सिटको के 700 कर्मचारियों को जोर का झटका, हाईकोर्ट ने एक्सटेंशन देने की याचिका रद्द की
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चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉपोरेशन लि. (सिटको) के कर्मचारियों को बड़ा झटका लगने वाला है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में कर्मचारियों को एक्सटेंशन देने के मामले में दायर याचिका निरस्त होने के बाद सिटको अब कर्मचारियों को कोई राहत देने के मूड में नहीं है।
कारपोरेशन यदि रिटायरमेंट की 58 साल आयु की प्रक्रिया अपनाता है तो इससे करीब 700 कर्मचारी प्रभावित होंगे। जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट में दायर याचिका रद्द होने के बाद अब सिटको में 60 साल के बजाय 58 साल में ही कर्मचारियों को रिटायरमेंट दिया जाएगा।
चंडीगढ़ प्रशासन के सभी विभागों में कर्मचारियों के एक्सटेंशन के साथ रिटायरमेंट की आयु 60 साल है। जबकि सिटको में कर्मचारियों को 58 साल में सेवानिवृत्त किया जा रहा था। इसको लेकर तत्कालीन कर्मचारी नेता कश्मीर चंद ने साल 2013 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में रिट फाइल की थी। इसमें आग्रह किया गया कि चंडीगढ़ प्रशासन की तरह सिटको के कर्मचारियों को दो साल का एक्सटेंशन देकर 60 साल में रिटायरमेंट दिया जाए। सिटको में इस समय करीब 700 कर्मचारी कार्यरत हैं।
घाटे में सिटको, इसलिए एक्सटेंशन नहीं
इस संदर्भ में कर्मचारी नेता कश्मीर चंद ने बताया कि हमारे आग्रह पर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन की तर्ज पर ही कर्मचारियों को दो साल का एक्सटेंशन देकर 60 साल में रिटायरमेंट के निर्देश प्रशासन को दिए थे। तब से सिटको में तैनात कर्मचारियों को दो साल का एक्सटेंशन मिल रहा था। लेकिन प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट में लगातार अपना जवाब दाखिल किया जा रहा था।
प्रशासन की ओर से दी गई दलील के आधार आखिरकार बीते फरवरी में हाईकोर्ट ने प्रशासन की बात मानते हुए दायर याचिका को रद्द कर दिया। याचिका में बताया गया कि सिटको की माली हालत ठीक नही है। कारपोरेशन लगातार घाटे में जा रहा है। इसलिए कर्मचारियों को दो साल का एक्सटेंशन देने की याचिका रद़्द की जाए।
ऐसे चला हाईकोर्ट में मामला
कारपोरेशन द्वारा 58 साल की आयु में कर्मचारियों के रिटायरमेंट होने के मामले में हाईकोर्ट ने 13 अक्टूबर 2016 को आदेश पर स्टे लगाई थी। साथ ही सिटको को सभी कर्मचारियों को दोबारा ज्वाइन कराने के आदेश जारी किए थे।
इसके बाद भी सिटको ने ज्वाइन नहीं कराया तो कोर्ट ने एक सप्ताह में सभी को ज्वाइन कराने के सख्त आदेश जारी किए थे। डबल बेंच ने सिटको को पहले सिंगल बेंच में अपील करने को कहा था। बाद में सिंगल बेंच ने भी 30 अगस्त 2017 को सिटको की अपील खारिज कर दी थी।
अफसर जमा करते हैं मामूली बिल बाउचर
कर्मचारी नेता कश्मीर चंद ने बताया कि 2013 से अब तक करीब 35 प्रतिशत कर्मचारियों को दो साल एक्सटेंशन का लाभ मिल चुका है। उनका आरोप है कि प्रशासन के अफसरों की गलत नीतियों के चलते सिटको घाटे में गया है।
कर्मचारी नेता का दावा है कि अफसर आए दिन सिटको होटल्स में पार्टियां करते हैं, जिनका बिल बाउचर मामूली रूप में चुकता किया जाता है। यही वजह है कि सिटको घाटे में जा रहा है। आरोप कर्मचारियों पर लगाया जा रहा है जो सरासर गलत है।