फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Teachers will get rid of non-academic work in chandigarh

गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मिलेगा छुटकारा, छात्रों के लिए प्रशासन ने लिया निर्णय

Fri, 13 Jul 2018 09:51 AM IST
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 13 Jul 2018 09:51 AM IST
विज्ञापन
Teachers will get rid of non-academic work in chandigarh
सांकेतिक तस्वीर
 यूटी प्रशासन ने शहर के सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था के लिए बड़ा फैसला लिया है। शहर के सभी सरकारी स्कूलों में छात्रों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को अब गैर शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से जल्द ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। गुरूवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रशासक ने इसकी मंजूरी दे दी गई है।
विज्ञापन

सूत्रों की मानें तो गुरूवार को प्रशासक के नेतृत्व में यूटी प्रशासन की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें शिक्षकों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब शिक्षकों से केवल स्कूलों में पढ़ाने का काम ही लिया जाएगा। बता दें स्कूलों के खराब रिजल्ट पर सरकारी स्कूल के चार प्रधानाचार्यों और चार शिक्षकों पर कार्रवाई हो चुकी है। 
विज्ञापन


बीएलओ का काम नहीं लिया जाएगा
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब शिक्षकों से बीएलओ का काम नहीं लिया जाएगा। नियमानुसार सिर्फ 10 वर्ष में होने वाली जनगणना, आपदा राहत कार्य और चुनाव के दौरान टीचर की सेवाएं गैर शैक्षणिक कार्य के तौर पर ली जाएंगी। इसके अलावा इन्हें बीएलओ सहित अन्य गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ ही दायित्वों का निर्वहन बेहतर तरीके से कर सकेंगे।  
विज्ञापन
विज्ञापन


गैर शैक्षणिक कार्यों के चलते होती है परेशानी
चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में खराब रिजल्ट आने केबाद शिक्षकों के निलंबन का मुद्दा इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। खराब रिजल्ट के पीछे शिक्षकों ने गैर शिक्षण कार्यों में लगाए जाने का तर्क दिया है। उनका कहना है कि प्रशासन उनसे शिक्षण के अलावा और कई काम ले रहा है, जिसके चलते स्कूलों में शिक्षण कार्य करने में समस्या आती है। इससे शिक्षक लामबंद होकर प्रशासन की मनमानी के खिलाफ सड़क आंदोलन करने की बात कह रहे हैं।  


इन्हें भी लाना होगा बेहतर रिजल्ट
हरियाणा और पंजाब से डेपुटेशन पर चंडीगढ़ आने वाले शिक्षक और शिक्षिकाओं को भी अपना रिजल्ट बेहतर लाना होगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। अभी तक डेपुटेशन पर आने वाले शिक्षकों पर शिक्षण कार्य को लेकर कोई दबाव नहीं रहता था, लेकिन अब इन्हें भी अपना रिजल्ट 75 फीसदी लाना होगा। प्रशासन की ओर से ऐसा शिक्षा में एकरूपता लाने के लिए किया जा रहा है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed