फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The governor said the new big thing on VVIP treatment, "not to stop traffic because of me '

वीवीआईपी ट्रीटमेंट पर नए राज्यपाल ने कही बड़ी बात, 'मेरी वजह से न रोका जाए ट्रैफिक '

Wed, 24 Aug 2016 08:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 24 Aug 2016 08:21 PM IST
विज्ञापन
The governor said the new big thing on VVIP treatment, "not to stop traffic because of me '
VP singh badnaur - फोटो : Amar Ujala
पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने ज्वाइन करने के बाद जनहित में पहला आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। आईजी पुलिस को आदेश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी वजह से कभी भी पब्लिक को सड़कों पर रोका नहीं जाना चाहिए। किसी वीआईपी विजिट की वजह से कई बार ट्रैफिक को लंबे समय तक रोक दिया जाता है, इसमें उन लोगों का क्या कसूर है जो बेवजह ट्रैफिक में फंसे रहते हैं।
विज्ञापन


बदनौर ने ज्वाइन करने के बाद पहली बार यूटी सेक्रेटेरिएट पहुंचकर यह आदेश दिया। आदेश मिलते ही पुलिस ने तुरंत राज्यपाल के ट्रैफिक प्रोटोकाल में बदलाव कर दिया गया है। अब नए प्रोटोकाल के हिसाब से ही शहर में ट्रैफिक कंट्रोल होगा।
विज्ञापन


आपबीती सुनाई
इससे संबंध में प्रशासक ने एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि एक बार वह दिल्ली में थे तभी उनकी कार का टायर पंक्चर हो गया। उसी दौरान वहां से भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को गुजरना था। जिस कारण रूट पर सुरक्षा कर्मी तैनात थे। वह गाड़ी को लेकर परेशान थे तभी पुलिस कर्मी ने आकर बदतमीजी से पेश आते हुए कार को तुरंत हटाने के लिए कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आम लोगों को ऐसी परेशानियां रोजाना पेश आती हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को अमृतसर रवाना होने से पहले ही वह आईजी पुलिस चंडीगढ़ को पब्लिक को नहीं रोकने के आदेश जारी कर गए थे। इस आदेश के बाद आज सब बदला-बदला सा लग रहा है। प्रशासक ने कहा कि उनकी जान को किसी से खतरा थोड़े ही है जो इस तरह से सिक्योरिटी की जरूरत है।

अब काफिले के साथ ही चलता रहेगा ट्रैफिक

The governor said the new big thing on VVIP treatment, "not to stop traffic because of me '
VP singh badnaur - फोटो : Amar Ujala
अभी तक जहां से प्रशासक का काफिला गुजरता था तो सड़क के दोनों ओर का ट्रैफिक रोका जाता था। उसे काफी देर पहले से ही रोक दिया जाता था। जिससे पब्लिक को परेशानी होती थी। लेकिन अब ट्रैफिक चलता रहेगा। ट्रैफिक लाइट और राउंड अबाउट पर प्रशासक के काफिले को पास करने केलिए ही कुछ मिनट के लिए ट्रैफिक रुकेगा। काफिला गुजरते ही यहां भी आवाजाही शुरू हो जाएगी।

हर काम की टाइमलाइन तय करने के निर्देश
प्रशासक वीपी सिंह ने अपनी पहली मीटिंग में अधिकारियों को हर काम की टाइमलाइन तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले 100 दिन का लक्ष्य निर्धारित कर लें। इसके बाद छह महीने और फिर एक साल की टाइमलाइन बनाई जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले सप्ताह जब वह मिलेंगे तो यह लक्ष्य तैयार होना चाहिए। फिर इस लक्ष्य को तय समय में पूरा करने के लिए प्रतिबद्घ हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बहुत सी योजनाएं शुरू की हैं, इन्हें आगे बढ़ाए जाने पर काम करना है। 

4 घंटे 50 मिनट सेक्रेटेरिएट में रुके

The governor said the new big thing on VVIP treatment, "not to stop traffic because of me '
VP singh badnaur - फोटो : Amar Ujala
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ठीक 11 बजे यूटी सेक्रेटेरिएट पहुंच गए। जहां एडवाइजर परिमल राय, होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल, वित्त सचिव सर्वजीत सिंह और अन्य अधिकारी पहले से उनके स्वागत में खड़े थे। प्रशासक ने अपने ऑफिस पहुंचकर पहले सभी अधिकारियों से परिचय किया। उसके बाद कान्फ्रेंस हॉल में सभी विभागाध्यक्षों ने प्रजंटेशन के जरिए चल रहे कार्यों के बारे में बताया। करीब डेढ़ घंटे तक यह मीटिंग चली। जिसमें सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने सांसद किरण खेर को भी बुलाया।

सांसद के साथ भी उन्होंने चंडीगढ़ संबंधी कई मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने लंच भी सेक्रेटेरिएट में ही किया। अपनी फाइलें भी यहीं मंगवा लीं। लंच के बाद कई फाइलें निकालीं। शाम 3 बजकर 50 मिनट पर वह राजभवन के लिए रवाना हुए। इस दौरान 4 घंटे 50 मिनट सेक्रेटेरिएट में ही रुके। उन्होंने सेक्रेटेरिएट में कौन सा अधिकारी कहां बैठता है यह जानकारी भी ली। इससे पहले पूर्व प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी अपने 19 महीने के कार्यकाल में एक बार ही सेक्रेटेरिएट आए थे। तभी से यह ऑफिस बंद था।

आम पब्लिक से भी मांगे शहर के विकास संबंधी सुझाव
बदनौर ने कहा कि आमजन को भी विकास कार्यों से जोड़ा जाना चाहिए। इसके लिए कोई भी अपने सुझाव दे सकता है। अपने सुझावों के जरिए लोग सीधे जुड़ सकते हैं। प्रशासन यूटी सचिवालय में सुझाव बॉक्स लगाने के साथ वेबसाइट पर भी वर्चुअल सुझाव बॉक्स बनाए। वह पब्लिक दरबार के कान्सेप्ट को सुझाव प्रक्रिया के जरिए और खुला सिस्टम बना रहे हैं। इसके लिए पूरा मैकेनिज्म तैयार होगा। सुझावों को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय करेंगे। एडवाइजर ने प्रशासक को विश्वास दिलाया कि लोगों के अच्छे सुझावों को अमल में लाया जाएगा। माईगव पर भी लोग अपने सुझाव भेज सकेंगे ऐसी व्यवस्था करेंगे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed