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Chandigarh News: पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप विवाद... अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की डिग्री व डीएमसी मिलने का रास्ता साफ
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-पीयू व शिक्षण संस्थानों को 15 दिन के भीतर डिग्री व अन्य दस्तावेज जारी करने का आदेश
-डिग्री व अन्य दस्तावेजों को रोकने पर हाईकोर्ट ने पीयू को लगाई फटकार
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के तहत पंजाब यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की डिग्री व डीएमसी मिलने का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने 15 दिन के भीतर यह दस्तावेज उपलब्ध करवाने का पीयू व शिक्षण संस्थानों को आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए आकाशदीप व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया था कि उन्होंने अपनी डिग्री पूरी कर ली है। डिग्री पूरी होने के बावजूद न तो उनका परीक्षा परिणाम जारी किया गया और न ही उन्हें डिग्री दी गई। याचिका पर हाईकोर्ट के नोटिस के जवाब में पीयू ने कहा कि परीक्षा फीस जमा न करवाने के चलते इन विद्यार्थियों का परिणाम व डिग्री रोकी गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि, लेकिन परीक्षा फीस विद्यार्थियों को नहीं जमा करवानी है, यह फीस कॉलेज को जमा करवानी है। कोर्ट ने कहा था कि जब विद्यार्थियों की गलती नहीं है, तो आखिर क्यों उनका भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। कोर्ट में पंजाब सरकार ने बताया कि उन्होंने अपना 40 प्रतिशत हिस्सा जमा करवा दिया है, केंद्र ने कहा कि हमने अपने हिस्से का पैसा पंजाब सरकार को दे दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि पूरा पैसा आ गया फिर भी इसका भुगतान पीयू व कॉलेजों को नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार और केंद्र सरकार को एक सप्ताह के भीतर बैठक करने और इस मामले का हल निकालने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि पैसा विद्यार्थियों को दिया गया है तो उसकी वसूली के लिए सिविल सूट दाखिल कर सकते हैं, लेकिन उनके दस्तावेजों को नहीं रोका जा सकता।
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-डिग्री व अन्य दस्तावेजों को रोकने पर हाईकोर्ट ने पीयू को लगाई फटकार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के तहत पंजाब यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त सरकारी कॉलेजों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की डिग्री व डीएमसी मिलने का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने 15 दिन के भीतर यह दस्तावेज उपलब्ध करवाने का पीयू व शिक्षण संस्थानों को आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए आकाशदीप व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया था कि उन्होंने अपनी डिग्री पूरी कर ली है। डिग्री पूरी होने के बावजूद न तो उनका परीक्षा परिणाम जारी किया गया और न ही उन्हें डिग्री दी गई। याचिका पर हाईकोर्ट के नोटिस के जवाब में पीयू ने कहा कि परीक्षा फीस जमा न करवाने के चलते इन विद्यार्थियों का परिणाम व डिग्री रोकी गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि, लेकिन परीक्षा फीस विद्यार्थियों को नहीं जमा करवानी है, यह फीस कॉलेज को जमा करवानी है। कोर्ट ने कहा था कि जब विद्यार्थियों की गलती नहीं है, तो आखिर क्यों उनका भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। कोर्ट में पंजाब सरकार ने बताया कि उन्होंने अपना 40 प्रतिशत हिस्सा जमा करवा दिया है, केंद्र ने कहा कि हमने अपने हिस्से का पैसा पंजाब सरकार को दे दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि पूरा पैसा आ गया फिर भी इसका भुगतान पीयू व कॉलेजों को नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार और केंद्र सरकार को एक सप्ताह के भीतर बैठक करने और इस मामले का हल निकालने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि पैसा विद्यार्थियों को दिया गया है तो उसकी वसूली के लिए सिविल सूट दाखिल कर सकते हैं, लेकिन उनके दस्तावेजों को नहीं रोका जा सकता।
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