{"_id":"61b3bd0cbcc08d659d22e331","slug":"teachers-seventh-pay-scale-pu-departments-should-be-closed-chandigarh-news-pkl4356655113","type":"story","status":"publish","title_hn":"सातवें वेतनमान को लेकर शिक्षकों का आक्रोश बढ़ा, पीयू के विभाग बंद करवाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सातवें वेतनमान को लेकर शिक्षकों का आक्रोश बढ़ा, पीयू के विभाग बंद करवाए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। सातवें वेतनमान को लेकर शिक्षकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पीयू के शिक्षकों ने पुटा के बैनर तले प्रदर्शन किया। पूरे कैंपस में घूमकर विभाग बंद करवाए। शिक्षण कार्य पूरी तरह बंद रहा। विद्यार्थियों व शोधार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 23 दिसंबर से परीक्षाएं हैं। वहीं, छात्रों का कोर्स पूरा नहीं हो पाया है। पंजाब सरकार के खिलाफ इन शिक्षकों का गुस्सा तेज हो रहा है।
पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के पदाधिकारी पीयू के गेट नंबर दो पर एकत्रित हुए। वहां सभी ने धरना दिया। पुटा सचिव अमरजीत सिंह नौरा ने कहा कि पंजाब सरकार नहीं चाहती कि शिक्षा व्यवस्था आगे बढ़े। विद्यार्थियों के भविष्य की कोई चिंता ही नहीं है। तीन माह से लगातार प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई। केवल आश्वासन दिए गए हैं, जबकि यह मांग मुख्यमंत्री तक पहुंच गई है।
इसके अलावा डिग्री कॉलेजों में तैनात होने वाले नए शिक्षकों का वेतनमान यूजीसी के मुताबिक करने की मांग उठाई गई। वरिष्ठ शिक्षकों ने भी यहां विचार रखे। उसके बाद शिक्षकों ने बॉटनी विभाग, गणित विभाग, सांख्यिकीय विभाग आदि बंद करवाए। विभागों में पहुंचे विद्यार्थी अपने-अपने घर चले गए। उन्होंने कहा कि पढ़ाई नहीं होने से भविष्य प्रभावित होगा। परीक्षाएं सिर पर हैं। वहीं, दूसरी ओर शिक्षकों का कहना है कि परीक्षाएं वह तभी करवाएंगे, जब उनकी मांगें पूरी हो जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के पदाधिकारी पीयू के गेट नंबर दो पर एकत्रित हुए। वहां सभी ने धरना दिया। पुटा सचिव अमरजीत सिंह नौरा ने कहा कि पंजाब सरकार नहीं चाहती कि शिक्षा व्यवस्था आगे बढ़े। विद्यार्थियों के भविष्य की कोई चिंता ही नहीं है। तीन माह से लगातार प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई। केवल आश्वासन दिए गए हैं, जबकि यह मांग मुख्यमंत्री तक पहुंच गई है।
विज्ञापन
इसके अलावा डिग्री कॉलेजों में तैनात होने वाले नए शिक्षकों का वेतनमान यूजीसी के मुताबिक करने की मांग उठाई गई। वरिष्ठ शिक्षकों ने भी यहां विचार रखे। उसके बाद शिक्षकों ने बॉटनी विभाग, गणित विभाग, सांख्यिकीय विभाग आदि बंद करवाए। विभागों में पहुंचे विद्यार्थी अपने-अपने घर चले गए। उन्होंने कहा कि पढ़ाई नहीं होने से भविष्य प्रभावित होगा। परीक्षाएं सिर पर हैं। वहीं, दूसरी ओर शिक्षकों का कहना है कि परीक्षाएं वह तभी करवाएंगे, जब उनकी मांगें पूरी हो जाएंगी।
विज्ञापन