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Chandigarh News: 2002 की विवादित भर्ती से एचसीएस बनने वालों की आईएएस पदोन्नति पर लटकी तलवार

Wed, 07 Aug 2024 05:49 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2024 05:49 AM IST
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The sword hangs on the IAS promotion of those who became HCS through the controversial recruitment of 2002
-पदोन्नति पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस
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अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। 2002 में चौटाला शासन काल में चयनित एचसीएस अधिकारियों की आईएएस के तौर पर पदोन्नति पर तलवार लटक गई है। इनकी नियुक्तियों को चुनौती देेने वाली याचिका में अर्जी दाखिल करते हुए चयनित पदोन्नति पर रोक लगाने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने एडवोकेट आदित्य यादव के माध्यम से दाखिल अर्जी पर हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। यह मामला 22 साल से हाईकोर्ट में विचाराधीन है। 2002 में जब एचसीएस पदों के लिए नियुक्ति की गई थी, तब इन नियुक्तियों को कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल ने याचिका दायर कर चुनौती दी थी। इस विवाद के आने के बाद इन उत्तर पुस्तिकाओं की ओरिजिनल कापी हाईकोर्ट में मंगवा ली गई थी। 2009 में विजिलेंस के अनुरोध पर उनकी फोटो कॉपी विजिलेंस को उपलब्ध करवाई गई थी। विजिलेंस ने एक अर्जी दायर कर 35 एचसीएस अधिकारियों की 54 उत्तर पुस्तिकाओं की ओरिजिनल कापी मांगी थी। अर्जी में विजिलेंस ने हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया था कि लैब में इनकी जांच के बाद इसे हाईकोर्ट को वापस कर दिया जाएगा। विजिलेंस ने हाईकोर्ट में एक अर्जी दायर कर कहा था कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए ओरिजनल उत्तर पुस्तिकाओं की जरूरत है। उत्तर पुस्तिकाओं में कांट-छांट, जोड़ना-घटाना, स्याही आदि की जांच फॉरेंसिक लैब में होगी तो जांच को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा। आरोप लगाए गए थे कि तत्कालीन चौटाला सरकार ने नियमों का उल्लंघन कर अपने चहेतों को नियुक्ति दे दी। जिनके परीक्षा में कम अंक थे उनके इंटरव्यू में अधिक अन्य दे नियुक्त कर दिया गया।


मामले में अब एक अर्जी दाखिल करते हुए एडवोकेट आदित्य यादव के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया गया कि इस विवादित भर्ती से चयनित होकर इतने साल नौकरी करने वाले अधिकारियों को सरकार अब आईएएस के तौर पर पदोन्नत करने की तैयारी कर रही है। याची ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया पर विजिलेंस सवाल उठा चुकी है और इसमें चालान भी दाखिल हो चुका है। कैसे इस प्रकार के विवादित लोगों को आईएएस पदोन्नत किया जा सकता है। लंबी बहस के बाद हाईकोर्ट ने इन अधिकारियों की पदोन्नति पर रोक की मांग वाली अर्जी पर हरियाणा सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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