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रोडवेज का चक्का जाम, यात्री बेहाल
ब्यूरा/अमर उजाला/ यमुनानगर।
Updated Sun, 07 Sep 2014 12:29 AM IST
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निजी बसें चलाने पर बिफरे रोडवेज कर्मचारियों ने शनिवार को अनिश्चित कालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। हड़ताल की घोषणा के बाद भी रोडवेज बसों के पहिए थम गए और चक्का जाम हो गया। इस दौरान रोडवेज यूनियनों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अचानक हुई हड़ताल से हजारों यात्रियों को तो परेशानी हुई ही साथ ही बस से स्कूल-कॉलेज आने विद्यार्थियों की भी मुश्किलें बढ़ गई। यात्रियों को बस स्टैंड से वापिस जाना पड़ा या कईयों ने निजी वाहनों का सहारा लिया।
शनिवार को रोडवेज कर्मचारियों ने बसे न चलाकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान डिपो से किसी भी बस नहीं चली। सुबह नौ बजे हरियाणा रोडवेज की ज्वाइंट एक्शन कमेटी यूनियन ने कैथल में निजी बसों को चलाने का विरोध किया और इसी के चलते शनिवार का यमुनानगर और जगाधरी बस स्टैंड से कोई बस नहीं चली।
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वहीं ग्रामीण अचल और कस्बों में निजी बसें तो चली लेकिन मामूली बहस के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने वे भी नहीं चलने दी। बसे न चलने से सबसे अधिक परेशानी स्कूल और कॉलेज स्डूटेंस को हुई। वहीं अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि उनकी यह हड़ताल सरकार की नीतियों के खिलाफ है। यह कितने दिन जारी रहेगी यह सरकार पर निर्भर करता है।
रोक दी गई निजी बसें
सरकारी बसों के पहिये तो थम ही चुके थे। लेकिन रोडवेज कर्मचारियों ने निजी बसें भी नहीं चलने दी। रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल की आड़ में निजी बस चालक रूट से बाहर होकर बसें चला रहे थे और अन्य जिलों की भी सवारियां ढो रहे थे। ज्वाइंट एक्शन कमेटी यूनियन प्रधान हरिनारायण शर्मा ने कहा कि निजी बस चालक अंबाला सहित नारायणगढ़, कालाआंब आदि भी सवारियां ढोह रहे थे। जब रोडवेज कर्मचारियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो वे बहस करने लगे और अड़ गए। निजी बसें भी न चलने से लोगों की परेशानी अधिक बढ़ गई। इस दौरान लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
निजी वाहनों की रही चांदी
हड़ताल के कारण निजी वाहनों ने जमकर चांदी कूटी। निजी वाहनों पर निर्भर हुए यात्रियों की मजबूरी का जमकर फायदा उठाया गया। मैक्सी कैब, टैक्सी, प्राइवेट कारें, ऑटोरिक्शा आदि ने यात्रियों से मन चाहे दाम मांगे और लोगों ने मजबूरी में दिये भी। अंबाला, कालाआंब, नारायणगढ़, बिलासपुर, छछरौली, साढौरा, रादौर, लाड़वा, पिपली, कुरूक्षेत्र, छप्पर, दोसड़का, मुलाना आदि रूटों पर जाने में लोगों को सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़े।
नहीं जा सके भाई की शादी में
जगाधरी पुलिस चौकी निवासी कन्हैया ने बताया कि उसने अपने भाई के शादी समारोह में शामिल होने रोहतक जाना था। जिसके लिए वह शनिवार को सपरिवार यमुनानगर बस स्टैंड पर आया था। दो वर्षीय बच्चे को गोद में लेकर पहुंची कन्हैया की पत्नी ने कहा कि पहले भारी बारिश फिर कड़कती धूप ऊपर से बसों की हड़ताल ऐसे में वे शादी में तो पहुंच ही नहीं पाएंगे। कन्हैया न कहा कि यदि रोडवेज कर्मचारियों को विरोध जताना था इसकी घोषणा पहले करनी चाहिए थी।
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अचानक हुई हड़ताल से हजारों यात्रियों को तो परेशानी हुई ही साथ ही बस से स्कूल-कॉलेज आने विद्यार्थियों की भी मुश्किलें बढ़ गई। यात्रियों को बस स्टैंड से वापिस जाना पड़ा या कईयों ने निजी वाहनों का सहारा लिया।
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शनिवार को रोडवेज कर्मचारियों ने बसे न चलाकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान डिपो से किसी भी बस नहीं चली। सुबह नौ बजे हरियाणा रोडवेज की ज्वाइंट एक्शन कमेटी यूनियन ने कैथल में निजी बसों को चलाने का विरोध किया और इसी के चलते शनिवार का यमुनानगर और जगाधरी बस स्टैंड से कोई बस नहीं चली।
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वहीं ग्रामीण अचल और कस्बों में निजी बसें तो चली लेकिन मामूली बहस के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने वे भी नहीं चलने दी। बसे न चलने से सबसे अधिक परेशानी स्कूल और कॉलेज स्डूटेंस को हुई। वहीं अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि उनकी यह हड़ताल सरकार की नीतियों के खिलाफ है। यह कितने दिन जारी रहेगी यह सरकार पर निर्भर करता है।
रोक दी गई निजी बसें
सरकारी बसों के पहिये तो थम ही चुके थे। लेकिन रोडवेज कर्मचारियों ने निजी बसें भी नहीं चलने दी। रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल की आड़ में निजी बस चालक रूट से बाहर होकर बसें चला रहे थे और अन्य जिलों की भी सवारियां ढो रहे थे। ज्वाइंट एक्शन कमेटी यूनियन प्रधान हरिनारायण शर्मा ने कहा कि निजी बस चालक अंबाला सहित नारायणगढ़, कालाआंब आदि भी सवारियां ढोह रहे थे। जब रोडवेज कर्मचारियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो वे बहस करने लगे और अड़ गए। निजी बसें भी न चलने से लोगों की परेशानी अधिक बढ़ गई। इस दौरान लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
निजी वाहनों की रही चांदी
हड़ताल के कारण निजी वाहनों ने जमकर चांदी कूटी। निजी वाहनों पर निर्भर हुए यात्रियों की मजबूरी का जमकर फायदा उठाया गया। मैक्सी कैब, टैक्सी, प्राइवेट कारें, ऑटोरिक्शा आदि ने यात्रियों से मन चाहे दाम मांगे और लोगों ने मजबूरी में दिये भी। अंबाला, कालाआंब, नारायणगढ़, बिलासपुर, छछरौली, साढौरा, रादौर, लाड़वा, पिपली, कुरूक्षेत्र, छप्पर, दोसड़का, मुलाना आदि रूटों पर जाने में लोगों को सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़े।
नहीं जा सके भाई की शादी में
जगाधरी पुलिस चौकी निवासी कन्हैया ने बताया कि उसने अपने भाई के शादी समारोह में शामिल होने रोहतक जाना था। जिसके लिए वह शनिवार को सपरिवार यमुनानगर बस स्टैंड पर आया था। दो वर्षीय बच्चे को गोद में लेकर पहुंची कन्हैया की पत्नी ने कहा कि पहले भारी बारिश फिर कड़कती धूप ऊपर से बसों की हड़ताल ऐसे में वे शादी में तो पहुंच ही नहीं पाएंगे। कन्हैया न कहा कि यदि रोडवेज कर्मचारियों को विरोध जताना था इसकी घोषणा पहले करनी चाहिए थी।