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Chandigarh News: गठबंधन पहुंचा हाईकोर्ट<bha>;</bha> मेयर ने अचानक शहर छोड़ा, आज होने वाले चुनाव पर संकट के बादल
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चंडीगढ़। मेयर चुनाव के बाद अब सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव पर घमासान शुरू हो गया है। मंगलवार (27 फरवरी) को सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव कराने संबंधी डीसी के नोटिस को अब इंडिया गठबंधन ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है। याचिका पर सोमवार को ही सुनवाई का आग्रह किया गया था लेकिन हाईकोर्ट ने इन्कार करते हुए मंगलवार को सुनवाई करने का फैसला किया। उधर, नवनिर्वाचित मेयर कुलदीप कुमार ने सोमवार को भी पद ग्रहण नहीं किया। अचानक उनकी बहन की तबीयत खराब होने पर वह लुधियाना चले गए हैं। ऐसे में मंगलवार को होने वाले सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव पर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। मेयर कुलदीप कुमार इस चुनाव में पीठासीन अधिकारी हैं। मंगलवार को वह नगर निगम नहीं पहुंचे तो चुनाव टल सकता है।
आप व कांग्रेस के इंडिया गठबंधन के साझा उम्मीदवार पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी व निर्मला देवी की तरफ से दायर याचिका में 23 फरवरी को डीसी की ओर से जारी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव संबंधी आदेश को चुनौती दी गई है। आदेश के तहत सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव 27 फरवरी को तय किया गया था। याचिका में कहा गया कि मेयर ने पदभार संभाला ही नहीं तो डीसी सीनियर डिप्टी व डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए कैसे आदेश जारी कर सकते हैं। तय प्रावधानों के मुताबिक मेयर ही सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव करवाता है। ऐसे में डीसी के चुनाव कराने संबंधी आदेश पर रोक लगाई जाए। याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि मंगलवार को 11 बजे चुनाव तय किया गया है और ऐसे में आज ही इस मामले पर सुनवाई की जाए। हाईकोर्ट ने लंबित याचिका में सुनवाई करने से इन्कार करते हुए कहा कि नए सिरे से याचिका दायर की जाए।
वकील करणवीर सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में रेगुलेशन और नियमों के अनुसार सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर कराने के निर्देश दिए थे। उसके अनुसार डीसी को दोबारा से नॉमिनेशन से लेकर चुनाव की पूरी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था लेकिन डीसी ने ऐसा न करते हुए सीधे मतदान के दिन की घोषणा कर दी। यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार नहीं है इसलिए डीसी के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को याचिका पर सुनवाई होगी।
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उधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मेयर बने इंडिया गठबंधन के कुलदीप कुमार ने अब तक पद ग्रहण नहीं किया है। पार्टी ने तय किया था कि वह सोमवार को सुबह 11:30 बजे नगर निगम के छठे फ्लोर पर मेयर कार्यालय में कुर्सी संभालेंगे। इसके लिए पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को भी नगर निगम बुलाया था लेकिन सोमवार सुबह-सुबह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। कहा गया कि कुलदीप कुमार निजी पारिवारिक कारणों से पद ग्रहण नहीं कर पाएंगे। अब असमंजस मंगलवार को होने वाले सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर है। नगर निगम की तरफ से चुनाव की पूरी तैयारी की जा चुकी है। निगम के अधिकारियों ने बताया कि वह उनकी तरफ से मंगलवार को चुनाव कराने की सारी व्यवस्था की जा चुकी है। उधर, भाजपा भी चाहती है कि किसी तरह मंगलवार को ही चुनाव हों। मेयर कुलदीप कुमार को चुनाव कराना है क्योंकि इस चुनाव के लिए वह पीठासीन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अब वह शहर से बाहर हैं।
