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जीएमएसएच-16 में दवा की दो नई दुकानों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू, किराया तीन गुना बढ़ा

Tue, 13 Sep 2022 01:48 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2022 01:48 AM IST
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Tender process started for two new drug shops in GMSH-16, fare increased three times
चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 में दवा की दो नई दुकानों के लिए प्रशासन ने ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक लोग मंगलवार से बोली लगा सकेंगे। प्रशासन ने एक दुकान का 7.5 लाख जबकि दूसरी दुकान का आरक्षित किराया पांच लाख रुपये तय किया है। इच्छुक व्यक्तियों को इससे अधिक किराए की बोली लगानी होगी। कहा जा रहा है कि आरक्षित किराया पुरानी दुकान से तीन गुना ज्यादा है। ऐसे में आवेदन करने वाले काफी सोच-समझकर बोली लगाएंगे। दोनों दुकानें नवंबर तक संचालित होने लगेंगी।
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बता दें कि स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने बीते दिनों जीएमएसएच-16 का निरीक्षण किया था। इस दौरान पता चला कि 29 साल से यहां दवा की एकमात्र दुकान संचालित है और खास बात यह है कि इतने सालों से दुकान एक ही व्यक्ति के पास है, जिसका किराया 2.7 लाख रुपये है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य सचिव ने इस मामले में जांच बैठा दी और कहा कि इस मामले में जो लोग भी दोषी पाए गए, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दवा की एकमात्र दुकान के पास खाली पड़े गैराज और मेडिकल शॉप एरिया के एसटीडी-पीसीओ वाली दुकान को मेडिकल शॉप के लिए चिह्नित किया था।
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जीएमएसएच-16 के साथ ही मनीमाजरा, सेक्टर 22 और सेक्टर 45 के सिविल अस्पताल में भी दवा की एक-एक दुकान खोली जाएगी। वहां के लिए 2-2 लाख रुपये का किराया आरक्षित किया गया है। जीएमएसएच-16 की 7.50 लाख आरक्षित किराए वाले दुकान के लिए बोली जमा करने की अंतिम तिथि 18 अक्तूबर और अन्य दुकानों के लिए बोली जमा करने की अंतिम तिथि 10 अक्तूबर तय की गई है।
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दुकान संचालकों को इन मानकों को करना होगा पूरा
- दवा की दुकान सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे खुली रहेगी
- ब्रांडेड दवाओं के एमआरपी पर न्यूनतम 15 प्रतिशत छूट, जेनेरिक और ब्रांडेड जेनेरिक दवाओं के एमआरपी पर न्यूनतम 30 प्रतिशत की छूट और न्यूनतम 30 प्रतिशत की छूट देनी होगी
- सर्जिकल वस्तुओं की एमआरपी पर लाइसेंसधारी इन न्यूनतम सीमा से अधिक छूट देने के लिए स्वतंत्र होगा
- लाइसेंस शुरू में तीन साल की अवधि के लिए दिया जाएगा और साल दर साल आधार पर कुल मिलाकर पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है
- कोई भी व्यक्ति/फर्म/कंपनी या उसके परिवार का कोई भी सदस्य विशेष अस्पताल के परिसर में एक से अधिक दुकान संचालित करने के लिए पात्र नहीं होगा
इनसेट-
यहां इतना है किराया
पीजीआई- 80 लाख से 1.8 करोड़ तक
जीएमसीएच-32- 55 लाख से 80 लाख तक
जीएमएसएच-16- 2.7 लाख
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