जमीन नाम करवाने की हुई डील, डेढ़ लाख रिश्वत लेते तहसीलदार व जेल वार्डन गिरफ्तार
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जमीन नाम करवाने के नाम पर रिश्वत लेते हुए तहसीलदार व जेल वार्डन को विजिलेंस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से काबू किया गया। गिरफ्तार तहसीलदार भवनेश कुमार आदमपुर में अंडर ट्रेनिंग कार्यरत है, जबकि जेल वार्डन गांव लुदास निवासी संत कुमार जेल नंबर एक में तैनात था। इस मामले में दोनों सरकारी जमीन कम रेट पर नाम करवाने के लिए 20 लाख रुपये मांग रहे थे। दोनों इस मामले में डेढ़ लाख की टोकन मनी लेते हुए विजिलेंस के हत्थे चढ़ गए।
बीड़ फार्म की जमीन नाम करवाने के लिए हुई थी डील
मामले के अनुसार करनाल के गांव निगदू निवासी सोहन लाल ने विजिलेंस टीम को शिकायत दी थी। अपनी शिकायत में सोहन लाल ने बताया कि उसकी जेल वार्डन संत कुमार के साथ जान-पहचान है। संत कुमार ने उसको बताया कि वह शहर के नजदीक बीड़ फार्म की पांच एकड़ सरकारी जमीन सस्ते रेट पर उसके नाम पर करवा देगा।
इसके बाद उनके बीच में सौदा तय हो गया। जब उसने संत कुमार से जमीन नाम करवाने की बात कही तो उसने कहा कि इस काम के लिए आदमपुर तहसीलदार भवनेश कुमार को 20 लाख रुपये देने पड़ेंगे और उसमें से डेढ़ लाख रुपये पहले देने होंगे। रिश्वत की मांग करने पर सोहनलाल को उस पर शक हो गया और उसने इस पूरे मामले की शिकायत विजिलेंस को कर दी।
तहसीलदार को टोल तो वार्डन को पेट्रोल पंप के पास बुलाया
शिकायत मिलने के बाद डीएसपी विजिलेंस शरीफ सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। इसमें सब इंस्पेक्टर धर्मबीर दहिया, ईएचसी रमेश कुमार, ईएचसी प्रदीप कुमार, धर्मबीर सिंह व ईएएसआई रमेश कुमार को शामिल किया गया। टीम ने अपना जाल बिछाकर सोहन लाल को दोनों आरोपियों से डील करने के लिए भेज दिया।
सोहनलाल ने तहसीलदार को सिरसा रोड पर चिकनवास टोल के पास पैसे देने के लिए बुला लिया। जब तहसीलदार एक लाख की नकदी लेकर जाने लगा तो विजिलेंस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा आरोपी जेल वार्डन को सचिवालय के पास स्थित पेट्रोल पंप के पास से 50 हजार की नकदी के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।