अब सबकुछ कुलदीप पर निर्भर, एक्ट में विकल्प नहीं
मंगलवार को मेयर कुलदीप कुमार नगर निगम नहीं पहुंचते हैं तो चुनाव नहीं होगा। नियमों के मुताबिक, चुनाव को रद्द करना पड़ेगा क्योंकि नगर निगम एक्ट के अनुसार सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव सिर्फ और सिर्फ मेयर ही करा सकता है। उसकी जगह पर कोई और विकल्प एक्ट में नहीं सुझाया गया है।
पद ग्रहण करना महज औपचारिकता, चुनाव से कोई लेना-देना नहीं
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कुलदीप कुमार मेयर घोषित हो चुके हैं। वह 20 फरवरी से ही शहर के मेयर हैं। बतौर मेयर वह कई सरकारी व निजी कार्यक्रमों में हिस्सा भी ले चुके हैं। कई लोगों को असमंजस है कि उन्होंने अभी तक पद ग्रहण नहीं किया है। ऐसे में उन्हें मेयर कैसे कहा जा सकता है लेकिन नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि कुलदीप कुमार 20 फरवरी से ही शहर के मेयर हैं। कुर्सी पर बैठकर पद ग्रहण करना महज औपचारिकता है। इससे चुनाव का कोई लेना-देना नहीं है।
सात से 10 दिन आगे बढ़ सकता है चुनाव
सूत्रों के अनुसार आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन चाहता है कि चुनाव कुछ दिन आगे बढ़ जाए। हाईकोर्ट में नॉमिनेशन से लेकर पूरी प्रक्रिया को दोबारा कराने की मांग की गई है। ऐसा होता है तो चुनाव सात से 10 दिन आगे बढ़ सकता है। आम आदमी पार्टी में एक चर्चा कार्यकारिणी को लेकर भी है। पार्टी ने अगले कुछ दिनों में कार्यकारिणी की घोषणा भी करनी है। ऐसे में पार्टी के अंदर अपने गुट के नेता को अच्छा पद दिलाने की खूब जोर आजमाइश चल रही है। पार्टी में दबाव की राजनीति भी चरम पर है।
-- - वर्जन -- -
मेरी बड़ी बहन की तबीयत खराब है। उनकी करीब 55 साल उम्र है और उन्हें शुगर और बीपी की समस्या है। मेरे माता-पिता नहीं हैं इसलिए मुझे अचानक उनकी देखभाल के लिए लुधियाना आना पड़ा है। मैंने पार्टी और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी है। मैं पक्का नहीं कह सकता कि मंगलवार को नगर निगम पहुंच पाऊंगा या नहीं।
- कुलदीप कुमार, मेयर
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आप व कांग्रेस के इंडिया गठबंधन के साझा उम्मीदवार पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी व निर्मला देवी की तरफ से दायर याचिका में 23 फरवरी को डीसी की ओर से जारी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव संबंधी आदेश को चुनौती दी गई है। आदेश के तहत सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव 27 फरवरी को तय किया गया था। याचिका में कहा गया कि मेयर ने पदभार संभाला ही नहीं तो डीसी सीनियर डिप्टी व डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए कैसे आदेश जारी कर सकते हैं। तय प्रावधानों के मुताबिक मेयर ही सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव करवाता है। ऐसे में डीसी के चुनाव कराने संबंधी आदेश पर रोक लगाई जाए। याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया कि मंगलवार को 11 बजे चुनाव तय किया गया है और ऐसे में आज ही इस मामले पर सुनवाई की जाए। हाईकोर्ट ने लंबित याचिका में सुनवाई करने से इन्कार करते हुए कहा कि नए सिरे से याचिका दायर की जाए।
