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Chandigarh News: प्रशासन को तकनीकी प्रगति, पर्यावरण और जनता की भागीदारी जैसे नए क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (आईआईपीए) पंजाब और चंडीगढ़ रीजनल ब्रांच के सहयोग से प्रील्यूड कॉन्फ्रेंस 2025 का आयोजन किया। यह आयोजन सार्वजनिक नीति और लोक प्रशासन में उभरते रुझान विषय पर किया गया। यह सम्मेलन हर साल देशभर में आयोजित किया जाता है ताकि नई नीतियों और प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा सके।
कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष डॉ. भावना गुप्ता के संबोधन से हुई। इसके बाद प्रो. रमनजीत कौर जोहल ने विषय पर प्रस्तुति दी और प्रो. बीएस घुमन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। वक्ताओं ने बताया कि बदलते समय में प्रशासन को तकनीकी प्रगति, पर्यावरण और जनता की भागीदारी जैसे नए क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए। चर्चा के दौरान डेटा-आधारित गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और सामाजिक नीति जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए। प्रो. घुमन ने कहा कि आज के दौर में लोक प्रशासन को साक्ष्य और शोध पर आधारित नीतियां बनानी चाहिए ताकि उनका लाभ आम लोगों तक पहुंचे। कार्यक्रम का समापन शोधार्थी अनमोल रत्तन सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष डॉ. भावना गुप्ता के संबोधन से हुई। इसके बाद प्रो. रमनजीत कौर जोहल ने विषय पर प्रस्तुति दी और प्रो. बीएस घुमन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। वक्ताओं ने बताया कि बदलते समय में प्रशासन को तकनीकी प्रगति, पर्यावरण और जनता की भागीदारी जैसे नए क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए। चर्चा के दौरान डेटा-आधारित गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और सामाजिक नीति जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए। प्रो. घुमन ने कहा कि आज के दौर में लोक प्रशासन को साक्ष्य और शोध पर आधारित नीतियां बनानी चाहिए ताकि उनका लाभ आम लोगों तक पहुंचे। कार्यक्रम का समापन शोधार्थी अनमोल रत्तन सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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