नहीं जागा प्रशासन: पटियाला की राव में फंसी थार, लोगों ने सवारों को बचाया, इसी जगह पर हो चुकी है दो की मौत
गांव टांडी के सरपंच सज्जन सिंह ने बताया कि बरसात में गांव से निकलना मुश्किल हो जाता है।वह सरकार को कई पत्र लिख चुके हैं। चुनाव के समय हर पार्टी का नेता बड़े-बड़े वादे करता है। आप की सरकार से उम्मीद थी लेकिन छह जुलाई को इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
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चंडीगढ़ के नजदीक हरियाणा-पंजाब की सीमा पर बसे गांव टांडी में छह जुलाई को पटियाला की राव नदी में तेज बहाव के कारण टैक्सी बह जाने के कारण दो लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद रविवार को उसी जगह पर फिर से थार गाड़ी फंस गई। इसमें दो लोग बैठे थे और ये लोग बद्दी से पीजीआई में ऑपरेशन का कोई सामान देने जा रहे थे।
ग्रामीणों ने मशक्कत कर कार और दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन की तरफ से वहां पर अभी तक कोई भी सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए गए हैं। जानकारी के अनुसार छह जुलाई को पटियाला की राव नदी में एक टैक्सी बह गई थी। उसमें सवार चालक गौरव और सवारी पूजा की मौत हो गई थी। उनका शव करीब 12 किलोमीटर दूर गांव धनास के पास मिला था लेकिन प्रशासन ने इस घटना के बाद भी उस जगह पर सुरक्षा के कोई भी प्रबंध नहीं किए हैं।
रविवार को सुबह बारिश के दौरान हरियाणा की तरफ से आ रही एक थार कार उसी जगह फिर फंस गई। घटना सुबह करीब सात बजे की है। गाड़ी को फंसा हुआ देखकर मौके पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने बड़ी मशक्कत करके गाड़ी में सवार दोनों लोगों और गाड़ी को नदी में बहने से बचा लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन को पिछले कई सालों से इस जगह पर पुल बनाने के लिए पत्र लिखे रहे हैं, फिर भी प्रशासन यहां पर कोई भी सुरक्षा प्रबंध नहीं कर रहा है।
गांव टांडी के सरपंच सज्जन सिंह ने बताया कि बरसात के दिनों में उनके गांव से निकलना बड़ा मुश्किल होता है। इसके लिए वह सरकार को कई पत्र लिख चुके हैं। चुनाव के समय हर पार्टी का नेता आकर बड़े-बड़े वादे करता है। आम आदमी पार्टी की सरकार से उम्मीद थी कि वह इस इलाके के लिए विकास के लिए कुछ काम करेंगे लेकिन छह जुलाई को इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी सरकार की तरफ से कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं आया है। अभी तक यहां पर कोई भी सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए गए हैं। अगर ग्रामीण इकट्ठा न होते तो इस हादसे में भी जानी नुकसान हो सकता था।
जिस जगह पर यह हादसा हुआ है, वहां पर पानी का प्राकृतिक बहाव है। प्राकृतिक पानी के बहाव को रोका नहीं जा सकता। उसके लिए लोगों को सजग होना पड़ेगा। जल्द ही वहां पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं। वहां पर पुल बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेजकर जल्द ही पुल बनवाया जाएगा। - रविंदर सिंह, एसडीएम, खरड़।