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प्रशासन ने ही गायब कर दिए 10 हजार वोट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 11 Feb 2014 10:14 AM IST
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करीब दस हजार मतदाता गायब हो गए हैं। इससे प्रमुख राजनीतिक दलों में खलबली है। करीब एक सप्ताह से राजनीतिक पार्टियों ने इन्हें ढूंढने का अभियान छेड़ रखा है।
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असल में प्रशासन द्वारा कालोनी नंबर पांच को खाली कराने के बाद से ही इन मतदाताओं का पता नहीं चल रहा है।
कालोनी नंबर पांच में कुल 17 हजार वोट थे। पिछले साल नवंबर में प्रशासन इस कालोनी को बुलडोजर चलवा कर खाली करवा दिया।
यहां के लोगों को धनास में बनी पुनर्वास कालोनी शिफ्ट किया गया। जिन्हें मकान अलाट हुए ऐसे करीब सात हजार वोटर वहां शिफ्ट हुए। बाकी के दस हजार बेघर हो गए।
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उनमें से कुछ किराये के मकानों में चले गए और कुछ मोहाली अन्य जगहों पर चले गए। जिन्हें धनास में फ्लैट नहीं मिला उनका अता पता किसी के पास नहीं है।
अब चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों को अपने वोट बैंक की चिंता हुई तो इनकी तलाश शुरू हुई। इन दस हजार मतदाताओं को तलाशने के लिए चुनाव विभाग ने भी पिछले सप्ताह विशेष अभियान चलाया था।
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इन्हें वोट स्थानांतरित करने के लिए फार्म नंबर 8 ए भरना था। कालोनी नंबर पांच के जिन लोगों को धनास में शिफ्ट किया गया था उन्होंने तो यह फार्म भर कर अपने वोट स्थानांतरित करा लिए।
दो हजार को ढूंढने का दावा
मतदाताओं के गायब होने के बाद राजनीतिक पार्टियां सक्रिय हुईं तो प्रशासन भी जागा। प्रशासन ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर इनकी तलाश करने में मदद मांगी।
इसके बाद एक और दो फरवरी को विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान में बुड़ैल और हल्लोमाजरा में शिफ्ट हुए कुछ परिवारों की जानकारी मिली। राजनीतिक दलों का दावा है कि उन्होंने करीब दो हजार लोगों को ढूंढ लिया है।
पूर्व मेयर और कांग्रेस नेता प्रदीप छाबड़ा ने बताया कि हमारी पार्टी ने इन गायब दस हजार मतदाताओं की तलाश के लिए काफी प्रयास किया है। कई टीमें गठित की गई थीं मगर बहुत कम परिवारों के बारे में ही पता चल सका है। जिनका पता चल गया है उनके वोट स्थानांतरित कराए जा रहे हैं।