फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The area under stubble burning reduced by 25 percent in Punjab

पंजाब: इस बार 25 फीसदी कम रकबे पर जली पराली, लेकिन मामलों का बढ़ना हैरानी की बात

Tue, 02 Nov 2021 04:38 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 02 Nov 2021 04:38 PM IST
सार

दिवाली के मौके पर पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में इजाफा हो सकता है। यह चेतावनी विशेषज्ञों ने दी। अब पंजाब सरकार ने छह जिलों में गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया। पराली जलाने का रकबा प्रदेश में घटा है लेकिन मामलों में वृद्धि हो रही है। 
 

विज्ञापन
The area under stubble burning reduced by 25 percent in Punjab
फाइल फोटो।

विस्तार

पंजाब में पराली जलाने के रकबे में पिछले साल के मुकाबले 25 प्रतिशत तक की कमी आई है लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस साल मामले ज्यादा बढ़े हैं। विशेषज्ञों ने दीपावली में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोत्तरी की चेतावनी दी है। यही वजह है कि सरकार ने जिलों में गश्त बढ़ाने का निर्देश जारी किया है। इस साल पंजाब में कुल 30.66 लाख हेक्टेयर में धान की पैदावार हो रही है।

विज्ञापन


सूबे में अभी तक इस साल धान के तहत जला हुआ क्षेत्र पिछले साल 5.70 लाख हेक्टेयर के मुकाबले लगभग 4.35 लाख हेक्टेयर है। 1.35 लाख हेक्टेयर लगभग 25.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों में खेतों में पराली जलाने के ज्यादा मामले सामने आए हैं। 
विज्ञापन


रविवार को 2,500 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल मामलों की संख्या अब 14,920 हो गई है। पंजाब में इस साल कुल 30.66 लाख हेक्टेयर में धान की खेती में 26.05 लाख हेक्टेयर धान (गैर-बासमती) और 4.61 लाख हेक्टेयर में बासमती रोपा गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पर्यावरण विशेषज्ञों ने इन आंकड़ों के बाद यह चिंता जताई है कि अभी 70 फीसदी ही फसल खेतों से काटी गई है। दीपावली के दौरान पराली जलाने के मामलों में वृद्धि हो सकती है। जिसके बाद पंजाब सरकार ने सबसे ज्यादा प्रभावित छह जिलों में तैनात विशेष टीमों को गश्त बढ़ाने और किसानों को जागरूक करने का निर्देश जारी किया है।

केंद्र देता है 46 प्रतिशत सब्सिडी

पराली प्रबंधन के तहत दी जाने वाली कुल केंद्रीय निधि का 46 प्रतिशत पंजाब को दिया जाता है। इसके बाद भी पंजाब में मामले बढ़ रहे हैं। पंजाब में 2020 में मामलों में 44.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल केंद्र ने पंजाब को 793.18 करोड़ रुपये दिए हैं।

अभी तक 25 लाख का लगा जुर्माना
पराली जलाने के मामलों में अभी तक सरकार की ओर से किसानों से मात्र 25 लाख रुपये का ही जुर्माना वसूल किया गया है। जबकि 19 अक्टूबर तक किसानों ने 2.11 लाख हेक्टेयर (5.21 लाख एकड़) खेत में पराली जलाई।

पराली ज्यादा जलाए जाने का मतलब अधिक धुआं होगा, इसलिए आग की घटनाओं की संख्या दर्ज करने के बजाय आग वाले क्षेत्र पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। करुणेश गर्ग, सदस्य, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed