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बंदरों से बचकर भागे, देखिए फिर इन दो भाईयों के साथ क्या हुआ

Sun, 23 Apr 2017 09:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 23 Apr 2017 09:31 AM IST
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terror of  monkeys in chandigarh
बंदरों ने दो भाईयों पर किया हमला - फोटो : अमर उजाला
रॉक गार्डन में घूमने गए दो भाइयों पर बंदरों के एक झुंड ने हमला बोल दिया। बचकर भागे तो दीवार फांदने के चक्कर में दोनों अपनी टांगे तुड़वा बैठे। दोनों को आनन-फानन में सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने प्लॉस्टर लगाया। वहीं इस हादसे केबाद से परिजनों में रोष है कि गार्डन के सिक्योरिटी गार्ड खड़े रहकर नजारा देखते रहे, लेकिन बच्चों को बंदरों से नहीं बचाया।
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सेक्टर-41 के साथ लगते गांव बड़हेड़ी निवासी साजिद व उसका भाई रियान रॉक गार्डन में जब झरने के पास फोटो खिंचवा रहे थे तो बंदरों के एक झुंड ने उन्हें घेर लिया। दोनों भाई बचकर भागे तो दोनोंभाई दीवार फांदने केचक्कर में गिर गए। हालांकि बंदर तो भाग गए, लेकिन दोनों की चीख सुनकर उनके पिता अबरार पहुंचे और बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। वहां दोनों बच्चों की टांगों में फ्रेक्चर की पुष्टी होने पर प्लॉस्टर किया गया। अबरार ने बताया कि बड़ा बेटा साजिद नौंवी कक्षा में पढ़ता है, जबकि रियान पांचवी का छात्र है।
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बंदर पीयू में रोज मचाते हैं हुड़दंग 
पंजाब यूनिवर्सिटी में भी बंदरों की काफी तादाद है। बंदरों केझुंड पूरा दिन यूनिवर्सिटी परिसर में हुड़दंग मचाते रहते हैं। खासतौर से स्पोर्ट्स हॉस्टल और रेजिडेंट एरिया में दर्जन भर बंदरों का झुंड कभी भी देखा जा सकता है। इस झुंड का पूरे एरिया में खौफ है। घर के बाहर पड़े सामान और कपड़े फाड़ने जैसी घटनाएं रोजाना होती रहती हैं।
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विभाग के सर्वे में 500 बंदर 

terror of  monkeys in chandigarh
बंदरों का आतंक
पिछले दिनों वन विभाग ने शहर में सर्वे कर बंदरों की पहचान की थी। इसमें सामने आया कि चंडीगढ़ शहर में करीब 500 बंदर हैं। सबसे ज्यादा इनकी तादाद सेक्टर-7, 26, रॉक गार्डन और पंजाब यूनिवर्सिटी में है। विभाग की तरफ बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाता है, लेकिन कुछ ही समय में वह फिर से शहर में दाखिल हो जाते हैं।

लाउडस्पीकर सिस्टम भी फेल 
वन विभाग की तरफ से सेक्टर-7 में एक अधिकारी केघर पर लाउडस्पीकर सिस्टम लगाया गया था। इससे तेज आवाज निकाली जाती थी, ताकि शोर से बंदर भाग जाएं, लेकिन बंदरों की हिम्मत देखिए, लाउडस्पीकर सिस्टम को ही तोड़ दिया। बंदरों की इस हरकत से विभाग की यह स्कीम फेल हो गई।

सेक्टर-7 में बंदरों ने मचाया था कोहराम 
करीब छह माह पहले भी बंदरों ने सेक्टर-7सी में कोहराम मचाया था। जहां एक महीनें में 11 लोगों को काट लिया था। इतना ही नहीं, दर्जन भर बंदरों ने एक युवती पर हमला बोलते हुए घर में घुसकर उसे कई जगह काटा था।
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