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वकील करणवीर सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में रेगुलेशन और नियमों के अनुसार सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर कराने के निर्देश दिए थे। उसके अनुसार डीसी को दोबारा से नॉमिनेशन से लेकर चुनाव की पूरी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था लेकिन डीसी ने ऐसा न करते हुए सीधे मतदान के दिन की घोषणा कर दी। यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार नहीं है इसलिए डीसी के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को याचिका पर सुनवाई होगी।
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उधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मेयर बने इंडिया गठबंधन के कुलदीप कुमार ने अब तक पद ग्रहण नहीं किया है। पार्टी ने तय किया था कि वह सोमवार को सुबह 11:30 बजे नगर निगम के छठे फ्लोर पर मेयर कार्यालय में कुर्सी संभालेंगे। इसके लिए पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को भी नगर निगम बुलाया था लेकिन सोमवार सुबह-सुबह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। कहा गया कि कुलदीप कुमार निजी पारिवारिक कारणों से पद ग्रहण नहीं कर पाएंगे। अब असमंजस मंगलवार को होने वाले सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर है। नगर निगम की तरफ से चुनाव की पूरी तैयारी की जा चुकी है। निगम के अधिकारियों ने बताया कि वह उनकी तरफ से मंगलवार को चुनाव कराने की सारी व्यवस्था की जा चुकी है। उधर, भाजपा भी चाहती है कि किसी तरह मंगलवार को ही चुनाव हों। मेयर कुलदीप कुमार को चुनाव कराना है क्योंकि इस चुनाव के लिए वह पीठासीन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अब वह शहर से बाहर हैं।
अब सबकुछ कुलदीप पर निर्भर, एक्ट में विकल्प नहीं
मंगलवार को मेयर कुलदीप कुमार नगर निगम नहीं पहुंचते हैं तो चुनाव नहीं होगा। नियमों के मुताबिक, चुनाव को रद्द करना पड़ेगा क्योंकि नगर निगम एक्ट के अनुसार सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव सिर्फ और सिर्फ मेयर ही करा सकता है। उसकी जगह पर कोई और विकल्प एक्ट में नहीं सुझाया गया है।
पद ग्रहण करना महज औपचारिकता, चुनाव से कोई लेना-देना नहीं
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कुलदीप कुमार मेयर घोषित हो चुके हैं। वह 20 फरवरी से ही शहर के मेयर हैं। बतौर मेयर वह कई सरकारी व निजी कार्यक्रमों में हिस्सा भी ले चुके हैं। कई लोगों को असमंजस है कि उन्होंने अभी तक पद ग्रहण नहीं किया है। ऐसे में उन्हें मेयर कैसे कहा जा सकता है लेकिन नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि कुलदीप कुमार 20 फरवरी से ही शहर के मेयर हैं। कुर्सी पर बैठकर पद ग्रहण करना महज औपचारिकता है। इससे चुनाव का कोई लेना-देना नहीं है।
सात से 10 दिन आगे बढ़ सकता है चुनाव
सूत्रों के अनुसार आम आदमी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन चाहता है कि चुनाव कुछ दिन आगे बढ़ जाए। हाईकोर्ट में नॉमिनेशन से लेकर पूरी प्रक्रिया को दोबारा कराने की मांग की गई है। ऐसा होता है तो चुनाव सात से 10 दिन आगे बढ़ सकता है। आम आदमी पार्टी में एक चर्चा कार्यकारिणी को लेकर भी है। पार्टी ने अगले कुछ दिनों में कार्यकारिणी की घोषणा भी करनी है। ऐसे में पार्टी के अंदर अपने गुट के नेता को अच्छा पद दिलाने की खूब जोर आजमाइश चल रही है। पार्टी में दबाव की राजनीति भी चरम पर है।
मेरी बड़ी बहन की तबीयत खराब है। उनकी करीब 55 साल उम्र है और उन्हें शुगर और बीपी की समस्या है। मेरे माता-पिता नहीं हैं इसलिए मुझे अचानक उनकी देखभाल के लिए लुधियाना आना पड़ा है। मैंने पार्टी और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी है। मैं पक्का नहीं कह सकता कि मंगलवार को नगर निगम पहुंच पाऊंगा या नहीं।
- कुलदीप कुमार, मेयर