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Chandigarh News: खुद को जज बता धौंस जमाने वाले वकील ने की गाड़ी जल्द रिलीज करने की मांग

Thu, 11 Jul 2024 05:06 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jul 2024 05:06 AM IST
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The bullying lawyer calling himself a judge demanded the release of the vehicle soon.
चंडीगढ़। स्कॉर्पियो गाड़ी पर जज का स्टीकर लगाकर फर्जी जेएमआईसी बता पुलिस पर धौंस जमाने वाले वकील के खिलाफ 20 मई को सेक्टर-49 पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। यह कार्रवाई ट्रैफिक उप निरीक्षक अजीत सिंह की शिकायत पर आईपीसी 170 (एक लोक सेवक का रूप धारण करना), 186 (लोक सेवक को सार्वजनिक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालना) और आईपीसी 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) के तहत की गई है। इसके साथ स्कॉर्पियो गाड़ी जब्त कर ली गई थी।
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सेक्टर-51ए निवासी आरोपी वकील प्रकाश सिंह ने ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट अजय की अदालत में अर्जी देकर चंडीगढ़ नंबर की स्कॉर्पियो सुपुर्द दारी पर जल्द रिलीज करने की मांग की है। प्रकाश सिंह का कहना है कि वह गाड़ी का मालिक है और गाड़ी की उसे और उसके परिवार को काफी जरूरत है। प्रकाश सिंह ने पुलिस थाना-49 के एसएचओ को पार्टी बनाते अर्जी दायर की है। कहा है कि फोरेंसिक अपनी जांच रिपोर्ट में कितना भी समय लगा सकती है। इस तरह अनिश्चितकाल के लिए गाड़ी को नहीं रखा जा सकता। उनकी गाड़ी पीएनबी से फाइनेंस्ड है और वह इसकी 30 हजार रुपये किस्त हर महीने भर रहे हैं। गाड़ी रिलीज करने का समय न बता पाने से उन्हें मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। गाड़ी की हालत भी खराब हो रही है। अर्जी में मांग की गई है कि पुलिस को आदेश दिया जाए कि जल्द सीएफएसएल रिपोर्ट प्राप्त कर गाड़ी को सुपुर्द दारी पर रिलीज किया जाए। उनके खिलाफ बीते 19 मई को खुद को सरकारी अफसर बताने, सरकारी कर्मी की ड्यूटी में रुकावट पैदा करने और गलत पहचान बताने की धाराओं में केस दर्ज हुआ था। मामले में जिला अदालत में 15 जुलाई को अर्जी पर बहस होगी। सेक्टर-45/46/49/50 चौक के पास 19 मई को पुलिस ने स्कॉर्पियो गाड़ी को रुकने का इशारा किया क्योंकि वाहन के आगे नंबर प्लेट पर परांदा लटक रहा था, इससे नंबर नहीं दिख रहा था। पुलिस के मुताबिक रुकने के इशारे पर अर्जीकर्ता ने जेबरा क्रॉसिंग पर गाड़ी रोक खुद को फर्स्ट क्लास ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट बताया। गाड़ी के आगे शीशे पर जज का स्टीकर भी लगा रखा था। आरोपी ने लाइसेंस दिखाए बिना गाड़ी तेज रफ्तार में भगा ली थी।
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