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निगम आयुक्त के आवास पर फेंकने जा रहे थे कूड़ा, पुलिस ने रोका तो सड़क पर गिरा दिया

Thu, 07 Jan 2021 01:59 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2021 01:59 AM IST
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The garbage was going to be thrown at the corporation commissioner's house, the police stopped it and dropped it on the road
चंडीगढ़। गारबेज कलेक्टरों ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। आंदोलन के आठवें दिन मंगलवार को नगर निगम कार्यालय के पास ही सड़क पर दो गाड़ी कचरा गिरा दिया। इसके कारण बहुत देर तक यातायात बाधित रहा। गारबेज कलेक्टर अपनी मांगों के समर्थन में नगर निगम कार्यालय के बाहर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हुआ यूं कि गारबेज कलेक्टर नगर निगम आयुक्त के सेक्टर- 16 स्थित आवास पर कचरा फेंकने जा रहे थे। इस दौरान बड़ी संख्या में गारबेज कलेक्टर शामिल थे। नारेबाजी करते हुए भूख हड़ताल स्थल से आयुक्त आवास की ओर कूच किया। पुलिस ने सेक्टर 16-17 के लाइट प्वाइंट के पहले ही सेक्टर- 17 की तरफ बेरिकेड लगा दिया था। बेडिकेट के पास जब गारबेज कलेक्टर पहुंचे तो पुलिस ने रोक दिया। फिर वहीं पर नारेबाजी करते रहे। बाद में गारबेज कलेक्टरों ने वहीं सड़क पर ही कचरा फेंक दिया।
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डोर टु डोर गारबेज कलेक्शन सोसाइटी के प्रधान जय किशन दुला ने कहा कि निगम और प्रशासन मांगें नहीं मान रही है। इसलिए विरोध करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस दौरान निगम आयुक्त का पुतला भी फूंका। गारबेज कलेक्टर अखिल भारतीय मजदूर संगठन के बैनर तले भूख हड़ताल पर बैठे हैं। नेताओं ने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने मजूदर संगठनों ओर रेजिडेंटस वेलफेयर एसोसिएशनो से भी सहयोग की अपील की है। दुला ने बताया कि शुक्रवार को सांसद किरण खेर का पुतला जलाया जाएगा। साथ ही सोमवार को किरण खेर के आवाज का भी घेराव करेंगे।
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अखिल भारतीय मजदूर संगठन चंडीगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष शमशेर सिंह लोटिया ने बताया कि निगम की डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टर से बिना सहमति लिए घर-घर से कूड़ा-कचरा उठाने की गाड़ियां चलाने के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे हैं। मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में कचरा फेंका है। उनकी कई मांगें हैं। इनमें जिस प्रकार काम करते आए हैं, उसी प्रकार से करने दिया जाए, काम के बदले प्रति महीना जो घरों से पैसा इकट्ठा करते हैं, वैसे ही लेने दिया जाए आदि मांगें प्रमुख हैं।
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