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Chandigarh News: पिता बेटे की शादी के लिए तैयार, मां सगाई में भी नहीं गई
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस के हेड कांस्टेबल नितिन सिंह अपने बेटे अरमान के प्रेम विवाह के लिए तैयार थे। पिछले हफ्ते ही इस रिश्ते पर परिवार की सहमति भी सामने आ गई थी। अरमान की प्रेमिका के परिवार वाले गांव खटौली में शगुन लेकर पहुंचे थे। नितिन के पिता करण सिंह, मां ओमवती देवी, ताऊ ब्रह्मपाल सिंह राणा, चाचा कुलदीप और उनकी पत्नी सुनीता समेत परिवार के कई लोग सगाई में शामिल हुए थे। प्रेमिका के परिवार ने मिठाई और शादी के कपड़े दिए थे। करीब छह महीने बाद दोनों की शादी तय होने की बात भी हुई थी लेकिन नितिन की पत्नी मोनिका इस सगाई में नहीं गई थीं जबकि वह घर में मौजूद थीं। अब नितिन की हत्या के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पिता बेटे के प्रेम विवाह के लिए तैयार थे तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि बेटे ने ही पिता की जान ले ली। अरमान की उम्र करीब 18 साल 9 महीने है। वह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) से 12वीं की पढ़ाई कर रहा है।
इस हत्याकांड में दूसरा बड़ा सवाल घटना के समय घर में मौजूद लोगों को लेकर है। पुलिस के मुताबिक, नितिन को तड़के करीब साढ़े चार बजे गोली मारी गई। मोनिका घर के दूसरे कमरे में मौजूद थीं लेकिन परिवार के मुताबिक उन्हें गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई दी। दूसरी ओर पड़ोसियों ने गोली की आवाज सुनने की बात कही है। अरमान को भी गोली चलाते किसी ने नहीं देखा। ऐसे में वारदात के समय घर के भीतर आखिर क्या हुआ, यह पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गया है। सूत्रों के मुताबिक, नितिन और मोनिका के बीच कुछ समय से अनबन भी चल रही थी, हालांकि इसकी वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस मोनिका से भी पूछताछ कर सकती है।
स्कूल में शुरू हुई प्रेम कहानी, परिवार को थी जानकारी
नितिन के ताऊ के बेटे जगदीप सिंह के मुताबिक, अरमान और उसकी प्रेमिका की पहचान करीब ढाई साल पहले शहर के एक नामी स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। जीरकपुर निवासी युवती अरमान से करीब एक साल बड़ी है। उसकी मां शिक्षिका हैं, जबकि पिता जीरकपुर में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। परिवार के मुताबिक, अरमान करीब ढाई महीने से प्रेमिका के साथ शहर में लिव-इन में रह रहा था और इसकी जानकारी परिजनों को भी थी। हालांकि अरमान बीच-बीच में बरवाला के गांव खटौली स्थित दादा-दादी करण सिंह और ओमवती देवी के पास भी जाता था। हालांकि, पिछले करीब ढाई महीने से वह न तो माता-पिता के सेक्टर-22 स्थित घर आया था और न गांव गया था। हत्या से करीब दो दिन पहले ही वह माता-पिता के घर वापस आया था।
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पिता ने हर फरमाइश पूरी की, अपाचे बाइक तक दिलाई
परिवार के मुताबिक, अरमान माता-पिता की इकलौती संतान है और दादा करण सिंह का भी इकलौता नाती है। नितिन बेटे की हर फरमाइशें पूरी करते थे। अरमान ने कुछ समय पहले अपाचे बाइक मांगी तो नितिन ने उसे नई बाइक दिलाई। हर महीने खर्च के लिए पैसे भी देते थे। परिवार के लोगों के मुताबिक, पिता-पुत्र के बीच ऐसा कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया था जिससे इस तरह की घटना की आशंका हो।
हालांकि, जगदीप सिंह के मुताबिक, पिछले करीब तीन महीने से अरमान के व्यवहार में बदलाव दिख रहा था। पहले की तरह उसकी बातचीत में मिठास और बड़ों के प्रति सम्मान नहीं रहा था। नितिन की हत्या की खबर के बाद परिवार के लोग चंडीगढ़ पहुंचे तो अरमान पुलिस हिरासत में था। घटना की वजह पूछने पर उसने कोई जवाब नहीं दिया। गाड़ी की चाबी के बारे में पूछने पर भी उसने कहा कि उसे नहीं पता, खुद देख लें।
14 हजार में खरीदा था कट्टा, कल तीन दिन के रिमांड पर गया
शनिवार को पुलिस ने अरमान को करीब डेढ़ बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इसके बाद पुलिस उसे कोर्ट के बेसमेंट स्थित फिंगरप्रिंट रूम में ले गई और उसके फिंगरप्रिंट लिए।
डीएसपी एसपीएस सोंधी ने कहा कि पूछताछ में अरमान ने बताया कि उसने देशी कट्टा हरिद्वार निवासी उस्मान अली से 14 हजार रुपये में खरीदा था। पुलिस हत्या की वजह, हथियार की खरीद, वारदात से पहले और बाद में अरमान की गतिविधियां और घटना के समय घर में मौजूद लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि हत्या की वजह वास्तव में प्रेम विवाह से जुड़ी थी या इसके पीछे कोई और पारिवारिक विवाद था।
गांव में उमड़ा हुजूम, भतीजे विशाल ने दी मुखाग्नि
शनिवार को सेक्टर-16 अस्पताल में डॉक्टरों के पैनल ने नितिन के शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव पैतृक गांव खटौली ले जाया गया। चाचा कंवरपाल के बेटे विशाल ने नितिन को मुखाग्नि दी। हत्या की खबर से पूरा गांव शोक में डूबा रहा। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित पहुंचे। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से दिवंगत हेड कांस्टेबल को सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई।
क्या है मामला
25 सितंबर की सुबह सेक्टर-22 स्थित घर में सो रहे हेड कांस्टेबल नितिन कुमार की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बेटे अरमान ने पहले घर में बाहरी व्यक्ति के घुसकर हत्या करने की कहानी सुनाई, लेकिन पूछताछ में बयानों के विरोधाभास के बाद पुलिस का शक उस पर गहरा गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अरमान ने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की। मौके से देसी कट्टा बरामद हुआ था। मामले में अरमान गिरफ्तार है।
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इस हत्याकांड में दूसरा बड़ा सवाल घटना के समय घर में मौजूद लोगों को लेकर है। पुलिस के मुताबिक, नितिन को तड़के करीब साढ़े चार बजे गोली मारी गई। मोनिका घर के दूसरे कमरे में मौजूद थीं लेकिन परिवार के मुताबिक उन्हें गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई दी। दूसरी ओर पड़ोसियों ने गोली की आवाज सुनने की बात कही है। अरमान को भी गोली चलाते किसी ने नहीं देखा। ऐसे में वारदात के समय घर के भीतर आखिर क्या हुआ, यह पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गया है। सूत्रों के मुताबिक, नितिन और मोनिका के बीच कुछ समय से अनबन भी चल रही थी, हालांकि इसकी वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस मोनिका से भी पूछताछ कर सकती है।
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स्कूल में शुरू हुई प्रेम कहानी, परिवार को थी जानकारी
नितिन के ताऊ के बेटे जगदीप सिंह के मुताबिक, अरमान और उसकी प्रेमिका की पहचान करीब ढाई साल पहले शहर के एक नामी स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। जीरकपुर निवासी युवती अरमान से करीब एक साल बड़ी है। उसकी मां शिक्षिका हैं, जबकि पिता जीरकपुर में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। परिवार के मुताबिक, अरमान करीब ढाई महीने से प्रेमिका के साथ शहर में लिव-इन में रह रहा था और इसकी जानकारी परिजनों को भी थी। हालांकि अरमान बीच-बीच में बरवाला के गांव खटौली स्थित दादा-दादी करण सिंह और ओमवती देवी के पास भी जाता था। हालांकि, पिछले करीब ढाई महीने से वह न तो माता-पिता के सेक्टर-22 स्थित घर आया था और न गांव गया था। हत्या से करीब दो दिन पहले ही वह माता-पिता के घर वापस आया था।
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पिता ने हर फरमाइश पूरी की, अपाचे बाइक तक दिलाई
परिवार के मुताबिक, अरमान माता-पिता की इकलौती संतान है और दादा करण सिंह का भी इकलौता नाती है। नितिन बेटे की हर फरमाइशें पूरी करते थे। अरमान ने कुछ समय पहले अपाचे बाइक मांगी तो नितिन ने उसे नई बाइक दिलाई। हर महीने खर्च के लिए पैसे भी देते थे। परिवार के लोगों के मुताबिक, पिता-पुत्र के बीच ऐसा कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया था जिससे इस तरह की घटना की आशंका हो।
हालांकि, जगदीप सिंह के मुताबिक, पिछले करीब तीन महीने से अरमान के व्यवहार में बदलाव दिख रहा था। पहले की तरह उसकी बातचीत में मिठास और बड़ों के प्रति सम्मान नहीं रहा था। नितिन की हत्या की खबर के बाद परिवार के लोग चंडीगढ़ पहुंचे तो अरमान पुलिस हिरासत में था। घटना की वजह पूछने पर उसने कोई जवाब नहीं दिया। गाड़ी की चाबी के बारे में पूछने पर भी उसने कहा कि उसे नहीं पता, खुद देख लें।
14 हजार में खरीदा था कट्टा, कल तीन दिन के रिमांड पर गया
शनिवार को पुलिस ने अरमान को करीब डेढ़ बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इसके बाद पुलिस उसे कोर्ट के बेसमेंट स्थित फिंगरप्रिंट रूम में ले गई और उसके फिंगरप्रिंट लिए।
डीएसपी एसपीएस सोंधी ने कहा कि पूछताछ में अरमान ने बताया कि उसने देशी कट्टा हरिद्वार निवासी उस्मान अली से 14 हजार रुपये में खरीदा था। पुलिस हत्या की वजह, हथियार की खरीद, वारदात से पहले और बाद में अरमान की गतिविधियां और घटना के समय घर में मौजूद लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि हत्या की वजह वास्तव में प्रेम विवाह से जुड़ी थी या इसके पीछे कोई और पारिवारिक विवाद था।
गांव में उमड़ा हुजूम, भतीजे विशाल ने दी मुखाग्नि
शनिवार को सेक्टर-16 अस्पताल में डॉक्टरों के पैनल ने नितिन के शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव पैतृक गांव खटौली ले जाया गया। चाचा कंवरपाल के बेटे विशाल ने नितिन को मुखाग्नि दी। हत्या की खबर से पूरा गांव शोक में डूबा रहा। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित पहुंचे। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से दिवंगत हेड कांस्टेबल को सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई।
क्या है मामला
25 सितंबर की सुबह सेक्टर-22 स्थित घर में सो रहे हेड कांस्टेबल नितिन कुमार की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बेटे अरमान ने पहले घर में बाहरी व्यक्ति के घुसकर हत्या करने की कहानी सुनाई, लेकिन पूछताछ में बयानों के विरोधाभास के बाद पुलिस का शक उस पर गहरा गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अरमान ने वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार की। मौके से देसी कट्टा बरामद हुआ था। मामले में अरमान गिरफ्तार है।