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7 जिलों के टीचरों का डीजीएसई दफ्तर पर धरना
अमर उजाला, मोहाली
Updated Wed, 27 Nov 2013 05:59 PM IST
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टीचरों की जायज मांगों पर अधिकारियों के टाल-मटोल के रवैये के खिलाफ गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन ने डीजीएसई दफ्तर पर तीन दिन का धरना शुरू किया।
पहले दिन मोहाली के अलावा फाजिल्का, फिरोजपुर, मुक्तसर, मोगा, लुधियाना, बरनाला के टीचर धरने पर बैठे। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई।
प्रदेश प्रधान करनैल सिंह संधू ने कहा कि मांगों पर शिक्षामंत्री व अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग बेनतीजा रहीं। जिसके चलते टीचरों को दूर-दराज से आकर धरना देने पर मजबूर होना पड़ा है।
उनकी मांगों में मास्टर कैडर की सांझी सीनियॉरिटी लिस्ट बनाना, नॉन प्लान के कच्चे पदों को पक्के पदों में तब्दील करना, विदेश जाने की छुट्टी व चाइल्ड केयर लीव मंजूर करने की शक्तियां स्कूल मुखी को देना, पेंडिंग केसों का निपटारा, कम नतीजों के कारण रुकी तरक्की के केस निपटाना आदि शामिल हैं।
महासचिव सुरजीत सिहं ने कहा कि शिक्षा विभाग आउटसोर्सिंग करके निजीकरण की राह आसान कर रहा है। जिला प्रधान कुलदीप सिंह व जसमेर सिंह ने मांग की कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे सभी मुलाजिमों को रेगुलर किया जाए।
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इस मौके पर हरनेक सिंह मावी, सुरिंदर कुमार, राजीव हांडा, मंगल टांडा, गुरदेव सिंह, कमलजीत सिंह भी मौजूद थे।
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पहले दिन मोहाली के अलावा फाजिल्का, फिरोजपुर, मुक्तसर, मोगा, लुधियाना, बरनाला के टीचर धरने पर बैठे। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई।
प्रदेश प्रधान करनैल सिंह संधू ने कहा कि मांगों पर शिक्षामंत्री व अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग बेनतीजा रहीं। जिसके चलते टीचरों को दूर-दराज से आकर धरना देने पर मजबूर होना पड़ा है।
उनकी मांगों में मास्टर कैडर की सांझी सीनियॉरिटी लिस्ट बनाना, नॉन प्लान के कच्चे पदों को पक्के पदों में तब्दील करना, विदेश जाने की छुट्टी व चाइल्ड केयर लीव मंजूर करने की शक्तियां स्कूल मुखी को देना, पेंडिंग केसों का निपटारा, कम नतीजों के कारण रुकी तरक्की के केस निपटाना आदि शामिल हैं।
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महासचिव सुरजीत सिहं ने कहा कि शिक्षा विभाग आउटसोर्सिंग करके निजीकरण की राह आसान कर रहा है। जिला प्रधान कुलदीप सिंह व जसमेर सिंह ने मांग की कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे सभी मुलाजिमों को रेगुलर किया जाए।
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इस मौके पर हरनेक सिंह मावी, सुरिंदर कुमार, राजीव हांडा, मंगल टांडा, गुरदेव सिंह, कमलजीत सिंह भी मौजूद थे।