फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The matter of migration of 300 families of Mewat reached the High Court

Haryana: मेवात के 300 परिवारों के पलायन का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, बिना नोटिस निर्दोषों की गिरफ्तारी का आरोप

Wed, 09 Aug 2023 01:28 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 09 Aug 2023 01:28 AM IST
सार

हाईकोर्ट को बताया गया कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर बिना नोटिस दिए सैकड़ों निर्दोष लोगों को हिरासत में लिया गया है। मेवात-नूंह के अन्य क्षेत्रों के दशकों पुराने निवासियों को जबरदस्ती बेदखल किया जा रहा है।

विज्ञापन
The matter of migration of 300 families of Mewat reached the High Court
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेवात हिंसा में जातीय संहार जैसी कोर्ट की टिप्पणी के बाद अब समुदाय विशेष के 300 से अधिक परिवारों के पलायन का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। जिला परिषद सदस्य याहुदा मोहम्मद ने एडवोकेट मोहम्मद अरशद के माध्यम से अर्जी दाखिल कर इस मामले में पक्ष बनाने की मांग की है। इस अर्जी पर हाईकोर्ट जल्द सुनवाई करेगा।

विज्ञापन


सोमवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मेवात में 200 से अधिक निर्माण गिराने के मामले का संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा था कि सवाल यह भी उठता है कि कानून-व्यवस्था की आड़ में किसी विशेष समुदाय को निशाना तो नहीं बनाया जा रहा और कहीं सरकार की निर्माणों पर कार्रवाई जातीय संहार तो नहीं है। इन टिप्पणियों के बाद अब मेवात से बाकी राज्यों में पलायन कर रहे सैकड़ों परिवारों की रक्षा की मांग को लेकर हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट को बताया गया कि पुलिस कार्रवाई के नाम पर बिना नोटिस दिए सैकड़ों निर्दोष लोगों को हिरासत में लिया गया है। मेवात-नूंह के अन्य क्षेत्रों के दशकों पुराने निवासियों को जबरदस्ती बेदखल किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अर्जी में कहा गया है कि पंचायतों ने एक समुदाय के सदस्यों के बहिष्कार का फैसला किया। इसके साथ ही उस समुदाय के लोगों को मकान, दुकान और प्रतिष्ठान किराये पर न देने की अपील की जा रही है। सड़क पर सामान बेचने वालों के गांवों में प्रवेश से पहले पहचान पत्र जांचे जा रहे हैं। महेंद्रगढ़, झज्जर और रेवाड़ी में सामूहिक रूप से पुलिस और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर समुदाय के सदस्यों के बहिष्कार करने के फैसले के बारे में सूचित किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed