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Chandigarh News: आईटीबीपी के पूर्व जवानों की पीड़ा, पत्र भेजने पर भी नहीं मिलता जवाब

Mon, 26 Oct 2026 01:54 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:54 AM IST
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The plight of former ITBP personnel: no response even after sending letters
100 से अधिक पेंशन मामलों का कराया निपटारा, विधवाओं और दिव्यांग बच्चों की समस्याएं भी सुलझाईं
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ऑल इंडिया एक्स आईटीबीपी वेलफेयर एसोसिएशन की आमसभा में उठा कल्याण का मुद्दा, वेतन से जमा राशि के लिए कॉर्पस फंड बनाने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। देश की सीमाओं की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के पूर्व अधिकारी और जवान सेवानिवृत्ति के बाद अपने ही बल के रवैये से नाराज हैं। उनका आरोप है कि समस्याओं के समाधान के लिए शीर्ष अधिकारियों को पत्र भेजने के बावजूद जवाब नहीं मिलता। पूर्व सैनिकों का कहना है कि जिस बल के लिए उन्होंने पूरी जिंदगी सेवा की, उससे सेवानिवृत्ति के बाद सम्मान और सहयोग की अपेक्षा करना भी मुश्किल हो रहा है।
ट्रांसपोर्ट बटालियन में आयोजित ऑल इंडिया एक्स आईटीबीपी वेलफेयर एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा में संगठन के अध्यक्ष एमएस भुर्जी ने पूर्व सैनिकों की समस्याएं उठाईं। उन्होंने कहा कि बल के वेलफेयर फंड में कर्मचारियों के वेतन से हर महीने राशि जमा होती है। पूरी नौकरी के दौरान प्रत्येक कर्मचारी के लाखों रुपये इस फंड में जमा हो जाते हैं। संगठन की मांग है कि इस राशि का कुछ हिस्सा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कल्याण के लिए अलग रखा जाए और इसके लिए कॉर्पस फंड बनाया जाए। हालांकि, इस मांग पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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बीएसएफ और सीआरपीएफ जैसी व्यवस्था की मांग
एमएस भुर्जी ने कहा कि बीएसएफ और सीआरपीएफ जैसे केंद्रीय पुलिस बलों में पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए बेहतर काम हो रहा है। आईटीबीपी में भी इसी तरह की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर पूर्व सैनिकों को विभाग का सहयोग मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन की अन्य मांगों पर भी शीर्ष नेतृत्व की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है।
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100 से अधिक पेंशन मामलों का कराया निपटारा
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि संगठन अब तक 100 से अधिक पेंशन मामलों के निपटारे में मदद कर चुका है। पूर्व सैनिकों की विधवाओं और दिव्यांग बच्चों से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए भी प्रयास किए गए हैं। पूर्व सैनिकों को एकजुट करने और उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के लिए देशभर में विभिन्न स्थानों पर रैलियां आयोजित की गई हैं।
कार्यकारिणी का कार्यकाल छह महीने बढ़ाया
मसभा में महासचिव केएस बाजवा ने वार्षिक रिपोर्ट पेश कर संगठन की गतिविधियों और कल्याणकारी प्रयासों की जानकारी दी। उपाध्यक्ष देवराज शर्मा ने पिछली आमसभा में उठाए गए मुद्दों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा दिया जबकि कैशियर हरपाल सिंह ने आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। विनोद वाशिष्ठ ने दूर-दराज से पहुंचे सदस्यों का स्वागत किया। सभा में कार्यकारिणी का कार्यकाल छह महीने बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। डीआईजी नरेंद्र सिंह और डीआईजी युद्धवीर सिंह ने भी सभा को संबोधित किया।

मेडिकल कैंप में प्रोस्टेट कैंसर की जांच
कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी के कंपोजिट अस्पताल की ओर से पूर्व सैनिकों के लिए मेडिकल कैंप लगाया गया। डॉ. राजवीर सिंह ने बताया कि कैंप में प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने के लिए विशेष परीक्षण किए गए। इस अवसर पर 1965 बैच के असिस्टेंट कमांडेंट गुरचरण सिंह विर्क और ट्रांसपोर्ट बटालियन के सूबेदार मेजर श्याम सुंदर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
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