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छात्रों का सब्र टूटा.. रीडिंग रूम का ताला तोड़ा, शुरू कर दी पढ़ाई
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पीयू में प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। बीते कई दिनों से एसी जोशी पुस्तकालय खोलने की मांग कर रहे छात्रों का सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने अध्ययन कक्ष का ताला तोड़ा और पढ़ाई शुरू कर दी। हुआ यूं कि वीरवार को पुस्तकालय खोलने पर आयोजित होने वाली सभी छात्र संगठनों की बैठक अधिकारियों के साथ नहीं हो पाई। इससे आक्त्रसेशित छात्रों ने प्रशासनिक ब्लॉक के बाहर प्रदर्शन किया।
सुरक्षा कर्मियों ने प्रशासनिक ब्लॉक का मुख्य द्वार बंद कर दिया। जब अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं पहुंचे तो छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने एसी जोशी पुस्तकालय पहुंचकर रीडिंग रूम का ताला तोड़ दिया और पढ़ाई शुरू कर दी। साथ ही चेतावनी दी कि शुक्त्रस्वार तक पीयू ने अंतिम निर्णय नहीं लिया तो वे पुस्तकालय का ताला तोड़कर पढ़ाई शुरू कर देंगे। उधर, पीयू प्रशासन ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की है। साथ ही खोले गए अध्ययन कक्ष को बंद कर दिया।
पुस्तकालय खोलने की मांग छात्र संगठन कई दिनों से कर रहे हैं, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ रहे। वीरवार को पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधि की बैठक बुलाई। छात्रों का कहना है कि पहले अधिकारियों ने बैठक के लिए दो ही प्रतिनिधि आने को कहा, जो संख्या कम थी। इसके बाद तय हुआ कि छह छात्र प्रतिनिधि पहुंचेंगे।
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बैठक स्थल भी तय नहीं हो पा रहा था। आखिर में छात्र संगठन के प्रतिनिधि जंतु विज्ञान विभाग पहुंचे। बताया जाता है कि वहां एबीवीपी के प्रतिनिधि भी थे। उनका विरोध एक-दो छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने किया। आखिर में कौन बैठक में शामिल होगा यह तय नहीं हो पाया। अधिकारियों ने बैठक भी नहीं की।
इसके बाद आक्त्रसेशित छात्र प्रशासनिक ब्लॉक पहुंचे। उन्होंने वहां प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बाहर बुलाया जाए। अधिकारी नहीं पहुंचे तो छात्र संगठन पुस्तकालय पहुंचे और वहां अध्ययन कक्ष का ताला तोड़ दिया। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन विफल रहे। ताला तोड़ने के बाद छात्र अंदर जाकर पढ़ाई करने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि यूटी प्रशासन ने कह दिया है कि पीयू खुद पुस्तकालय खोलने का निर्णय ले सकता है। बावजूद इसके पुस्तकालय नहीं खोला जा रहा है।
वर्जन---
पीयू प्रशासन ने सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधि बैठक के लिए बुलाए थे, लेकिन एक छात्र संगठन ने एबीवीपी को बैठक में न बुलाने का विरोध दर्ज कराया जबकि हमने पीयू व पुस्तकालय खोलने की मांग पर कई दिन तक प्रदर्शन किया। हमारी भी यह प्रमुख मांग है। हम छात्रों के साथ हैं। पुस्तकालय खुलना चाहिए। हमने अधिकारियों से यह बात साफ कह दी है।
- कुलदीप पंघाल, पूर्व अध्यक्ष, एबीवीपी
क्या कहना है पीयू प्रशासन का..
