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Chandigarh News: हाईकोर्ट में पेश युवती ने सुनाई आपबीती, कहा-निकाह के नाम पर किया अपहरण, मारपीट और धमकियां भी दीं

Fri, 04 Jul 2025 01:35 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jul 2025 01:35 AM IST
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The girl presented herself in the High Court and narrated her ordeal. She said that she was kidnapped in the name of marriage, beaten up and threatened.
हाईकोर्ट में पेश युवती ने सुनाई आपबीती, कहा-निकाह के नाम पर किया अपहरण, मारपीट और धमकियां भी दीं
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एसएसपी चंडीगढ़ को दिए जांच के निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में वीरवार को एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान युवती ने अपने अपहरण और जबरन निकाह की दास्तां सुनाई। पीड़िता के पिता की याचिका पर सुनवाई कर रही अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) चंडीगढ़ को व्यक्तिगत रूप से जांच के आदेश दिए हैं।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी को आरोपी अबुबकर व उसके परिवार वालों ने बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया और बिहार में कैद कर रखा है। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस युवती को पेशी के लिए लाई। हाईकोर्ट ने जब पीड़िता से बंद कमरे में बातचीत की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
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पीड़िता ने अदालत को बताया कि वह अबुबकर को दिसंबर 2024 से जानती है। वह एक शादी समारोह में मेहंदी लगाने गई थी, जहां अबुबकर की रिश्तेदार ने उसकी मोबाइल से फोन कर अबुबकर से बात करवा दी। इसके बाद आरोपी ने लगातार संपर्क बनाकर उसे अपने जाल में फंसाया और फिर कथित रूप से निकाह कर लिया। उसे बिहार ले जाकर कैद में रखा गया। इस दौरान पीडि़ता ने करीब पांच महीने की गर्भवती होने की बात भी अदालत को बताई।
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युवती ने यह भी बताया कि अबुबकर और उसके परिवार वालों ने उसके साथ मारपीट की, मोबाइल और सिम छीन लिया। उसे धमकाया कि यदि वह भागने या शिकायत करने की कोशिश करेगी तो उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जाएगा या जान से मार दिया जाएगा।


निष्पक्ष और गहन जांच की जरूरत
हाईकोर्ट ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए कहा कि इस मामले में निष्पक्ष और गहन जांच की जरूरत है। एसएसपी चंडीगढ़ को निर्देश दिया गया है कि वे पीड़िता का बयान लेकर पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट 24 जुलाई तक कोर्ट में पेश करें। यदि वे खुद जांच नहीं कर सकते, तो किसी अन्य योग्य आईपीएस अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए। हाईकोर्ट ने फिलहाल युवती को उसके पिता के साथ जाने की अनुमति दे दी और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जस्टिस संजय वशिष्ठ की बेंच ने अगली सुनवाई 24 जुलाई को तय की है।
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