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Chandigarh News: 25 साल की होने पर बढ़ने लगता है शादी का दबाव आजादी के बाद भी हकों के लिए जंग जारी

Sat, 01 Mar 2025 01:41 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 01 Mar 2025 01:41 AM IST
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The pressure of marriage starts increasing after turning 25. The fight for rights continues even after independence.
चंडीगढ़। सेक्टर-42 के पीजीजीसीजी कॉलेज में लिंग आधारित विषय पर कार्यक्रम करवाया गया। इसमें कई लड़कियों ने अपनी आप बीती बताई। उन्होंने कहा कि कहने को जमाना मॉर्डन हो गया है, लेकिन महिलाओं के लिए समाज की सोच वहीं है। महिलाओं को आजादी के 78 साल बाद अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 25 साल से ऊपर होने पर लड़कियों पर शादी करने का दबाव शुरू हो जाता है। यदि माता-पिता को वह समझा भी लें तो रिश्तेदार लड़कियों की शादी का दबाव बनाते रहते हैं। 30 साल से ऊपर होने पर तो ऐसा लगता है जैसे उन्होंने कोई अपराध कर दिया है। महिलाओं की पूरी जिंदगी दबाव में निकलती है। जो महिलाएं अपने लिए आवाज उठाती हैं, उन पर कुछ हद तक पाबंदियां हट जाती हैं, लेकिन ग्रामीण एरिया की महिलाएं तनाव में जीवन व्यतीत कर रही हैं।
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लड़कों के साथ फुटबॉल खेलने से किया मना
सेक्टर-42 की एमए की छात्रा मिलि ने कहा कि वह बचपन से फुटबॉल खेलने का शौक रखती थीं। वह अपने दोस्तों के साथ अक्सर फुटबॉल खेला करती थीं, लेकिन एक दिन उन्हें लड़कों के साथ फुटबॉल खेलने से मना कर दिया गया। उसके बाद वह कभी फुटबॉल नहीं खेली। यदि उन्हें नहीं रोका जाता तो वह अच्छी प्लेयर बन सकती थीं।
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शादी जल्दी करने और जींस न पहनने का झेल रही दबाव
एमए की छात्रा सिमरन ने बताया कि उनके ऊपर शादी का इतना दबाव है कि वह तनाव झेल नहीं पा रही। लड़कों जितनी आजादी तो समाज लड़कियों को कभी नहीं दे सकता। घर का काम करने के लिए भी केवल लड़कियों को बोला जाता है। उन्हें तो जींस पहनने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
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बॉयज दोस्तों के साथ बाहर न जाने का दबाव
बीए की यशिका ने बताया कि उन्हें भी लड़कों से खेलने से मना किया गया। शहरों में फिर भी सोच में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन गांव में तो आज भी लड़कियों को डीजे पर डांस न करने, जींस कम पहनने, रात में बाहर जाने पर मनाही है, लेकिन लड़के यह सब बिना किसी रोक-टोक के कर सकते हैं।
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