पंजाब यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने की कोशिश की ताकि उनके साथ पुस्तकालय खोलने से संबंधित बातचीत जारी रखी जा सके। अधिकारियों ने छात्रों को पांच प्रतिनिधियों को भेजने के लिए कहा, जबकि छात्र 9 सदस्यों को बैठक के लिए आने के लिए जोर दे रहे थे। अधिकारी दो घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रशासनिक ब्लॉक में विरोध प्रदर्शन हुआ। इसके बाद छात्र पुस्तकालय गए और अध्ययन कक्ष का ताला तोड़ दिया। इस संबंध में पुलिस से शिकायत की गई है। साथ ही खोले गए रीडिंग रूम को बंद कर दिया गया।
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सुरक्षा कर्मियों ने प्रशासनिक ब्लॉक का मुख्य द्वार बंद कर दिया। जब अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं पहुंचे तो छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने एसी जोशी पुस्तकालय पहुंचकर रीडिंग रूम का ताला तोड़ दिया और पढ़ाई शुरू कर दी। साथ ही चेतावनी दी कि शुक्त्रस्वार तक पीयू ने अंतिम निर्णय नहीं लिया तो वे पुस्तकालय का ताला तोड़कर पढ़ाई शुरू कर देंगे। उधर, पीयू प्रशासन ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत की है। साथ ही खोले गए अध्ययन कक्ष को बंद कर दिया।
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पुस्तकालय खोलने की मांग छात्र संगठन कई दिनों से कर रहे हैं, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ रहे। वीरवार को पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधि की बैठक बुलाई। छात्रों का कहना है कि पहले अधिकारियों ने बैठक के लिए दो ही प्रतिनिधि आने को कहा, जो संख्या कम थी। इसके बाद तय हुआ कि छह छात्र प्रतिनिधि पहुंचेंगे।
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बैठक स्थल भी तय नहीं हो पा रहा था। आखिर में छात्र संगठन के प्रतिनिधि जंतु विज्ञान विभाग पहुंचे। बताया जाता है कि वहां एबीवीपी के प्रतिनिधि भी थे। उनका विरोध एक-दो छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने किया। आखिर में कौन बैठक में शामिल होगा यह तय नहीं हो पाया। अधिकारियों ने बैठक भी नहीं की।
इसके बाद आक्त्रसेशित छात्र प्रशासनिक ब्लॉक पहुंचे। उन्होंने वहां प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बाहर बुलाया जाए। अधिकारी नहीं पहुंचे तो छात्र संगठन पुस्तकालय पहुंचे और वहां अध्ययन कक्ष का ताला तोड़ दिया। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन विफल रहे। ताला तोड़ने के बाद छात्र अंदर जाकर पढ़ाई करने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि यूटी प्रशासन ने कह दिया है कि पीयू खुद पुस्तकालय खोलने का निर्णय ले सकता है। बावजूद इसके पुस्तकालय नहीं खोला जा रहा है।
वर्जन---
पीयू प्रशासन ने सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधि बैठक के लिए बुलाए थे, लेकिन एक छात्र संगठन ने एबीवीपी को बैठक में न बुलाने का विरोध दर्ज कराया जबकि हमने पीयू व पुस्तकालय खोलने की मांग पर कई दिन तक प्रदर्शन किया। हमारी भी यह प्रमुख मांग है। हम छात्रों के साथ हैं। पुस्तकालय खुलना चाहिए। हमने अधिकारियों से यह बात साफ कह दी है।
- कुलदीप पंघाल, पूर्व अध्यक्ष, एबीवीपी
क्या कहना है पीयू प्रशासन का..
पंजाब यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने की कोशिश की ताकि उनके साथ पुस्तकालय खोलने से संबंधित बातचीत जारी रखी जा सके। अधिकारियों ने छात्रों को पांच प्रतिनिधियों को भेजने के लिए कहा, जबकि छात्र 9 सदस्यों को बैठक के लिए आने के लिए जोर दे रहे थे। अधिकारी दो घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रशासनिक ब्लॉक में विरोध प्रदर्शन हुआ। इसके बाद छात्र पुस्तकालय गए और अध्ययन कक्ष का ताला तोड़ दिया। इस संबंध में पुलिस से शिकायत की गई है। साथ ही खोले गए रीडिंग रूम को बंद कर दिया गया।