सावधान! चंडीगढ़ में शावक के साथ घूम रहा है तेंदुआ
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धनास के कुछ इलाकों में पंजों के ताजे निशान और बिखरे खून दिखे, जिससे एक हफ्ते से फैली तेंदुए की दहशत और बढ़ गई। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस के अलावा वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और पंजों की जांच की, जिसमें सामने आया कि सड़क पर बिखरा खून कुत्ते का है, जबकि पंजों के निशान तेंदुए और उसके शावक के हैं।
फॉरेस्ट ऑफिसर का कहना है कि अब तक जो सूचनाएं मिली हैं, उनके मुताबिक इस इलाके में तेंदुआ है और उसके साथ एक शावक भी है। धनास के पास हाउसिंग कॉलोनी के पास तेंदुए के पंजों के ताजे निशान मिले हैं। गनीमत यह है कि अब तक किसी व्यक्ति पर हमला नहीं हुआ है।
करीब एक हफ्ते पहले बोटेनिकल गार्डन में तेंदुए के निशान मिले थे। उसके बाद फॉरेस्ट प्रशासन की ओर से गार्डन में पिंजरा लगाया गया। तेंदुआ वहां तो नहीं आया, लेकिन गार्डन के सामने के जंगल में उसके निशान मिले। इसके बाद वहां भी पिंजरा लगाया गया, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।
सारंगपुर, खुड्डा लाहौरा व धनास में ज्यादा दहशत
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की ओर से इलाके में घोषणा करवाई गई है कि शाम के वक्त बच्चों को बाहर न घूमने दें। खासकर जंगल की ओर से उन्हें अकेले न जाने दें। अब तक जो भी निशान मिले हैं, उसके मुताबिक सारंगपुर, खुड्डा लाहौरा व धनास का इलाका तेंदुए के डर से प्रभावित है।
बताया जा रहा है कि आसपास के इलाके में कुत्तों की संख्या में काफी कमी आई है। लोगों का कहना है कि तेंदुआ ही कुत्तों को शिकार बना रहा है।
कुछ लोग कुत्ते को भी बता रहे तेंदुआ
इलाके के कुछ लोगों का यह भी कहना है कि किसी व्यक्ति का एक जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता पिछले दिनों गायब हो गया था। उसकी कद काठी काफी हद तक तेंदुए से मिलती है। लोग उसे भी तेंदुआ समझ रहे हैं, लेकिन जिन निशानों के बारे में फारेस्ट डिपार्टमेंट पुष्टि कर रहा है, फिर आखिर वे निशान किसके हैं।