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Chandigarh News: मोगा में अध्यापक यूनियनों की रोष रैली, फिरोजपुर–लुधियाना रोड जाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोगा। 14 दिसंबर को पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे में अध्यापक जसकरण सिंह और कमलप्रीत कौर की मौत के बाद उनका परिवार और अध्यापक यूनियनों का गुस्सा थम नहीं पाया। मृतक दंपती के दो बच्चों के भविष्य और मुआवजे को लेकर अध्यापक यूनियनों ने सरकार से दो बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्च, एक सरकारी नौकरी और 4 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी। हालांकि सरकार ने केवल 10-10 लाख रुपये मुआवज़े का एलान किया जिससे परिवार और यूनियनों में रोष बना।
इस गुस्से का प्रदर्शन आज 18 दिसंबर को मोगा की दाना मंडी में हुआ। पंजाब भर की विभिन्न अध्यापक यूनियन और किसान संगठनों ने विशाल रैली आयोजित की। रैली के बाद अध्यापकों ने सड़क जाम करने की चेतावनी दी। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही संघर्ष हो गया और प्रदर्शनकारियों ने फिरोजपुर–लुधियाना मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाए सरकार
करीब दो घंटे के बाद प्रशासन और अध्यापकों के बीच सहमति बनी। अध्यापक यूनियन डीटीएफ के सूबा प्रधान दिग्विजय पाल शर्मा ने कहा कि हमारी मांगें स्पष्ट हैं- दो बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च, एक सरकारी नौकरी और 4 करोड़ रुपये मुआवजा। सरकार की तरफ से केवल 10-10 लाख रुपये की पेशकश अस्वीकार्य है। शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने लिखित रूप से 28 जनवरी को पंजाब के फाइनेंस मिनिस्टर के साथ मीटिंग करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद ही अगली रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मृतक साथी की ड्यूटी पर हुई मौत के बाद परिवार को न्याय मिलना चाहिए और इसे लेकर अध्यापक पूरे पंजाब में लगातार आवाज उठाएंगे।
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मोगा। 14 दिसंबर को पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव ड्यूटी पर जाते समय सड़क हादसे में अध्यापक जसकरण सिंह और कमलप्रीत कौर की मौत के बाद उनका परिवार और अध्यापक यूनियनों का गुस्सा थम नहीं पाया। मृतक दंपती के दो बच्चों के भविष्य और मुआवजे को लेकर अध्यापक यूनियनों ने सरकार से दो बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्च, एक सरकारी नौकरी और 4 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी। हालांकि सरकार ने केवल 10-10 लाख रुपये मुआवज़े का एलान किया जिससे परिवार और यूनियनों में रोष बना।
इस गुस्से का प्रदर्शन आज 18 दिसंबर को मोगा की दाना मंडी में हुआ। पंजाब भर की विभिन्न अध्यापक यूनियन और किसान संगठनों ने विशाल रैली आयोजित की। रैली के बाद अध्यापकों ने सड़क जाम करने की चेतावनी दी। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही संघर्ष हो गया और प्रदर्शनकारियों ने फिरोजपुर–लुधियाना मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।
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बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाए सरकार
करीब दो घंटे के बाद प्रशासन और अध्यापकों के बीच सहमति बनी। अध्यापक यूनियन डीटीएफ के सूबा प्रधान दिग्विजय पाल शर्मा ने कहा कि हमारी मांगें स्पष्ट हैं- दो बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च, एक सरकारी नौकरी और 4 करोड़ रुपये मुआवजा। सरकार की तरफ से केवल 10-10 लाख रुपये की पेशकश अस्वीकार्य है। शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने लिखित रूप से 28 जनवरी को पंजाब के फाइनेंस मिनिस्टर के साथ मीटिंग करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद ही अगली रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि मृतक साथी की ड्यूटी पर हुई मौत के बाद परिवार को न्याय मिलना चाहिए और इसे लेकर अध्यापक पूरे पंजाब में लगातार आवाज उठाएंगे।
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