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Chandigarh News: साइकिल बनी खुशियों की सवारी, बच्चों संग सुखना लेक तक पहुंचे मनदीप
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चंडीगढ़। साइकिलिस्ट मनदीप ढुल्ल के लिए इस बार का फादर्स डे किसी खास रोमांच से कम नहीं रहा। उन्होंने महंगे रेस्टोरेंट या पार्टी की बजाय दोनों बच्चों के साथ साइकिल राइड पर निकलकर इस दिन को यादगार बनाने का फैसला किया।
रवाना होने से पहले सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया। मनदीप और बच्चों ने हेलमेट व चमकीली नियॉन जैकेट पहनीं। छह वर्षीय बेटे जॉय को साइकिल के आगे और आठ वर्षीय बेटी जिया को पीछे विशेष सीट पर बैठाया गया। जैसे ही पैडल घूमने लगे, खुशियों का सफर शुरू हो गया। जॉय पूरे रास्ते साइकिल की घंटी बजाता रहा जबकि जिया उत्साह में गुनगुनाने लगी, मेरे पापा, सुपर हीरो पापा...।
सुखना लेक पहुंचकर तीनों ने आइसक्रीम का आनंद लिया। इसी दौरान जिया की आइसक्रीम का हिस्सा पिघलकर मनदीप के हाथ पर गिर गया। यह देखकर जॉय ने अपनी कुल्फी से ही उनका हाथ साफ करने की कोशिश की। उसकी मासूम हरकत पर तीनों ठहाके लगाकर हंस पड़े। मनदीप का कहना है कि आज के दौर में बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को गैजेट्स से दूर रखकर प्रकृति के करीब ले जाएं। यही उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए सबसे बड़ा उपहार है।
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रवाना होने से पहले सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया। मनदीप और बच्चों ने हेलमेट व चमकीली नियॉन जैकेट पहनीं। छह वर्षीय बेटे जॉय को साइकिल के आगे और आठ वर्षीय बेटी जिया को पीछे विशेष सीट पर बैठाया गया। जैसे ही पैडल घूमने लगे, खुशियों का सफर शुरू हो गया। जॉय पूरे रास्ते साइकिल की घंटी बजाता रहा जबकि जिया उत्साह में गुनगुनाने लगी, मेरे पापा, सुपर हीरो पापा...।
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सुखना लेक पहुंचकर तीनों ने आइसक्रीम का आनंद लिया। इसी दौरान जिया की आइसक्रीम का हिस्सा पिघलकर मनदीप के हाथ पर गिर गया। यह देखकर जॉय ने अपनी कुल्फी से ही उनका हाथ साफ करने की कोशिश की। उसकी मासूम हरकत पर तीनों ठहाके लगाकर हंस पड़े। मनदीप का कहना है कि आज के दौर में बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को गैजेट्स से दूर रखकर प्रकृति के करीब ले जाएं। यही उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए सबसे बड़ा उपहार है।
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