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चंडीगढ़: शिक्षाविद बोले- ‘नई शिक्षा नीति युवाओं को बनाएगी संस्कारी व देशभक्त’
Mon, 03 Aug 2020 05:02 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 03 Aug 2020 05:02 PM IST
सार
- पीयू से जुड़े शिक्षकों व सीनेटरों ने रखी अपनी राय
- कहा- यह शिक्षा समय पर युवाओं को नौकरी दिलाएगी
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डॉ. सुभाष शर्मा, डॉ. प्रवीन गोयल, डॉ. जेएस सहरावत।
विस्तार
नई शिक्षा नीति को लेकर दूसरे दिन भी अमर उजाला ने शिक्षाविदों से बात की। सभी की एक राय थी कि यह नीति भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इससे युवाओं को समय पर नौकरी मिलेगी। साथ ही यह युवाओं को संस्कारी व देशभक्त बनाएगी। स्कूली शिक्षा इस नीति के जरिये और मजबूत होगी। बच्चों की नींव भी मजबूत होगी। सबसे जरूरी यह है कि बच्चों को उन्हीं की भाषाओं में ज्ञान मिलेगा तो वह जल्द हर चीज को समझ सकेंगे। जानते हैं क्या कहते हैं शिक्षाविद।
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एक रेगुलेटरी भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सकेगा
नई शिक्षा नीति हर किसी के सुझाव के बाद बनाई गई है। इसी कारण इस नीति को मजबूत कहा जा सकता है। यह नीति बच्चों से लेकर युवाओं को संस्कारी व देशभक्त बनाएगी। आसानी से समझ में आएगी। मातृभाषा में पढ़ाई होने से बच्चों को जल्द समझ में आएगी। किसी पर जबरदस्ती भाषा थोपी नहीं जाएगी। कुल जीडीपी का छह फीसदी हिस्सा इस पर खर्च होने से संसाधनों की पूर्ति होगी। टीचर-स्टूडेंट रेश्यो ठीक होगा। बार-बार विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए परीक्षाएं नहीं देनी होंगी। रेगुलेटरी अथॉरिटी के कारण भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सकेगा। निजी व सरकारी शिक्षण संस्थानों के गुणवत्ता के एक मानक होंगे। इसमें समझौता नहीं हो सकेगा। -डॉ. सुभाष शर्मा, पीयू फेलो एवं सेंटर फॉर इकोनॉमिक पॉलिसी एंड रिसर्च के डायरेक्टर
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शिक्षकों की कमी होगी दूर, मिलेगा रोजगार
इस शिक्षा नीति में वोकेशनल कोर्सेज का जिक्र किया गया है। कक्षा आठ के बाद यह प्रशिक्षण पाकर छात्र-छात्राएं नौकरी की ओर अग्रसर हो सकेंगे। इसके अलावा कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में एक प्रवेश परीक्षा कराने का पैटर्न अच्छा है। इससे विद्यार्थियों को बार-बार परीक्षा नहीं देनी होगी। शिक्षा पर खर्च अधिक होगा तो शिक्षण संस्थानों में संसाधनों की कमी पूरी होगी। शिक्षकों की कमी कई शिक्षण संस्थानों में है, इससे शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। यह नई शिक्षा नीति शिक्षकों की कमी को पूरा करेगी। छात्रों की संख्या के मुताबिक शिक्षक तैनात हो सकेंगे। -डॉ. जेएस सहरावत, एंथ्रोपोलॉजी विभाग पीयू
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यह नीति एंटरप्रेन्योर को बढ़ावा देगी
नई शिक्षा नीति पूरी तरह छात्रों के हित में है। जैसे छात्रों को उम्मीद थी, उसी के मुताबिक नीति बनाई गई है। इस नीति में सुझावों को लिया गया और उन पर अमल करके सुधार किया गया। प्रैक्टिकल वर्क को नीति में बढ़ावा दिया गया है। इससे एंटरप्रेन्योर को बढ़ावा मिलेगा। पहले लोग केवल अपने जॉब के लिए तैयार होते थे लेकिन अब वह अपनी कंपनियां आदि खोल सकेंगे और दूसरे युवाओं को रोजगार दे सकेंगे। इससे देश में रोजगार का प्रतिशत बढ़ेगा। नए विचार आने से युवा आगे बढ़ेंगे। -डॉ. प्रवीन गोयल, इंजीनियरिंग विभाग पीय