चंडीगढ़। सेक्टर-10 के डीएवी कॉलेज में यौन शोषण के मामले में बर्खास्त असिस्टेंट प्रोफेसर उदय भान सिंह पर पूर्व प्रिंसिपल जरूरत से ज्यादा मेहरबान थे। तभी तो 2023 में यौन शोषण से जुड़ी शिकायत पर कार्रवाई करने की बजाय उसे दबा दिया गया था। इतना ही नहीं इस प्रोफेसर को पूर्व प्रिंसिपल से कई अप्रिसिएशन लेटर मिलते रहे, और शिकायतों के बावजूद उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों के पक्ष में पूर्व प्रिंसिपल का समर्थन और उन्हें लगातार सम्मान पत्र देना इस मामले में विवादास्पद साबित हुआ है।
वहीं सूत्रों का कहना है कि उसके शोषण का शिकार होने वालों में नाबालिक लड़कियां भी शामिल हैं। ऐसे में अगर मामले की और गहराई से जांच हुई तो उस पर पॉस्को के अंतर्गत मामला दर्ज हो सकता है।
डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 चंडीगढ़ ने साइंस स्ट्रीम के असिस्टेंट प्रोफेसर उदय भान सिंह को बर्खास्त करने का फैसला 23 सितंबर को गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में लिया गया। प्रोफेसर पर गर्ल स्टूडेंट्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप साबित होने के बाद उन्हें तत्काल निष्कासित किया गया। डीएवी कॉलेज ने इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) और सोल हीयरिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया