक ढंग से सजा सकता हूं।

बॉक्स
जिसे हम कचरा समझ कर फेंक देते हैं, उससे कई उपयोगी चीजें बना सकते हैं। अगर हर इंसान जागरूक हो जाए तो शहर को काफी हद तक कचरा मुक्त बनाया जा सकता है। - धर्मवीर, निवासी सेक्टर-39
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