{"_id":"6166994e8ebc3e5a230686d0","slug":"the-mortal-remains-of-shaheed-mandeep-singh-brought-to-his-residence-in-batala","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनसैलाब ने दी शहीद को आखिरी विदाई: चार साल के बेटे ने मनदीप को दी मुखाग्नि, लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनसैलाब ने दी शहीद को आखिरी विदाई: चार साल के बेटे ने मनदीप को दी मुखाग्नि, लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
Wed, 13 Oct 2021 02:04 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बटाला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बटाला (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 13 Oct 2021 02:04 PM IST
सार
मनदीप सिंह सितंबर 2011 में फौज में भर्ती हुए थे। मनदीप सिंह की मां मनजीत कौर ने कहा कि उन्हें बेटे की मौत का गम तो है लेकिन इस बात का गर्व भी है कि देश की रक्षा की खातिर अपने जीवन का बलिदान दे दिया।
विज्ञापन
घर पहुंचा शहीद मनदीप सिंह का पार्थिव शरीर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोमवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में शहीद बटाला के गांव चट्ठा के 30 वर्षीय मनदीप सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव चट्ठा पहुंचा। मनदीप का पार्थिव शरीर पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया। जैसे ही ताबूत में मनदीप सिंह के पार्थिव शरीर को फौज की एक टुकड़ी गांव में लेकर दाखिल हुई तो मनदीप की मां, पत्नी व छोटा भाई बेहाल हो गए।
विज्ञापन
पूरे गांव के लोगों की आंखे भी नम हो गई। इससे पहले गांव में निकाली गई अंतिम यात्रा के दौरान गांव के युवाओं ने पाकिस्तान मुर्दाबाद और शहीद मनदीप सिंह अमर रहें के नारे लगाए। वहीं गांव के युवाओं ने शहीद की अंतिम यात्रा में नीले रंग की 22 नंबर जरसी पहनी। जिसे पहन मनदीप सिंह फुटबॉल खेलता था।
विज्ञापन
सबसे पहले मनदीप सिंह का पार्थिव शरीर घर ले जाया गया। उसके बाद सैन्य सम्मान के साथ शहीद सैनिक मनदीप सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। मनदीप के चार साल के बड़े बेटे मनताज सिंह ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। मनदीप सिंह के बड़े बेटे को ताया जगरूप सिंह ने उठाया हुआ था।
विज्ञापन
11 सिख युनिट की 16 राष्ट्रीय राइफल के जवानों ने हवाई फायरिंग कर शहीद को सलामी दी। अंतिम संस्कार के वक्त कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा पहुंचे व परिवार को सांत्वना दी। शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह ने भी शहीद के परिवार से संवेदना व्यक्त की।
शहीद के अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पहुंचना था। गांव चट्ठा में एक हैलीपैड भी तैयार किया गया था। लेकिन वह बुधवार को अंतिम संस्कार के वक्त नहीं पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक शख्सियतों ने शहीद मनदीप सिंह को श्रद्धांजलि भेंट की।
गांव में शहीद मनदीप सिंह के नाम पर यादगारी शहीदी गेट बनेगा: तृप्त बाजवा
कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि वह आज शहीद मनदीप सिंह के परिवार से दुख व्यक्त करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी मसले का हल गोलियों से नहीं होता। वहीं उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पहले ही इस बात की घोषणा कर दी है कि शहीद परिवार को 50 लाख रुपये और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा शहीद मनदीप सिंह के नाम पर गांव में एक यादगार शहीदी गेट भी बनाया जाएगा।