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अमृतसरः तरनतारन से पकड़े गए चारों आतंकियों की कोर्ट में पेशी, 11 दिन के रिमांड पर भेजे गए
Tue, 24 Sep 2019 09:20 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 24 Sep 2019 09:20 AM IST
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आतंकियों को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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तरनतारन के कस्बा चोहला साहिब से पंजाब पुलिस व काउंटर इंटेलिजेंस विंग द्वारा गिरफ्तार किए गए आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के चार आतंकवादियों को सोमवार बाद दोपहर जिला अदालत में पेश किया गया। अदालत ने चारों आतंकवादियों को तीन अक्तूबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया।
काउंटर इंटेलिजेंस विंग और पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने इन आतंकवादियों बलवंत सिंह उर्फ बाबा उर्फ निहंग, आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलबीर सिंह के पुलिस रिमांड की मांग करते हुए अदालत से आग्रह किया कि इनसे कई सवाल पूछे जाने हैं।
इन्हें हथियार कहां से मिले, इनके साथ और कौन-कौन से आतंकी संगठनों के लोग थे, इन्होंने कहां आतंकी वारदात को अंजाम देना था, इन सभी सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। चारों आतंकवादियों से की गई प्रारंभिक पूछताछ से पुलिस ने दावा किया है कि केजेडएफ के इन आतंकवादियों ने पंजाब के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी हमले की योजना बनाई थी।
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कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया
सोमवार को इन चारों आतंकवादियों को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान जिला अदालत परिसर लोगों से खचाखच भरा हुआ था। पुलिस जब आरोपियों को अदालत में पेश करने के लिए लेकर जा रही थी तो इनके चेहरों पर कोई शिकन नहीं थी। आतंकी बलवंत सिंह उर्फ बाबा उर्फ निहंग मुस्कुरा रहा था। बाबा और आकाशदीप पर पहले ही कई मामले दर्ज हैं।
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काउंटर इंटेलिजेंस विंग और पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने इन आतंकवादियों बलवंत सिंह उर्फ बाबा उर्फ निहंग, आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलबीर सिंह के पुलिस रिमांड की मांग करते हुए अदालत से आग्रह किया कि इनसे कई सवाल पूछे जाने हैं।
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इन्हें हथियार कहां से मिले, इनके साथ और कौन-कौन से आतंकी संगठनों के लोग थे, इन्होंने कहां आतंकी वारदात को अंजाम देना था, इन सभी सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। चारों आतंकवादियों से की गई प्रारंभिक पूछताछ से पुलिस ने दावा किया है कि केजेडएफ के इन आतंकवादियों ने पंजाब के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी हमले की योजना बनाई थी।
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कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया
सोमवार को इन चारों आतंकवादियों को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान जिला अदालत परिसर लोगों से खचाखच भरा हुआ था। पुलिस जब आरोपियों को अदालत में पेश करने के लिए लेकर जा रही थी तो इनके चेहरों पर कोई शिकन नहीं थी। आतंकी बलवंत सिंह उर्फ बाबा उर्फ निहंग मुस्कुरा रहा था। बाबा और आकाशदीप पर पहले ही कई मामले दर्ज हैं।
चोहला साहिब से किया था गिरफ्तार
इन चारों आतंकवादियों को दो दिन पहले पुलिस ने हथियारों के साथ चोहला साहिब से गिरफ्तार किया था। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी केतन बालीराम पाटिल की अगुवाई में विभिन्न टीमों ने बलवंत सिंह बाबा उर्फ निहंग, आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलबीर सिंह को गिरफ्तार किया। चारों को पांच एके 47, पिस्तौल, सैटेलाइट फोन और हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया है। चारों सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट कार (पीबी 65 एक्स 8042) में सवार थे।
