फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Teachers who do not get corona vaccine in Haryana will not get entry in schools

हरियाणा में सख्त फैसला: कोरोना वैक्सीन न लगवाने वाले 21800 से ज्यादा शिक्षकों की लगेगी गैरहाजिरी, स्कूल में नहीं मिलेगा प्रवेश

Thu, 30 Dec 2021 11:21 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 30 Dec 2021 11:21 PM IST
सार

हरियाणा में एक जनवरी से कोरोना टीकाकरण नहीं करवाने वालों शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। इन शिक्षकों को स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलेगा। सरकार भी इन्हें गैरहाजिर मानेगी। शिक्षा मंत्री ने सख्त आदेश जारी किया है। 

विज्ञापन
Teachers who do not get corona vaccine in Haryana will not get entry in schools
कोरोना टीका - फोटो : पीटीआई

विस्तार

हरियाणा में बिना टीकाकरण वाले 21800 से अधिक शिक्षकों की पहली जनवरी से गैरहाजिरी लगेगी। इन्हें स्कूलों में प्रवेश भी नहीं मिल पाएगा। शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है। कंवर पाल इन शिक्षकों के एक भी कोरोना रोधी डोज न लेने से सख्त नाराज हैं। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को टीकाकरण न करवाने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। 

विज्ञापन


कंवर पाल का कहना है कि स्कूल अभी बंद नहीं होंगे। कक्षाएं चलती रहेंगी। स्कूलों में कोविड नियमों का पालन किया जा रहा है। मौसम के अनुसार निर्णय लेंगे। अगर ठंड अधिक बढ़ती है तो स्कूल बंद करने पर विचार किया जाएगा। प्रदेश के 22 जिलों में 14 हजार 159 सरकारी स्कूल हैं। इनमें 1 लाख 4 हजार 123 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से 28 हजार 232 ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली ही डोज ली है, वहीं 54 हजार 75 ऐसे शिक्षक हैं, जो दोनों डोज ले चुके हैं। 21800 शिक्षकों ने एक भी टीका नहीं लगवाया है। जिन शिक्षकों ने एक डोज लगवा ली है और दूसरी के लिए अभी समय शेष है, उन्हें स्कूलों में प्रवेश मिलेगा। एक के बाद दूसरी डोज न लगवाने वाले शिक्षकों के प्रवेश पर शुक्रवार को निर्णय होगा। 
विज्ञापन


बच्चों के टीकाकरण, बूस्टर डोज के लिए तैयार किए कर्मचारी
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के टीकाकरण और बूस्टर डोज लगाने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों को तैयार कर लिया है। जिला टीकाकरण अधिकारियों, शहरी नोडल अधिकारियों एवं डाटा मैनेजर को अनुकूलन कार्यक्रम में प्रशिक्षण दिया गया है। कोविन पर इनकी उपयोगिता जल्द ही उपलब्ध होगी। इस समय राज्य में प्रतिदिन परीक्षण क्षमता लगभग 1,35,650 है।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि कोविड-19 की जांच के लिए 24 सरकारी मॉलिक्यूलर लैब हैं। इनमें से 15 जिला मॉलिक्यूलर लैब और 6 मेडिकल कॉलेज लैब के रूप में कार्य कर रहे हैं। बाकी तीन टीएचएसटीआई, फरीदाबाद (गोल लैब), आईएमटेक चंडीगढ़ (भारत सरकार) और कमांड अस्पताल चंडी मंदिर में कार्यरत हैं। इन प्रयोगशालाओं की प्रतिदिन परीक्षण क्षमता लगभग 31,000 है। 


जल्द ही तीन और जिला मॉलिक्यूलर प्रयोगशालाएं स्थापित किए जाने की संभावना है। 1,04,650 की प्रतिदिन परीक्षण क्षमता के साथ 23 निजी पैनलबद्ध मॉलिक्यूलर प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं हैं। प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट 84 (40 पी एम केयर व 44 सीएसआर), ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स 7219, बीआई-पीएपी 751, हाई फ्लो नेसल कन्नुला (एचएफएनसी) 166, ऑक्सीजन सिलिंडर (डी-टाइप) 4950, ऑक्सीजन सिलिंडर (बी-टाइप) 9067 उपलब्ध हैं। ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को कोरोना नियमों का पालन सख्ती से करवाने के निर्देश दिए ताकि बढ़ते संक्रमण को रोका जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed