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जिस दवा को भारत ने फेल किया, शिकागो ने पेटेंट किया

Wed, 25 Feb 2015 05:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 25 Feb 2015 05:03 PM IST
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The drug had failed in India, Chicago patent

साल 1970 में लखनऊ के सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट ने बीपी की दवा खोज की थी। 15 साल बाद वह बीपी को कंट्रोल करने में नकामयाब साबित हुई। शिकागो के एक डॉक्टर ने उस पुरानी दवा को लिया और उसमें कुछ नए मॉलीक्यूल डाले। करीब तीन से चार साल की उनकी मेहनत रंग लाई और एक दूसरी महत्वपूर्ण बीमारी लेक्टेट लेवल को कंट्रोल करने में कामयाबी हासिल हुई।

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पीजीआई में फार्माकोलॉजी की चल रही वर्कशॉप में पहुंचे शिकागो के रिसर्च इंस्टीट्यूट के डीन डॉ. अनिल गुलाटी ने बताया कि जब किसी एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति का खून लगातार बहता है तो ब्लड का लेक्टेट लेवल कम हो जाता है। इससे व्यक्ति की मौत होने का खतरा बढ़ जाता है।
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यह दवा लेक्टेट लेवल को कंट्रोल करता है और मरीज की जान बचाने में मददगार साबित होगा। कामयाबी के बाद यूनिवर्सिटी ने इस दवा का पेटेंट तीन देशों में करा लिया है। कई और देशों में इसके पेटेंट के लिए तैयारी चल रही है। उन्होंने इस दवा का नाम सेंथाक्विन रखा है।

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भारत में चल रहा है दवा का ट्रायल

The drug had failed in India, Chicago patent

डॉ. अनिल गुलाटी ने बताया है कि इस दवा का ट्रायल भारत के पुणे शहर में चल रहा है। इस दवा की टॉक्सीलॉजी स्टडीज पूरी हो चुकी है। फेज वन का ट्रायल चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च या अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। उसके बाद फेज टू के ट्रायल के लिए इंडिया में फिर से अप्लाई करेंगे।

फेज टू में कम से कम 100 मरीजों को शामिल किया जाएगा। इन मरीजों पर दवा का इस्तेमाल किया जाएगा। उसके बाद देश के पांच सेंटरों में इसका ट्रायल होगा। उनका कहना है कि इंडिया में यह दवा बनी थी, इसलिए जरूरी है कि इसे भारत में भी बनाई जाई, ताकि मरीजों को इसका फायदा मिल सके।

इसलिए हो गई थी दवा फेल
डॉ. गुलाटी का कहना है कि लखनऊ में जब इस दवा की खोज की गई थी तो इसका मकसद था कि बीपी को पूरी तरह से कंट्रोल करे, लेकिन इसका असर कुछ ही घंटे रहता था। इसका मरीजों का कुछ खास फायदा नहीं मिल पाया।

इसलिए इस ड्रग्स को ड्राप कर दिया गया है। बाद में हमने इसमें कुछ नए मालीक्यूल डाले और इसे एक महत्वपूर्ण बीमारी की रोकथाम के लिए कामयाब बनाया।

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