जानकारी के अनुसार अमृतसर केंद्रीय जेल में असलाह एक्ट के अंतर्गत सजा काट रहे मान सिंह ने गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा के कहने पर आकाशदीप को खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स में भर्ती किया था। आकाशदीप और बाबा की क्रिमनल बैकग्राउंड है, दोनों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। मान सिंह और आकाशदीप सिंह एक साथ अमृतसर जेल में बंद थे। हथियारों की खेप प्राप्त करने वाले आतंकवादी बाबा बलवंत सिंह पहले ही बब्बर खालसा इंटरनेशनल आतंकी संगठन का सदस्य रहा है। उ
उसके खिलाफ पहले ही मुकंदपुर (शहीद भगत सिंह नगर) की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। आजकल बाबा जमानत पर था। अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल थाने में 22 सितंबर को मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार तरनतारन के गांव पंडोरी गोला में हुए बम ब्लास्ट के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार आठ आरोपियों के साथ इनके तार जुड़े हुए हैं। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और साजिश के प्रभाव को देखते हुए केस एनआईए के सौंपने का फैसला किया है।
प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि हथियार और अन्य चीजें सरहद पार से ड्रोन के जरिए भेजी गईं। जिसे देखते हुए सीएम ने केंद्र से मांग रखी है कि इसे रोकने को बीएसएफ और वायु सेना को हिदायत दी जाए।
जानकारी के अनुसार अमृतसर केंद्रीय जेल में असलाह एक्ट के अंतर्गत सजा काट रहे मान सिंह ने गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा के कहने पर आकाशदीप को खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स में भर्ती किया था। आकाशदीप और बाबा की क्रिमनल बैकग्राउंड है, दोनों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। मान सिंह और आकाशदीप सिंह एक साथ अमृतसर जेल में बंद थे। हथियारों की खेप प्राप्त करने वाले आतंकवादी बाबा बलवंत सिंह पहले ही बब्बर खालसा इंटरनेशनल आतंकी संगठन का सदस्य रहा है। उ
उसके खिलाफ पहले ही मुकंदपुर (शहीद भगत सिंह नगर) की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। आजकल बाबा जमानत पर था। अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल थाने में 22 सितंबर को मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार तरनतारन के गांव पंडोरी गोला में हुए बम ब्लास्ट के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार आठ आरोपियों के साथ इनके तार जुड़े हुए हैं। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और साजिश के प्रभाव को देखते हुए केस एनआईए के सौंपने का फैसला किया है।
प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि हथियार और अन्य चीजें सरहद पार से ड्रोन के जरिए भेजी गईं। जिसे देखते हुए सीएम ने केंद्र से मांग रखी है कि इसे रोकने को बीएसएफ और वायु सेना को हिदायत दी जाए।
पंजाब और जम्मू -कश्मीर में आतंकी घटनाओं को देना था अंजाम
डीजीपी ने कहा कि बहुत संभावना है कि ये हथियार आईएसआई द्वारा स्पॉन्सर जेहादी और खालिस्तान समर्थक आतंकी ग्रुपों द्वारा पाक के ड्रोन से पहुंचाए गए। हाल ही में जम्मू कश्मीर में हुए घटनाक्रम के मद्देनजर बड़े पैमाने पर की जा रही घुसपैठ का मकसद जेएंडके, पंजाब व अन्य हिस्सों में आतंकी घटनाओं को अंजाम देना है।
यह गिरोह खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख रणजीत सिंह नीटा और उसके जर्मन सहयोगी गुरमीत सिंह बग्गा उर्फ डॉक्टर द्वारा चलाया जा रहा था। स्थानीय स्लीपर सेल की मदद से इन्होंने और सदस्य बनाने का काम किया है। सरहद पार से फंड और हथियारों का प्रबंध किया जाता था।
ये हुआ बरामद
आतंकियों से मिले सामान में पांच एके 47, 16 मैगजीन, 472 गोली सिक्का, चार चीन की बनी .30 पिस्टल, आठ मैगजीन और 72 गोली सिक्का, नौ हैंड ग्रेनेड, पांच सैटेलाइट फोन, दो मोबाइल फोन, दो वायरलेस सेट और दस लाख रुपये की भारतीय करंसी शामिल है।
यह गिरोह खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख रणजीत सिंह नीटा और उसके जर्मन सहयोगी गुरमीत सिंह बग्गा उर्फ डॉक्टर द्वारा चलाया जा रहा था। स्थानीय स्लीपर सेल की मदद से इन्होंने और सदस्य बनाने का काम किया है। सरहद पार से फंड और हथियारों का प्रबंध किया जाता था।
ये हुआ बरामद
आतंकियों से मिले सामान में पांच एके 47, 16 मैगजीन, 472 गोली सिक्का, चार चीन की बनी .30 पिस्टल, आठ मैगजीन और 72 गोली सिक्का, नौ हैंड ग्रेनेड, पांच सैटेलाइट फोन, दो मोबाइल फोन, दो वायरलेस सेट और दस लाख रुपये की भारतीय करंसी शामिल है।