फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The CBI cross-checked the records of four manpower companies against the original certificates.

Chandigarh News: सीबीआई ने चार मैनपावर कंपनियों के रिकॉर्ड का मूल प्रमाणपत्रों से किया मिलान

Fri, 23 Oct 2026 02:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:26 AM IST
विज्ञापन
The CBI cross-checked the records of four manpower companies against the original certificates.
सीबीआई ने चार मैनपावर कंपनियों के रिकॉर्ड का मूल प्रमाणपत्रों से किया मिलान
विज्ञापन

जीएमएसएच-16 से चार साल के टेंडरों का ब्योरा मांगा, 350 नर्सों और 12 करोड़ के सिक्योरिटी टेंडर की भी जांच करेगी एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। प्रशासन के विभिन्न विभागों में करीब 200 करोड़ रुपये के मैनपावर और सिक्योरिटी टेंडरों में कथित फर्जीवाड़े की जांच सीबीआई ने तेज कर दी है। एफआईआर दर्ज करने से पहले की पड़ताल के तहत जांच एजेंसी ने चार कंपनियों के लैपटॉप और कंप्यूटर से मिले डिजिटल रिकॉर्ड का उपलब्ध मूल अनुभव और परफॉर्मेंस प्रमाणपत्रों से मिलान किया। इसके लिए सीबीआई ने अपने आईटी विशेषज्ञों की मदद ली है। अब एजेंसी ने जीएमएसएच-16 प्रबंधन को पत्र लिखकर पिछले चार साल में इन कंपनियों को आवंटित टेंडरों का ब्योरा मांगा है।
जांच के दायरे में जाहरवीर मैनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विस, ए टू जेड मैनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विस, नेशनल ग्रुप ऑफ सर्विस और किमसी इंटरप्राइजेज के टेंडर हैं। सीबीआई इन कंपनियों के डिजिटल रिकॉर्ड का सरकारी विभागों में उपलब्ध दस्तावेजों से मिलान करेगी। कंपनियों से संबंधित रिकॉर्ड सीबीआई अदालत में जमा कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
विज्ञापन

एक ही मालिक की दो कंपनियों को नर्सों का टेंडर
शिकायत के मुताबिक, जीएमएसएच-16 में आउटसोर्स पर 350 नर्सों की सेवाओं का टेंडर पहले जाहरवीर कंपनी को दो साल के लिए दिया गया था। इसके बाद नवंबर 2025 में इसी मालिक संदीप मलिक की दूसरी कंपनी ए टू जेड मैनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विस को 25.04 करोड़ रुपये सालाना की दर से दो साल के लिए टेंडर आवंटित किया गया। आरोप है कि कंपनियों ने मूल अनुभव और परफॉर्मेंस प्रमाणपत्रों के आधार पर अपनी फर्मों के नाम से प्रमाणपत्र तैयार कर टेंडर हासिल किए। सीबीआई इन आरोपों की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिक्योरिटी टेंडर भी जांच के घेरे में
सीबीआई जीएमएसएच-16 में करीब 12 करोड़ रुपये के सिक्योरिटी सर्विस टेंडर की भी जानकारी जुटाएगी। शिकायत में आरोप है कि टेंडर आवंटन के समय संबंधित कंपनी के पास चंडीगढ़ का लाइसेंस नहीं था। एजेंसी यह पता लगाएगी कि टेंडर किस आधार पर दिया गया और कंपनियों की पात्रता तय करने के लिए क्या मानदंड अपनाए गए। इसके लिए अस्पताल की आईटी और अकाउंट्स शाखाओं के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed