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Chandigarh News: सेक्टर 20 से आती थीं टीचर, उनके बीच से साइकिल निकालते थे छात्र अरविंद जैन

Sun, 19 Apr 2026 02:37 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 02:37 AM IST
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Teachers used to come from Sector 20, student Arvind Jain used to cycle through them.
चंडीगढ़। सेक्टर-16 के सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को 1976 बैच की एलुमनी मीट का आयोजन किया गया। इसमें देश-विदेश से पहुंचे 13 पुराने विद्यार्थियों ने अपने समय के किस्से साझा किए। हालांकि कई पूर्व विद्यार्थी इजराइल-ईरान युद्ध के कारण भारत नहीं पहुंच सके। कार्यक्रम पहले से तय था, इसलिए जो लोग आए, उनके साथ ही समारोह आयोजित किया गया।
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इस बैच ने 4 एसी डोनेट किए। इससे पहले 40 एसी पहले ही डोनेट किए जा चुके हैं। इसके साथ ही यह देश का पहला स्कूल बन गया है जो पूरी तरह एसी है। बैच के स्वागत में स्कूल ने केक सेरेमनी कराई। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उनके सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। अंत में पूर्व विद्यार्थी क्लासरूम में पहुंचे, जहां उनकी टीचर ने उन्हें बोर्ड पर पढ़ाया। अगले साल 1957 से लेकर 2015 तक के सभी एलुमनी को बुलाकर ग्लोबल मीट आयोजित की जाएगी, क्योंकि अगले साल चंडीगढ़ को बने 75 साल पूरे हो जाएंगे। 1957 में सेक्टर-16 में यह स्कूल बना था।
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पूर्व छात्र अरविंद जैन ने बताया कि उनके समय में वह सेक्टर-21 में रहते थे और सेक्टर-20 से बायोलॉजी टीचर सुरिंदर कौर और उषा दुआ खुल्लर साइकिल से आया करती थीं। वह शरारती थे और उनके बीच से साइकिल निकालकर निकल जाते थे। वह कभी टाई लगाकर नहीं आते थे और फिर डांट खाते थे।
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डॉ. रोहित ने कहा कि वह पढ़ाई में अच्छे थे और रोज होमवर्क करके आते थे। एक दिन उनकी क्लास में किसी ने होमवर्क नहीं किया तो टीचर ने सबको खड़ा कर दिया। उन्होंने टीचर से कहा कि वह कॉपी घर भूल गए हैं, लेकिन होमवर्क उन्होंने किया था। उनकी छवि के कारण टीचर ने उन्हें बैठने की अनुमति दे दी।

पूर्णिमा भाटिया शर्मा, मनिंदरजीत कौर और डेजी ने कहा कि वे 50 साल बाद मिले हैं। उन्होंने बताया कि एक बार उन्हें कव्वाली गाने के लिए कहा गया तो गाते समय भी उन्होंने शरारत कर दी। उन्होंने मजाक में गाया, मैं क्या करूं राम, मुझे जीरो मिल गया। उन्होंने बताया कि वे लंगड़ी टांग खेलने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। क्लास से बचने के लिए वे सिक रूम में जाकर छिप जाते थे। डेजी ने कहा कि उन्हें अंग्रेजी बोलना टीचर स्नेह वर्मा ने सिखाया।
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